Hormuz में हो गया बड़ा खेल, ईरान ने भारत आ रहे जहाज को रोका

मिडिल ईस्ट से एक बड़ी खबर है जहां एक बार फिर से तनाव खतरनाक मोड़ पर पहुंचता नजर आ रहा है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड यानी कि आईआरजीसी ने हॉर्मुज स्टेट में भारत आ रहे एक कंटेनरशिप को रोक कर अपने कब्जे में ले लिया है। यह वही हॉर्मोच स्टेट है जिसे दुनिया की सबसे अहम ऑयल सप्लाई लाइफलाइन माना जाता है और यहीं पर इस कारवाही ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है। जिस जहाज को जब्त किया गया है, उसका नाम है एपामिनोस। यह जहाज लाइबेरिया के फ्लैग के तहत रजिस्टर्ड था। गुजरात के मुंद्रा पोर्ट की ओर जा रहा था। ईरानी नौसेना का दावा है कि इस जहाज के नेविगेशन सिस्टम से छेड़छाड़ की गई थी जिससे समुद्री सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता था और इसी आधार पर आईआरजीसी ने जहाज को इंटरसेप्ट किया और उसे अपने नियंत्रण में लेकर तट की ओर ले गई। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती। खबर यह भी है कि इजराइल से जुड़े फ्रांसिस्का नाम के एक दूसरे जहाज को भी ईरान ने जब्त कर लिया है। इसके अलावा यूफोरिया नाम के जहाज पर हमला भी किया है। जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। पिछले 24 घंटे में घटनाओं की रफ्तार इतनी तेज हो रही है कि पूरा मिडिल ईस्ट इस बार फिर संभावित टकराव के मुहाने पर खड़ा नजर आ रहा है।इसे भी पढ़ें: अब Internet पर मंडरा रहा खतरा? Iran की समुद्री केबल और क्लाउड नेटवर्क को निशाना बनाने की चेतावनी इससे पहले भी खबरें आई थी कि एक जहाज पर ईरान की ओर से फायरिंग हुई है। जबकि दूसरा जहाज ओमान के तट के पास हमले में क्षतिग्रस्त हो गया है। अब सवाल उठता है कि आखिर ईरान ऐसा क्यों कर रहा है? दरअसल स्टेट ऑफ हॉर्मुज स्टेट सिर्फ एक समुद्री रास्ता नहीं बल्कि दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति की धड़कन है। दुनिया का करीब 20% तेल इसी रास्ते से गुजरता है और ऐसे में यहां कोई भी तनाव सीधे ग्लोबल इकॉनमी को प्रभावित करता है। ईरान लंबे समय से इस क्षेत्र में अपनी रणनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश करता रहा है और जब भी उस पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ता है वह हॉर्मोन स्टेट को अपने दबाव के हथियार के तौर पर इस्तेमाल करता है। अब इस पूरे घटनाक्रम में एक और बड़ा मोड़ आ गया है और वह जुड़ा है अमेरिका से। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि अमेरिका पाकिस्तान की अपील पर ईरान के साथ चल रहे सीज फायर को आगे बढ़ा रहा है। इसे भी पढ़ें: Iran ने Hormuz में रोकी भारत की राह! Gujarat आ रहे पोत समेत दो Ship जब्त, तेल सप्लाई पर खतराहालांकि ट्रंप ने यह साफ नहीं किया है कि ये सीज फायर कितने समय के लिए बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि ईरान में एक समय नेतृत्व और सरकार के भीतर एकजुटता की कमी है। ऐसे में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने उनसे अपील की थी कि ईरान को कुछ समय दिया जाए ताकि वह एक साझा प्रस्ताव तैयार कर सकें। ट्रंप ने कहा कि इसी अपील को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अमेरिकी सेना को फिलहाल हमले रोकने के आदेश दिए हैं। लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी साफ कर दिया है कि अमेरिकी सेना पूरी तरह अलर्ट पर है। किसी भी आदेश के लिए तैयार है। यानी एक तरफ सीज फायर है तो दूसरी तरफ युद्ध की पूरी तैयारी भी जारी है। इतना ही नहीं अमेरिका ने ईरान पर दबाव बनाए रखने के लिए नाकेबंदी यानी कि ब्लॉकेट जारी रखने का फैसला लिया। ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर ईरान की ओर से कोई ठोस और एकजूट प्रस्ताव नहीं आता तो यह सीजफायर ज्यादा समय तक नहीं चलेगा।

PNSPNS
Apr 23, 2026 - 19:32
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Hormuz में हो गया बड़ा खेल, ईरान ने भारत आ रहे जहाज को रोका
मिडिल ईस्ट से एक बड़ी खबर है जहां एक बार फिर से तनाव खतरनाक मोड़ पर पहुंचता नजर आ रहा है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड यानी कि आईआरजीसी ने हॉर्मुज स्टेट में भारत आ रहे एक कंटेनरशिप को रोक कर अपने कब्जे में ले लिया है। यह वही हॉर्मोच स्टेट है जिसे दुनिया की सबसे अहम ऑयल सप्लाई लाइफलाइन माना जाता है और यहीं पर इस कारवाही ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है। जिस जहाज को जब्त किया गया है, उसका नाम है एपामिनोस। यह जहाज लाइबेरिया के फ्लैग के तहत रजिस्टर्ड था। गुजरात के मुंद्रा पोर्ट की ओर जा रहा था। ईरानी नौसेना का दावा है कि इस जहाज के नेविगेशन सिस्टम से छेड़छाड़ की गई थी जिससे समुद्री सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता था और इसी आधार पर आईआरजीसी ने जहाज को इंटरसेप्ट किया और उसे अपने नियंत्रण में लेकर तट की ओर ले गई। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती। खबर यह भी है कि इजराइल से जुड़े फ्रांसिस्का नाम के एक दूसरे जहाज को भी ईरान ने जब्त कर लिया है। इसके अलावा यूफोरिया नाम के जहाज पर हमला भी किया है। जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। 
पिछले 24 घंटे में घटनाओं की रफ्तार इतनी तेज हो रही है कि पूरा मिडिल ईस्ट इस बार फिर संभावित टकराव के मुहाने पर खड़ा नजर आ रहा है।

इसे भी पढ़ें: अब Internet पर मंडरा रहा खतरा? Iran की समुद्री केबल और क्लाउड नेटवर्क को निशाना बनाने की चेतावनी

इससे पहले भी खबरें आई थी कि एक जहाज पर ईरान की ओर से फायरिंग हुई है। जबकि दूसरा जहाज ओमान के तट के पास हमले में क्षतिग्रस्त हो गया है। अब सवाल उठता है कि आखिर ईरान ऐसा क्यों कर रहा है? दरअसल स्टेट ऑफ हॉर्मुज स्टेट सिर्फ एक समुद्री रास्ता नहीं बल्कि दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति की धड़कन है। दुनिया का करीब 20% तेल इसी रास्ते से गुजरता है और ऐसे में यहां कोई भी तनाव सीधे ग्लोबल इकॉनमी को प्रभावित करता है। ईरान लंबे समय से इस क्षेत्र में अपनी रणनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश करता रहा है और जब भी उस पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ता है वह हॉर्मोन स्टेट को अपने दबाव के हथियार के तौर पर इस्तेमाल करता है। अब इस पूरे घटनाक्रम में एक और बड़ा मोड़ आ गया है और वह जुड़ा है अमेरिका से। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि अमेरिका पाकिस्तान की अपील पर ईरान के साथ चल रहे सीज फायर को आगे बढ़ा रहा है। 

इसे भी पढ़ें: Iran ने Hormuz में रोकी भारत की राह! Gujarat आ रहे पोत समेत दो Ship जब्त, तेल सप्लाई पर खतरा

हालांकि ट्रंप ने यह साफ नहीं किया है कि ये सीज फायर कितने समय के लिए बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि ईरान में एक समय नेतृत्व और सरकार के भीतर एकजुटता की कमी है। ऐसे में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने उनसे अपील की थी कि ईरान को कुछ समय दिया जाए ताकि वह एक साझा प्रस्ताव तैयार कर सकें। ट्रंप ने कहा कि इसी अपील को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अमेरिकी सेना को फिलहाल हमले रोकने के आदेश दिए हैं। लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी साफ कर दिया है कि अमेरिकी सेना पूरी तरह अलर्ट पर है। किसी भी आदेश के लिए तैयार है। यानी एक तरफ सीज फायर है तो दूसरी तरफ युद्ध की पूरी तैयारी भी जारी है। इतना ही नहीं अमेरिका ने ईरान पर दबाव बनाए रखने के लिए नाकेबंदी यानी कि ब्लॉकेट जारी रखने का फैसला लिया। ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर ईरान की ओर से कोई ठोस और एकजूट प्रस्ताव नहीं आता तो यह सीजफायर ज्यादा समय तक नहीं चलेगा।

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