विश्व पर्यावरण दिवस: जहां गईं वहां से लाईं बीज, सरोजनी मैठाणी ने बंजर भूमि पर बोए और तैयार कर दिया जंगल
एक महिला, एक संकल्प और हजारों पेड़। सिल्ला बामण गांव में जन्मीं सरोजनी मैठाणी ने वर्षों पहले अपने ससुराल की बंजर पड़ी भूमि पर पौधे लगाने शुरू किए थे।
What's Your Reaction?