एक तरफ जहां ईरान अपने सबसे लंबे समय तक रहे सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को नम आंखों से अंतिम विदाई दे रहा है, वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान पर बेहद तीखा और कूटनीतिक तंज कसा है। अमेरिका की आजादी की 250वीं वर्षगांठ के जश्न के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका "अच्छा" है, इसीलिए उसने ईरान को अंतिम संस्कार निपटाने के लिए एक हफ्ते की मोहलत दी है।
माउंट रशमोर से ट्रंप की हुंकार: 'ईरान समझौता करने को बेताब'
4 जुलाई के स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले दक्षिण डकोटा के प्रसिद्ध माउंट रशमोर (Mount Rushmore) में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मिडिल ईस्ट संकट का जिक्र किया। भीड़ के सामने अपने प्रशासन की सैन्य कार्रवाई का बखान करते हुए ट्रंप ने कहा "हमने ईरान की बहुत बुरी तरह पिटाई की है। वे अब समझौता करने के लिए बेताब हैं, वे बहुत बुरी तरह डील करना चाहते हैं। लेकिन चूंकि हम अच्छे लोग हैं, इसलिए हमने उन्हें उनके नेता के अंतिम संस्कार के लिए एक हफ्ते की मोहलत दे दी।" ट्रंप की इस आक्रामक टिप्पणी पर वहां मौजूद अमेरिकी भीड़ ने जोरदार तालियां बजाईं और ठहाके लगाए।
हमले के 4 महीने बाद शुरू हुआ खामेनेई का अंतिम संस्कार
गौरतलब है कि पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत इसी साल 28 फरवरी, 2026 को अमेरिका और इजरायल के एक संयुक्त हवाई हमले में हुई थी। इस हमले में खामेनेई के परिवार के कई सदस्य (बेटी, दामाद, पोती और बहू) भी मारे गए थे।
इस्लामिक परंपराओं के मुताबिक आमतौर पर शव को 24 घंटे के भीतर दफनाया जाता है, लेकिन युद्ध की स्थिति और सुरक्षा चिंताओं के कारण ईरान ने इसे टाल दिया था। पिछले महीने ईरान और अमेरिका के बीच हुए एक अस्थायी युद्धविराम (Ceasefire) के बाद ही अब इस अंतिम संस्कार का कार्यक्रम संभव हो सका है।
शुक्रवार को तेहरान के ग्रैंड मोसाला में हजारों की भीड़ के सामने खामेनेई का ताबूत अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। इस दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर ग़ालिबाफ़ और विदेश मंत्री अब्बास अरागची समेत तमाम शीर्ष नेता बेहद भावुक नजर आए।
9 जुलाई को मशहद में सुपुर्द-ए-खाक होंगे खामेनेई
एक हफ्ते तक चलने वाले इस शोक जुलूस में खामेनेई के पार्थिव शरीर को ईरान के पवित्र शहर कोम के बाद इराक के नजफ और कर्बला ले जाया जाएगा। इसके बाद 9 जुलाई को मशहद में इमाम रज़ा की दरगाह के पास उन्हें पूरे राजकीय सम्मान के साथ दफनाया जाएगा। इस समारोह में भारत, पाकिस्तान, रूस और चीन समेत कई देशों के प्रतिनिधिमंडल शामिल हो रहे हैं।
अमेरिका में आजादी के 250 साल का जश्न: 'मिडनाइट बॉल ड्रॉप' की तैयारी
दूसरी ओर, पूरा अमेरिका इस समय अपनी आजादी की 250वीं वर्षगांठ (Semiquincentennial) के जश्न में डूबा हुआ है। भीषण गर्मी के बावजूद पूरे देश में देशभक्ति का माहौल है। वाशिंगटन में लड़ाकू विमानों के सैन्य फ्लाईओवर ने आसमान गुंजा दिया है, तो वहीं न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर में पहली बार नए साल की तर्ज पर '4 जुलाई मिडनाइट बॉल ड्रॉप' का आयोजन किया जा रहा है।
माउंट रशमोर पर खड़े होकर राष्ट्रपति ट्रंप ने इस ऐतिहासिक दिन को "दुनिया के इतिहास के सबसे असाधारण दिनों में से एक" करार दिया। शनिवार को देश भर में होने वाली भव्य आतिशबाजी और नेशनल मॉल में ट्रंप के मुख्य संबोधन के साथ इस महा-जश्न का समापन होगा।