म्याँमार भूकम्प: पहले से ही नाज़ुक स्वास्थ्य देखभाल व्यवस्था पर भीषण दबाव
म्याँमार में 28 मार्च को आए शक्तिशाली भूकम्प के बाद आपदा-प्रभावित लोगों तक मदद पहुँचाने में, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की टीम सहायता अभियान में अग्रिम मोर्चे पर सक्रिय है. मगर, पहले से ही नाज़ुक हालात से जूझ रहे देश में अस्पतालों पर भीषण दबाव है, मेडिकल आपूर्ति की क़िल्लत है और बीमारियाँ फैलने का जोखिम है. म्याँमार में WHO की उप प्रतिनिधि ऐलेना वुओलो ने राजधानी नेपीडॉ से यूएन न्यूज़ को बताया कि यह आपात हालात में एक और आपात स्थिति का सामना करने जैसा है.
म्याँमार में 28 मार्च को आए शक्तिशाली भूकम्प के बाद आपदा-प्रभावित लोगों तक मदद पहुँचाने में, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की टीम सहायता अभियान में अग्रिम मोर्चे पर सक्रिय है. मगर, पहले से ही नाज़ुक हालात से जूझ रहे देश में अस्पतालों पर भीषण दबाव है, मेडिकल आपूर्ति की क़िल्लत है और बीमारियाँ फैलने का जोखिम है. म्याँमार में WHO की उप प्रतिनिधि ऐलेना वुओलो ने राजधानी नेपीडॉ से यूएन न्यूज़ को बताया कि यह आपात हालात में एक और आपात स्थिति का सामना करने जैसा है.