महिलाओं का 'साइलेंट किलर' हैं Cervical Cancer, इन लक्षणों को भूलकर भी न करें Ignore

महिलाओं में पाए जाने वाले आम कैंसरों में से एक है सर्वाइकल कैंसर। सर्वाइकल कैंसर यानी गर्भाशय के मुंह (सर्विक्स) में होने वाला कैंसर। इस कैंसर की वजह से हर साल कई महिलाएं अपनी जान गंवाती हैं और इसकी बड़ी वजह सही समय पर लक्षणों की पहचान न होना और जागरुकता में कमी है। सर्वाइकल कैंसर के बचाव के लिए वैक्सीन भी उपलब्ध है, लेकिन कई महिलाओं को इसके बारे में कोई जानकारी नहीं होती है। कई बार तो इसके लक्षणों की पहचान न समझ आने के कारण काफी समय लग जाता है, जिससे लोग अपनी जान तक गवा देते हैं। आइए आपको सर्वाइकल कैंसर के बारे में ये 10 बातें हर महिला को पता होनी चाहिए।सर्वाइकल कैंसर के बारे में ये बातें हर महिला को होनी चाहिए पता - सर्वाइकल कैंसर धीरे-धीरे बढ़ता है और इसके लक्षण साइलेंट होते हैं, जो शुरुआत में किसी को नजर नहीं आते हैं। बीमारी बढ़ने के साथ बदबूदार या असमान्य वजाइनल डिस्चार्ज, इंटरकोर्स में बहुत अधिक दर्द, थकान, कमजोरी, पीरियड्स में हैवी ब्लीडिंग होना और बार-बार पेशाब आना जैसे लक्षण नजर आते हैं। - आमतौर पर सर्वाइकल कैंसर ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) के कारण होता है। यह एक सामान्य वायरस है, जो यौन संपर्क से फैलता है। इससे बचाव के लिए HPV वैक्सीन लगवाना जरुरी है।  - पीरियड्स के बीच ब्लीडिंग, सेक्शुअल रिलेशन के बाद खून आना या मेनोपॉज के बाद ब्लीडिंग जैसे वॉर्निंग साइनस को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। - इसके अलावा, 25 साल की उम्र के बाद हर महिला को नियमित रुप से Pap smear टेस्ट जरुर करवाएं। इससे कैंसर होने से पहले ही बदलाव पकड़ में आ जाते हैं। - HPV वैक्सीन लड़कियों और महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षा प्रदान करने में सहायक होती है। यह टीका आमतौर पर 9 वर्ष से लेकर 45 वर्ष की आयु तक लगाया जा सकता है। वैक्सीन की सही डोज,समय और अन्य जरूरी जानकारी के लिए डॉक्टर से परामर्श लेना बेहद आवश्यक है।- सर्वाइकल कैंसर से बचने के लिए, इंटरकोर्स के दौरान सेफ्टी का ध्यान जरुर रखें। कंडोम का इस्तेमाल करना सही रहेगा। - यदि आप सर्वाइकल कैंसर को शुरुआती स्टेज में पकड़ लें, तो इलाज से पूरी तरह ठीक होना संभव है। इसलिए शुरुआती लक्षणों पर ध्यान दें। 

PNSPNS
Jan 30, 2026 - 10:11
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महिलाओं का 'साइलेंट किलर' हैं Cervical Cancer, इन लक्षणों को भूलकर भी न करें Ignore
महिलाओं में पाए जाने वाले आम कैंसरों में से एक है सर्वाइकल कैंसर। सर्वाइकल कैंसर यानी गर्भाशय के मुंह (सर्विक्स) में होने वाला कैंसर। इस कैंसर की वजह से हर साल कई महिलाएं अपनी जान गंवाती हैं और इसकी बड़ी वजह सही समय पर लक्षणों की पहचान न होना और जागरुकता में कमी है। सर्वाइकल कैंसर के बचाव के लिए वैक्सीन भी उपलब्ध है, लेकिन कई महिलाओं को इसके बारे में कोई जानकारी नहीं होती है। कई बार तो इसके लक्षणों की पहचान न समझ आने के कारण काफी समय लग जाता है, जिससे लोग अपनी जान तक गवा देते हैं। आइए आपको सर्वाइकल कैंसर के बारे में ये 10 बातें हर महिला को पता होनी चाहिए।

सर्वाइकल कैंसर के बारे में ये बातें हर महिला को होनी चाहिए पता

 - सर्वाइकल कैंसर धीरे-धीरे बढ़ता है और इसके लक्षण साइलेंट होते हैं, जो शुरुआत में किसी को नजर नहीं आते हैं। बीमारी बढ़ने के साथ बदबूदार या असमान्य वजाइनल डिस्चार्ज, इंटरकोर्स में बहुत अधिक दर्द, थकान, कमजोरी, पीरियड्स में हैवी ब्लीडिंग होना और बार-बार पेशाब आना जैसे लक्षण नजर आते हैं।

 - आमतौर पर सर्वाइकल कैंसर ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) के कारण होता है। यह एक सामान्य वायरस है, जो यौन संपर्क से फैलता है। इससे बचाव के लिए HPV वैक्सीन लगवाना जरुरी है। 

 - पीरियड्स के बीच ब्लीडिंग, सेक्शुअल रिलेशन के बाद खून आना या मेनोपॉज के बाद ब्लीडिंग जैसे वॉर्निंग साइनस को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

 - इसके अलावा, 25 साल की उम्र के बाद हर महिला को नियमित रुप से Pap smear टेस्ट जरुर करवाएं। इससे कैंसर होने से पहले ही बदलाव पकड़ में आ जाते हैं। 

- HPV वैक्सीन लड़कियों और महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षा प्रदान करने में सहायक होती है। यह टीका आमतौर पर 9 वर्ष से लेकर 45 वर्ष की आयु तक लगाया जा सकता है। वैक्सीन की सही डोज,समय और अन्य जरूरी जानकारी के लिए डॉक्टर से परामर्श लेना बेहद आवश्यक है।

- सर्वाइकल कैंसर से बचने के लिए, इंटरकोर्स के दौरान सेफ्टी का ध्यान जरुर रखें। कंडोम का इस्तेमाल करना सही रहेगा।

 - यदि आप सर्वाइकल कैंसर को शुरुआती स्टेज में पकड़ लें, तो इलाज से पूरी तरह ठीक होना संभव है। इसलिए शुरुआती लक्षणों पर ध्यान दें। 

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