यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के आभा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया
ईरान समर्थित यमन के हूती विद्रोहियों ने सोमवार को सऊदी अरब के आभा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाया है। विद्रोहियों ने दावा किया कि उन्होंने इस हमले में मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल किया। हूतियों के मुताबिक यह हमला यमन के सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हवाई हमलों के जवाब में किया गया है जिसके लिए उन्होंने सऊदी अरब को जिम्मेदार माना है।हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने टेलीग्राम पर एक वीडियो संदेश साझा करते हुए एयरलाइनों को सऊदी हवाई क्षेत्र से उड़ान न भरने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि जब तक सना हवाई अड्डे की नाकाबंदी नहीं हटाई जाती तब तक इस चेतावनी को पूरी गंभीरता से लिया जाना चाहिए। दूसरी तरफ यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने बताया कि सना हवाई अड्डे की हवाई पट्टी पर हमला एक ईरानी विमान को वहां उतरने से रोकने के लिए किया गया था।सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मालिकी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी दी कि उनकी वायु रक्षा प्रणाली ने दक्षिणी क्षेत्र की ओर दागी गई हूती बैलिस्टिक मिसाइलों को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया। वहीं यमन के रक्षा मंत्री जनरल ताहिर अल-अकीली ने स्पष्ट किया कि सना हवाई अड्डे पर कार्रवाई एक हूती प्रतिनिधिमंडल को वापस ला रहे ईरानी विमान को रोकने के लिए की गई थी।इस ताजा घटनाक्रम के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक में अधिकारियों ने क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की आशंका जताई है। संयुक्त राष्ट्र के राजनीतिक मामलों के सहायक महासचिव खालिद खियारी ने 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद को बताया कि यमन और यह पूरा क्षेत्र अब और अधिक तनाव झेलने की स्थिति में नहीं है। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने और संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता वाली शांति प्रक्रिया में शामिल होने की अपील की है।
ईरान समर्थित यमन के हूती विद्रोहियों ने सोमवार को सऊदी अरब के आभा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाया है। विद्रोहियों ने दावा किया कि उन्होंने इस हमले में मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल किया। हूतियों के मुताबिक यह हमला यमन के सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हवाई हमलों के जवाब में किया गया है जिसके लिए उन्होंने सऊदी अरब को जिम्मेदार माना है।
हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने टेलीग्राम पर एक वीडियो संदेश साझा करते हुए एयरलाइनों को सऊदी हवाई क्षेत्र से उड़ान न भरने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि जब तक सना हवाई अड्डे की नाकाबंदी नहीं हटाई जाती तब तक इस चेतावनी को पूरी गंभीरता से लिया जाना चाहिए। दूसरी तरफ यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने बताया कि सना हवाई अड्डे की हवाई पट्टी पर हमला एक ईरानी विमान को वहां उतरने से रोकने के लिए किया गया था।
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मालिकी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी दी कि उनकी वायु रक्षा प्रणाली ने दक्षिणी क्षेत्र की ओर दागी गई हूती बैलिस्टिक मिसाइलों को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया। वहीं यमन के रक्षा मंत्री जनरल ताहिर अल-अकीली ने स्पष्ट किया कि सना हवाई अड्डे पर कार्रवाई एक हूती प्रतिनिधिमंडल को वापस ला रहे ईरानी विमान को रोकने के लिए की गई थी।
इस ताजा घटनाक्रम के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक में अधिकारियों ने क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की आशंका जताई है। संयुक्त राष्ट्र के राजनीतिक मामलों के सहायक महासचिव खालिद खियारी ने 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद को बताया कि यमन और यह पूरा क्षेत्र अब और अधिक तनाव झेलने की स्थिति में नहीं है। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने और संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता वाली शांति प्रक्रिया में शामिल होने की अपील की है।
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