नेपाल के विदेश मंत्री Shishir Khanal ने दोस्ती का हाथ बढ़ाया पर Kalapani-Lipulekh पर चेताया भी

भारत के तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर आए नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने रविवार को नई दिल्ली में एक बेहद महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि नेपाल, भारत के साथ अपने सीमा विवाद को केवल कूटनीतिक बातचीत के जरिए ही हल करना चाहता है। खनाल ने जोर देकर कहा कि अगर दोनों देश खुले दिल से चर्चा की मेज पर बैठें, तो कोई भी ऐसी चुनौती नहीं है जिसे हल न किया जा सके।नेपाल के शीर्ष राजनयिक ने यह भी साफ किया कि काठमांडू की नई सरकार भारत को किसी संकीर्ण या अति-संवेदनशील नजरिए से नहीं देखती। इसके बजाय, उनका मकसद एक ऐसी साझेदारी को आगे बढ़ाना है जो दोनों देशों की तरक्की और समृद्धि के लिए फायदेमंद साबित हो।कालापानी और लिपुलेख पर जताई चिंतापत्रकारों के एक सवाल का जवाब देते हुए नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा, "कैलाश मानसरोवर यात्रा कई अलग-अलग सीमा रास्तों से होकर गुजरती है, और बहुत से लोग नेपाल के रास्ते यात्रा करते हैं। हमारी चिंता भारत और चीन के बीच कालापानी और लिपुलेख क्षेत्र को लेकर हुए समझौते के रिन्यूअल को लेकर है। हम बहुत लंबे समय से कह रहे हैं कि यह जमीन हमारी है और नेपाल की मर्जी के बिना दोनों देश आपस में ऐसा कोई समझौता नहीं कर सकते। हमने दोनों देशों को डिप्लोमैटिक लेटर भेजकर अपनी यह बात साफ तौर पर कह दी है।" #WATCH | Delhi: Nepal's Foreign Minister Shisir Khanal says, "Kailash Mansarovar Yatra happens through very different border points. Many travel through Nepal. Our concerns are with the renewal of the agreement between India and China through the Kalapani and Lipulekh area, where… pic.twitter.com/4OgWcpRGnW— ANI (@ANI) June 7, 2026 इसे भी पढ़ें: JMM की धमकी और CPM के कड़े Letter ने बढ़ाई INDIA गठबंधन की टेंशन, क्या करेगी Congress? एस जयशंकर से मुलाकात के बाद की बातनेपाल के विदेश मंत्री शुक्रवार को भारत पहुंचे थे। शनिवार को उन्होंने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ कई अहम मुद्दों पर बेहद सकारात्मक बातचीत की। इसके अगले दिन रविवार को उन्होंने मीडिया से बात की।उनका यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब हाल ही में नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह द्वारा सीमा विवाद को लेकर दिए गए बयानों की वजह से दोनों देशों के बीच थोड़ी राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई थी। इस माहौल के बीच शिशिर खनाल का यह दौरा और बयान दोनों देशों के रिश्तों को एक नई और सकारात्मक दिशा देने वाला माना जा रहा है। इसे भी पढ़ें: Malviya Nagar Fire: शेफ की एक गलती बनी 21 लोगों का काल, Main Power Cut होते ही कमरे बने 'मौत का चैंबर'भारत की तरक्की के कायल हुए खनालखनाल ने कहा, "हम भारत की तरफ बिल्कुल साफ नजर और पारदर्शी एजेंडे के साथ देख रहे हैं, और हमारा इकलौता एजेंडा नेपाल का आर्थिक विकास है। किसी भी मुद्दे पर उग्र-राष्ट्रवाद की बयानबाजी करने के बजाय, हम एक शांतिपूर्ण और डेटा-आधारित रास्ता अपना रहे हैं।"इसके साथ ही नेपाल के विदेश मंत्री ने भारत की ग्लोबल प्रोग्रेस और आर्थिक विकास की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि आज का भारत दुनिया के मंच पर एक हाई-टेक और आर्थिक महाशक्ति बनकर उभरा है। नेपाल भारत की इस विकास यात्रा और आधुनिक टेक्नोलॉजी के साथ कदम से कदम मिलाकर चलना चाहता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि एक उभरता हुआ भारत और आगे बढ़ने की चाह रखने वाला नेपाल मिलकर दोनों देशों के भविष्य को और बेहतर बनाएंगे।

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Jun 8, 2026 - 08:55
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नेपाल के विदेश मंत्री Shishir Khanal ने दोस्ती का हाथ बढ़ाया पर Kalapani-Lipulekh पर चेताया भी
भारत के तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर आए नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने रविवार को नई दिल्ली में एक बेहद महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि नेपाल, भारत के साथ अपने सीमा विवाद को केवल कूटनीतिक बातचीत के जरिए ही हल करना चाहता है। खनाल ने जोर देकर कहा कि अगर दोनों देश खुले दिल से चर्चा की मेज पर बैठें, तो कोई भी ऐसी चुनौती नहीं है जिसे हल न किया जा सके।

नेपाल के शीर्ष राजनयिक ने यह भी साफ किया कि काठमांडू की नई सरकार भारत को किसी संकीर्ण या अति-संवेदनशील नजरिए से नहीं देखती। इसके बजाय, उनका मकसद एक ऐसी साझेदारी को आगे बढ़ाना है जो दोनों देशों की तरक्की और समृद्धि के लिए फायदेमंद साबित हो।

कालापानी और लिपुलेख पर जताई चिंता

पत्रकारों के एक सवाल का जवाब देते हुए नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा, "कैलाश मानसरोवर यात्रा कई अलग-अलग सीमा रास्तों से होकर गुजरती है, और बहुत से लोग नेपाल के रास्ते यात्रा करते हैं। हमारी चिंता भारत और चीन के बीच कालापानी और लिपुलेख क्षेत्र को लेकर हुए समझौते के रिन्यूअल को लेकर है। हम बहुत लंबे समय से कह रहे हैं कि यह जमीन हमारी है और नेपाल की मर्जी के बिना दोनों देश आपस में ऐसा कोई समझौता नहीं कर सकते। हमने दोनों देशों को डिप्लोमैटिक लेटर भेजकर अपनी यह बात साफ तौर पर कह दी है।"


इसे भी पढ़ें: JMM की धमकी और CPM के कड़े Letter ने बढ़ाई INDIA गठबंधन की टेंशन, क्या करेगी Congress?

 

एस जयशंकर से मुलाकात के बाद की बात

नेपाल के विदेश मंत्री शुक्रवार को भारत पहुंचे थे। शनिवार को उन्होंने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ कई अहम मुद्दों पर बेहद सकारात्मक बातचीत की। इसके अगले दिन रविवार को उन्होंने मीडिया से बात की।

उनका यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब हाल ही में नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह द्वारा सीमा विवाद को लेकर दिए गए बयानों की वजह से दोनों देशों के बीच थोड़ी राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई थी। इस माहौल के बीच शिशिर खनाल का यह दौरा और बयान दोनों देशों के रिश्तों को एक नई और सकारात्मक दिशा देने वाला माना जा रहा है।
 

इसे भी पढ़ें: Malviya Nagar Fire: शेफ की एक गलती बनी 21 लोगों का काल, Main Power Cut होते ही कमरे बने 'मौत का चैंबर'


भारत की तरक्की के कायल हुए खनाल

खनाल ने कहा, "हम भारत की तरफ बिल्कुल साफ नजर और पारदर्शी एजेंडे के साथ देख रहे हैं, और हमारा इकलौता एजेंडा नेपाल का आर्थिक विकास है। किसी भी मुद्दे पर उग्र-राष्ट्रवाद की बयानबाजी करने के बजाय, हम एक शांतिपूर्ण और डेटा-आधारित रास्ता अपना रहे हैं।"

इसके साथ ही नेपाल के विदेश मंत्री ने भारत की ग्लोबल प्रोग्रेस और आर्थिक विकास की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि आज का भारत दुनिया के मंच पर एक हाई-टेक और आर्थिक महाशक्ति बनकर उभरा है। नेपाल भारत की इस विकास यात्रा और आधुनिक टेक्नोलॉजी के साथ कदम से कदम मिलाकर चलना चाहता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि एक उभरता हुआ भारत और आगे बढ़ने की चाह रखने वाला नेपाल मिलकर दोनों देशों के भविष्य को और बेहतर बनाएंगे।

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