यूरोप को यूक्रेन की मदद करना पड़ा भारी, रूस ने मचा दी तबाही!

रूस और यूक्रेन के बीच छिड़ा भीषण युद्ध अब एक ऐसे मोड़ पर खड़ा हो गया है जहां बारूद की गंध और भी ज्यादा तीखी होती नजर आ रही है। एक तरफ जहां आसमान से मौत बनकर मिसाइलें बरस रही हैं। वहीं दूसरी तरफ पश्चिमी देशों की मदद ने रूस का गुस्सा और ज्यादा बढ़ा दिया है। ताजा घटनाक्रम में ब्रिटेन ने यूक्रेन को सैन्य सहायता का अब तक का सबसे बड़ा कवच प्रदान किया है। जिसने क्रेमलीन की परेशानी पर बल डाल दिए हैं। लंदन की ओर से कीव को अत्याधुनिक ड्रोन की एक ऐसी खेप भेजी जा रही है जो युद्ध के मैदान में पासा पलटने का दम रखती है। यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि ब्रिटेन द्वारा घोषित अब तक के सबसे बड़े ड्रोन पैकेज की पहली खेप फ्रंट लाइन पर पहुंचनी शुरू हो गई है। यह केवल कुछ 100 या हजार ड्रोन की बात नहीं है बल्कि साल 2026 के अंत तक यूक्रेन को करीब 1 लाख ड्रोन मिलने की उम्मीद है। इनमें स्ट्राइक ड्रोन से लेकर टोही और समुद्री ऑपरेशंस में काम आने वाले एडवांस गैजेट शामिल हैं। इसे भी पढ़ें: पुतिन दिल्ली आ रहे, एक से बढ़कर एक हथियारोें के साथ S-500 भी ला रहे हैं! चीन-पाक में हड़कंपयूक्रेन ने इसके लिए ब्रिटेन का आभार जताते हुए कहा कि यह मदद उनकी रक्षा पंक्ति को टूटने से बचाएगी और दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देने में कारगर साबित होगी। ब्रिटेन का यह कदम उसकी उस व्यापक रणनीति का हिस्सा बताया जा रहा है जिसके तहत वह इस वर्ष यूक्रेन को 3 अरब पाउंड यानी करीब 4 अरब अमेरिकी डॉलर की सैन्य सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है। खास बात यह है कि इस मदद को जी7 की उस विशेष पहल का भी समर्थन प्राप्त है जिसका लक्ष्य यूक्रेन की सैन्य क्षमताओं को पुनर्जीवित करना है। लेकिन इस मदद ने रूस को बुरी तरह से भड़का दिया है। रूसी रक्षा मंत्रालय ने तीखा पलटवार करते हुए कहा कि यूरोपीय देश अब सीधे तौर पर इस विनाशकारी संघर्ष का हिस्सा बनते जा रहे हैं। मॉस्को का तर्क है कि यूक्रेन को हथियारों की सप्लाई करना उसकी सुरक्षा को सुनिश्चित नहीं करेगा बल्कि पूरे यूरोपीय महाद्वीप को एक बड़े युद्ध की आग में धकेल देगा। इसे भी पढ़ें: अपने पिता की परछाई से बिल्कुल दूर...Putin की बेटी पेरिस में क्या करती देखी गई?वहीं स्कूटनीतिक तनातनी के बीच जमीन पर तबाही का मंजर दहला देने वाला है। बुधवार की काली रात यूक्रेन के लिए किसी भी कयामत से कम नहीं थी। रूस ने एक बार फिर अपनी ताकत का प्रदर्शन करते हुए कीव और उसके आसपास के इलाकों को निशाना बना दिया। यह पिछले दो सप्ताह का सबसे भीषण हवाई हमला बताया जा रहा है। राजधानी कीव की रात मिसाइलों की रोशनी और विस्फोटों की गूंज से थरा उठी। यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबियाहा के मुताबिक रूस ने करीब 700 ड्रोनों और दर्जनों बैलेस्टिक और क्रूज मिसाइलों के जरिए मौत का तांडव रचा। इस हमले का असर कितना भयावह था इसका अंदाजा हताहतों की संख्या से लगाया जा सकता है।

PNSPNS
Apr 19, 2026 - 06:20
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यूरोप को यूक्रेन की मदद करना पड़ा भारी, रूस ने मचा दी तबाही!
रूस और यूक्रेन के बीच छिड़ा भीषण युद्ध अब एक ऐसे मोड़ पर खड़ा हो गया है जहां बारूद की गंध और भी ज्यादा तीखी होती नजर आ रही है। एक तरफ जहां आसमान से मौत बनकर मिसाइलें बरस रही हैं। वहीं दूसरी तरफ पश्चिमी देशों की मदद ने रूस का गुस्सा और ज्यादा बढ़ा दिया है। ताजा घटनाक्रम में ब्रिटेन ने यूक्रेन को सैन्य सहायता का अब तक का सबसे बड़ा कवच प्रदान किया है। जिसने क्रेमलीन की परेशानी पर बल डाल दिए हैं। लंदन की ओर से कीव को अत्याधुनिक ड्रोन की एक ऐसी खेप भेजी जा रही है जो युद्ध के मैदान में पासा पलटने का दम रखती है। यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि ब्रिटेन द्वारा घोषित अब तक के सबसे बड़े ड्रोन पैकेज की पहली खेप फ्रंट लाइन पर पहुंचनी शुरू हो गई है। यह केवल कुछ 100 या हजार ड्रोन की बात नहीं है बल्कि साल 2026 के अंत तक यूक्रेन को करीब 1 लाख ड्रोन मिलने की उम्मीद है। इनमें स्ट्राइक ड्रोन से लेकर टोही और समुद्री ऑपरेशंस में काम आने वाले एडवांस गैजेट शामिल हैं। 

इसे भी पढ़ें: पुतिन दिल्ली आ रहे, एक से बढ़कर एक हथियारोें के साथ S-500 भी ला रहे हैं! चीन-पाक में हड़कंप

यूक्रेन ने इसके लिए ब्रिटेन का आभार जताते हुए कहा कि यह मदद उनकी रक्षा पंक्ति को टूटने से बचाएगी और दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देने में कारगर साबित होगी। ब्रिटेन का यह कदम उसकी उस व्यापक रणनीति का हिस्सा बताया जा रहा है जिसके तहत वह इस वर्ष यूक्रेन को 3 अरब पाउंड यानी करीब 4 अरब अमेरिकी डॉलर की सैन्य सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है। खास बात यह है कि इस मदद को जी7 की उस विशेष पहल का भी समर्थन प्राप्त है जिसका लक्ष्य यूक्रेन की सैन्य क्षमताओं को पुनर्जीवित करना है। लेकिन इस मदद ने रूस को बुरी तरह से भड़का दिया है। रूसी रक्षा मंत्रालय ने तीखा पलटवार करते हुए कहा कि यूरोपीय देश अब सीधे तौर पर इस विनाशकारी संघर्ष का हिस्सा बनते जा रहे हैं। मॉस्को का तर्क है कि यूक्रेन को हथियारों की सप्लाई करना उसकी सुरक्षा को सुनिश्चित नहीं करेगा बल्कि पूरे यूरोपीय महाद्वीप को एक बड़े युद्ध की आग में धकेल देगा। 

इसे भी पढ़ें: अपने पिता की परछाई से बिल्कुल दूर...Putin की बेटी पेरिस में क्या करती देखी गई?

वहीं स्कूटनीतिक तनातनी के बीच जमीन पर तबाही का मंजर दहला देने वाला है। बुधवार की काली रात यूक्रेन के लिए किसी भी कयामत से कम नहीं थी। रूस ने एक बार फिर अपनी ताकत का प्रदर्शन करते हुए कीव और उसके आसपास के इलाकों को निशाना बना दिया। यह पिछले दो सप्ताह का सबसे भीषण हवाई हमला बताया जा रहा है। राजधानी कीव की रात मिसाइलों की रोशनी और विस्फोटों की गूंज से थरा उठी। यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबियाहा के मुताबिक रूस ने करीब 700 ड्रोनों और दर्जनों बैलेस्टिक और क्रूज मिसाइलों के जरिए मौत का तांडव रचा। इस हमले का असर कितना भयावह था इसका अंदाजा हताहतों की संख्या से लगाया जा सकता है।

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