संकट में ईरानी युद्धपोत, US एक्शन से पहले भारत के Kochi में मांगी थी मदद, जानें पूरा मामला

अमेरिका के  टॉरपीडो द्वारा हिंद महासागर में ईरान के  युद्धपोत को डुबोने से कुछ दिन पहले, ईरान ने भारत से अपने एक अन्य नौसैनिक जहाज को कोच्चि में आपातकालीन डॉकिंग की अनुमति मांगी थी। सरकारी सूत्रों के अनुसार, उस जहाज में तकनीकी खराबी आ गई थी। सूत्रों के मुताबिक, 28 फरवरी को तेहरान ने भारत से अनुरोध किया था कि उसका जहाज आईरिस लावन कोच्चि बंदरगाह पर डॉक कर सके। ईरान ने कहा था कि जहाज में तकनीकी समस्या आ गई है और उसे तुरंत मरम्मत की जरूरत है।यह जहाज उस समय इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में भाग लेने के लिए इस क्षेत्र में मौजूद था। यह अनुरोध उसी दिन किया गया था, जिस दिन अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर संयुक्त हमले शुरू किए थे। सूत्रों के अनुसार, 1 मार्च को इस अनुरोध को मंजूरी दे दी गई थी और आईरिस लावन 4 मार्च को कोच्चि बंदरगाह पर डॉक हो गया। इस जहाज के 183 क्रू सदस्य फिलहाल दक्षिणी बंदरगाह शहर कोच्चि में भारतीय नौसेना की सुविधाओं में ठहराए गए हैं।

PNSPNS
Mar 7, 2026 - 11:34
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संकट में ईरानी युद्धपोत, US एक्शन से पहले भारत के Kochi में मांगी थी मदद, जानें पूरा मामला
अमेरिका के  टॉरपीडो द्वारा हिंद महासागर में ईरान के  युद्धपोत को डुबोने से कुछ दिन पहले, ईरान ने भारत से अपने एक अन्य नौसैनिक जहाज को कोच्चि में आपातकालीन डॉकिंग की अनुमति मांगी थी। सरकारी सूत्रों के अनुसार, उस जहाज में तकनीकी खराबी आ गई थी। सूत्रों के मुताबिक, 28 फरवरी को तेहरान ने भारत से अनुरोध किया था कि उसका जहाज आईरिस लावन कोच्चि बंदरगाह पर डॉक कर सके। ईरान ने कहा था कि जहाज में तकनीकी समस्या आ गई है और उसे तुरंत मरम्मत की जरूरत है।
यह जहाज उस समय इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में भाग लेने के लिए इस क्षेत्र में मौजूद था। यह अनुरोध उसी दिन किया गया था, जिस दिन अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर संयुक्त हमले शुरू किए थे। सूत्रों के अनुसार, 1 मार्च को इस अनुरोध को मंजूरी दे दी गई थी और आईरिस लावन 4 मार्च को कोच्चि बंदरगाह पर डॉक हो गया। इस जहाज के 183 क्रू सदस्य फिलहाल दक्षिणी बंदरगाह शहर कोच्चि में भारतीय नौसेना की सुविधाओं में ठहराए गए हैं।

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