पूर्ववर्ती सरकारों के ‘भ्रष्टाचार के अड्डों’ को खत्म करेंगे: रेखा गुप्ता

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राष्ट्रीय राजधानी में पूर्ववर्ती सरकारों के समय रहे ‘‘भ्रष्टाचार के सभी अड्डों’’ को खत्म करने का बृहस्पतिवार को संकल्प लिया। उनका यह बयान उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना द्वारा पूर्ववर्ती आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की ‘जय भीम मुख्यमंत्री प्रतिभा विकास योजना’ में कथित भ्रष्टाचार की जांच के आदेश देने के एक दिन बाद आया है। वर्ष 2018 में शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी), कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी), राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निजी कोचिंग संस्थानों में अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के छात्रों को मुफ्त कोचिंग प्रदान करना था। हालांकि, इस साल फरवरी में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत नयी सरकार बनने के बाद इस योजना को बंद कर दिया गया था। एक कार्यक्रम में जब इस मामले की जांच के लिए जारी निर्देशों के बारे में पूछा गया तो गुप्ता ने कहा, ‘‘अगर आप किसी योजना के लिए 15 करोड़ रुपये आवंटित करते हैं और फिर 150 करोड़ रुपये के बिल जमा करते हैं, तो काम कैसे चलेगा? हम पूर्ववर्ती सरकारों के मौजूद भ्रष्टाचार के अड्डों को खत्म कर देंगे।’’ उन्होंने आश्वासन दिया कि जनता की ‘‘कड़ी मेहनत की कमाई’’ बर्बाद नहीं होगी।

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Jul 18, 2025 - 04:30
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पूर्ववर्ती सरकारों के ‘भ्रष्टाचार के अड्डों’ को खत्म करेंगे: रेखा गुप्ता

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राष्ट्रीय राजधानी में पूर्ववर्ती सरकारों के समय रहे ‘‘भ्रष्टाचार के सभी अड्डों’’ को खत्म करने का बृहस्पतिवार को संकल्प लिया। उनका यह बयान उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना द्वारा पूर्ववर्ती आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की ‘जय भीम मुख्यमंत्री प्रतिभा विकास योजना’ में कथित भ्रष्टाचार की जांच के आदेश देने के एक दिन बाद आया है।

वर्ष 2018 में शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी), कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी), राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निजी कोचिंग संस्थानों में अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के छात्रों को मुफ्त कोचिंग प्रदान करना था।

हालांकि, इस साल फरवरी में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत नयी सरकार बनने के बाद इस योजना को बंद कर दिया गया था। एक कार्यक्रम में जब इस मामले की जांच के लिए जारी निर्देशों के बारे में पूछा गया तो गुप्ता ने कहा, ‘‘अगर आप किसी योजना के लिए 15 करोड़ रुपये आवंटित करते हैं और फिर 150 करोड़ रुपये के बिल जमा करते हैं, तो काम कैसे चलेगा? हम पूर्ववर्ती सरकारों के मौजूद भ्रष्टाचार के अड्डों को खत्म कर देंगे।’’ उन्होंने आश्वासन दिया कि जनता की ‘‘कड़ी मेहनत की कमाई’’ बर्बाद नहीं होगी।

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