संविधान को कमजोर करने की कोशिशें की जा रही हैं: Tejashwi Yadav
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने सोमवार को गणतंत्र दिवस की बधाई देते हुए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और देश के मौजूदा राजनीतिक व संवैधानिक हालात पर गहरी चिंता जताई। यादव ने ‘एक्स’ पर लिखा कि गणतंत्र दिवस स्वतंत्रता सेनानियों, संविधान निर्माताओं और अमर शहीदों को स्मरण करने का पावन अवसर है। उन्होंने उन सभी वीरों को नमन किया जिन्होंने अपनी जान की कुर्बानी देकर देश को आजादी दिलाई और इसकी एकता व अखंडता की रक्षा की। यादव ने कहा कि राजग सरकार की सामाजिक, आर्थिक और संविधान-विरोधी नीतियों के कारण देश के हालात चिंताजनक हो गए हैं। यादव ने कहा कि संविधान लागू होने के दशकों बाद उसे और अधिक मजबूत करने के बजाय मौजूदा सरकार ऐसे कदम उठा रही है, जिससे लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि जिन ताकतों का देश की आजादी में कोई योगदान नहीं रहा, वही आज संविधान की मूल भावना पर प्रहार कर रही हैं। यादव ने यह भी कहा कि संविधान की प्रस्तावना को बदलने के प्रयास लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत हैं। उन्होंने राजग पर परोक्ष रूप से फासीवादी सोच को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश को जिस जनतांत्रिक व्यवस्था की सौगात स्वतंत्रता सेनानियों ने दी थी, उसे कमजोर किया जा रहा है। यादव ने देशवासियों से संकल्प लेने की अपील की कि वे भारत की एकता और अखंडता को बनाए रखने के लिए मिलकर काम करेंगे। उन्होंने संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक भारत का सपना साकार होने की बात कही और कहा कि सकारात्मक प्रयासों से ही देश को प्रगति व समृद्धि की राह पर आगे ले जाया जा सकता है।
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने सोमवार को गणतंत्र दिवस की बधाई देते हुए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और देश के मौजूदा राजनीतिक व संवैधानिक हालात पर गहरी चिंता जताई।
यादव ने ‘एक्स’ पर लिखा कि गणतंत्र दिवस स्वतंत्रता सेनानियों, संविधान निर्माताओं और अमर शहीदों को स्मरण करने का पावन अवसर है। उन्होंने उन सभी वीरों को नमन किया जिन्होंने अपनी जान की कुर्बानी देकर देश को आजादी दिलाई और इसकी एकता व अखंडता की रक्षा की।
यादव ने कहा कि राजग सरकार की सामाजिक, आर्थिक और संविधान-विरोधी नीतियों के कारण देश के हालात चिंताजनक हो गए हैं। यादव ने कहा कि संविधान लागू होने के दशकों बाद उसे और अधिक मजबूत करने के बजाय मौजूदा सरकार ऐसे कदम उठा रही है, जिससे लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंच रहा है।
उन्होंने कहा कि जिन ताकतों का देश की आजादी में कोई योगदान नहीं रहा, वही आज संविधान की मूल भावना पर प्रहार कर रही हैं। यादव ने यह भी कहा कि संविधान की प्रस्तावना को बदलने के प्रयास लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत हैं। उन्होंने राजग पर परोक्ष रूप से फासीवादी सोच को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश को जिस जनतांत्रिक व्यवस्था की सौगात स्वतंत्रता सेनानियों ने दी थी, उसे कमजोर किया जा रहा है।
यादव ने देशवासियों से संकल्प लेने की अपील की कि वे भारत की एकता और अखंडता को बनाए रखने के लिए मिलकर काम करेंगे। उन्होंने संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक भारत का सपना साकार होने की बात कही और कहा कि सकारात्मक प्रयासों से ही देश को प्रगति व समृद्धि की राह पर आगे ले जाया जा सकता है।
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