वायु प्रदूषण मामला: न्यायालय ने केंद्र से सीएक्यूएम अधिकारियों को आवास उपलब्ध कराने को कहा

उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार को वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के अधिकारियों को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और आसपास के इलाकों में आवास उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता एवं न्यायमित्र अपराजिता सिंह की इस दलील पर गौर किया कि सीएक्यूएम के अध्यक्ष और सदस्यों को राष्ट्रीय राजधानी में उचित आवास हासिल करने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पीठ ने कहा, “हम जानते हैं कि बहुत से सरकारी अधिकारियों को दिल्ली में आवास हासिल करने में मुश्किल होती है। हम भारत संघ को निर्देश देते हैं कि वह सीएक्यूएम के अधिकारियों को तीन महीने के भीतर उपयुक्त आवास उपलब्ध कराए।” वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग का गठन सीएक्यूएम अधिनियम, 2021 के तहत किया गया था, जो उसी साल 13 अप्रैल को लागू हुआ था। वायु गुणवत्ता निगरानी निकाय को एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता से जुड़ी समस्याओं के मामले में बेहतर समन्वय, अनुसंधान, पहचान और समाधान का कार्य सौंपा गया है। आयोग को क्षेत्र में हवा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और उसमें सुधार लाने के लिए उपाय करने, निर्देश जारी करने और शिकायतों की जांच करने का अधिकार है।

PNSPNS
May 9, 2025 - 03:30
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वायु प्रदूषण मामला: न्यायालय ने केंद्र से सीएक्यूएम अधिकारियों को आवास उपलब्ध कराने को कहा

उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार को वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के अधिकारियों को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और आसपास के इलाकों में आवास उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता एवं न्यायमित्र अपराजिता सिंह की इस दलील पर गौर किया कि सीएक्यूएम के अध्यक्ष और सदस्यों को राष्ट्रीय राजधानी में उचित आवास हासिल करने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

पीठ ने कहा, “हम जानते हैं कि बहुत से सरकारी अधिकारियों को दिल्ली में आवास हासिल करने में मुश्किल होती है। हम भारत संघ को निर्देश देते हैं कि वह सीएक्यूएम के अधिकारियों को तीन महीने के भीतर उपयुक्त आवास उपलब्ध कराए।”

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग का गठन सीएक्यूएम अधिनियम, 2021 के तहत किया गया था, जो उसी साल 13 अप्रैल को लागू हुआ था। वायु गुणवत्ता निगरानी निकाय को एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता से जुड़ी समस्याओं के मामले में बेहतर समन्वय, अनुसंधान, पहचान और समाधान का कार्य सौंपा गया है। आयोग को क्षेत्र में हवा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और उसमें सुधार लाने के लिए उपाय करने, निर्देश जारी करने और शिकायतों की जांच करने का अधिकार है।

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