सोशल मीडिया पर तुलना के बीच, Anurag Kashyap बोले- Nishanchi मेरी अपनी कहानी है, Gangs of Wasseypur से बिलकुल अलग!

'निशानची' के निर्माताओं ने ट्रेलर जारी कर दिया है, और यह पूरी तरह से बॉलीवुड मसाला लग रहा है। अनुराग कश्यप द्वारा निर्देशित इस फिल्म में एक्शन, कॉमेडी, रोमांस, विश्वासघात और पुराने ज़माने के 'माँ के प्यार' का मिश्रण है। यह फिल्म शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे के पोते ऐश्वर्या ठाकरे की बॉलीवुड में शुरुआत है।फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप ने कहा है कि आगामी फिल्म निशानची उनकी फिल्म गैंग्स ऑफ वासेपुर से अलग है। उन्होंने कहा कि 2012 में आई फिल्म गैंग्स ऑफ वासेपुर उन कहानियों से प्रेरित थी जो उन्होंने सुनी थीं, वहीं उनकी नई फिल्म सीधे तौर पर उनके अपने जीवन और कानपुर तथा लखनऊ में हुई उनकी परवरिश से जुड़ी है। इस हफ्ते की शुरुआत में निशानची का ट्रेलर जारी किया गया था और तब से सोशल मीडिया पर इसकी तुलना गैंग्स ऑफ वासेपुर से की जा रही है, जो पीढ़ियों से चली आ रही गिरोहों की प्रतिद्वंद्विता पर आधारित थी और काफी लोकप्रिय हुई थी।इसे भी पढ़ें: The Bengal Files | ‘द बंगाल फाइल्स’ को स्क्रीन न मिलने पर राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग, ममता सरकार पर दबाव का आरोप  निशानची जुड़वां भाइयों बबलू और डबलू के अंतर्संबंधित जीवन पर आधारित है। इसमें ऐश्वर्य ठाकरे दोहरी भूमिका में हैं, उनके साथ वेदिका पिंटो, मोनिका पंवार, कुमुद मिश्रा और मोहम्मद जीशान अय्यूब भी हैं। ठाकरे इस फिल्म से अपने करियर की शुरुआत कर रहे हैं। हालांकि, कश्यप ने दोनों फिल्मों के बीच किसी तरह की समानताओं को खारिज कर दिया।इसे भी पढ़ें: Kannappa Released on OTT | पौराणिक 'कन्नप्पा' का OTT पर ग्रैंड प्रीमियर, जानें विष्णु मांचू की मल्टी-स्टारर कहां देखें  निदेशक ने एक बयान में कहा कि ‘वासेपुर’ , मुंहज़ुबानी प्रचार की वजह से लोकप्रिय फिल्म बन गई और “जहां भी मैं जाता, लोग चिल्लाने लगते- वासेपुर 3, वासेपुर 3! उन्होंने कहा कि ‘वासेपुर’ पूरा उत्तर भारत नहीं है और ‘निशानची’ फिल्म ‘वासेपुर’ से पूरी तरह से अलग है। कश्यप ने कहा कि वह कानपुर और लखनऊ में बड़े हुए हैं और ‘निशानची’ उसी दुनिया से निकली है। उनके मुताबिक, इसके विपरीत, ‘वासेपुर’ एक ऐसी कहानी थी जो उन्होंने किसी और से सुनी थी। निदेशक ने कहा, “ ‘निशानची’ मेरी अपनी यादों, मेरे हास्य बोध, मेरी आदतों, और संगीत को जीवंत करती है, जो सब कुछ मेरे भीतर पहले से ही बसा हुआ है। यह एक काल्पनिक कहानी है, लेकिन इसे की मिठास, लोगों की खुशी और एक अलग जगह के मिज़ाज से प्रेरणा मिलती है।

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Sep 7, 2025 - 04:33
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सोशल मीडिया पर तुलना के बीच, Anurag Kashyap बोले- Nishanchi मेरी अपनी कहानी है, Gangs of Wasseypur से बिलकुल अलग!

'निशानची' के निर्माताओं ने ट्रेलर जारी कर दिया है, और यह पूरी तरह से बॉलीवुड मसाला लग रहा है। अनुराग कश्यप द्वारा निर्देशित इस फिल्म में एक्शन, कॉमेडी, रोमांस, विश्वासघात और पुराने ज़माने के 'माँ के प्यार' का मिश्रण है। यह फिल्म शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे के पोते ऐश्वर्या ठाकरे की बॉलीवुड में शुरुआत है।

फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप ने कहा है कि आगामी फिल्म निशानची उनकी फिल्म गैंग्स ऑफ वासेपुर से अलग है। उन्होंने कहा कि 2012 में आई फिल्म गैंग्स ऑफ वासेपुर उन कहानियों से प्रेरित थी जो उन्होंने सुनी थीं, वहीं उनकी नई फिल्म सीधे तौर पर उनके अपने जीवन और कानपुर तथा लखनऊ में हुई उनकी परवरिश से जुड़ी है। इस हफ्ते की शुरुआत में निशानची का ट्रेलर जारी किया गया था और तब से सोशल मीडिया पर इसकी तुलना गैंग्स ऑफ वासेपुर से की जा रही है, जो पीढ़ियों से चली आ रही गिरोहों की प्रतिद्वंद्विता पर आधारित थी और काफी लोकप्रिय हुई थी।

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निशानची जुड़वां भाइयों बबलू और डबलू के अंतर्संबंधित जीवन पर आधारित है। इसमें ऐश्वर्य ठाकरे दोहरी भूमिका में हैं, उनके साथ वेदिका पिंटो, मोनिका पंवार, कुमुद मिश्रा और मोहम्मद जीशान अय्यूब भी हैं। ठाकरे इस फिल्म से अपने करियर की शुरुआत कर रहे हैं। हालांकि, कश्यप ने दोनों फिल्मों के बीच किसी तरह की समानताओं को खारिज कर दिया।

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निदेशक ने एक बयान में कहा कि ‘वासेपुर’ , मुंहज़ुबानी प्रचार की वजह से लोकप्रिय फिल्म बन गई और “जहां भी मैं जाता, लोग चिल्लाने लगते- वासेपुर 3, वासेपुर 3! उन्होंने कहा कि ‘वासेपुर’ पूरा उत्तर भारत नहीं है और ‘निशानची’ फिल्म ‘वासेपुर’ से पूरी तरह से अलग है।

कश्यप ने कहा कि वह कानपुर और लखनऊ में बड़े हुए हैं और ‘निशानची’ उसी दुनिया से निकली है। उनके मुताबिक, इसके विपरीत, ‘वासेपुर’ एक ऐसी कहानी थी जो उन्होंने किसी और से सुनी थी। निदेशक ने कहा, “ ‘निशानची’ मेरी अपनी यादों, मेरे हास्य बोध, मेरी आदतों, और संगीत को जीवंत करती है, जो सब कुछ मेरे भीतर पहले से ही बसा हुआ है। यह एक काल्पनिक कहानी है, लेकिन इसे की मिठास, लोगों की खुशी और एक अलग जगह के मिज़ाज से प्रेरणा मिलती है।

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