महिलाओं के लिए रामबाण है यह Detox Drink, पेरिमेनोपॉज में Hormones रहेंगे कंट्रोल में

महिलाओं के जीवन में एक ऐसा भी समय आता है, जब शरीर धीरे-धीरे मेनोपॉज की तरफ बढ़ने लगता है। इस बदलाव के इस समय को पेरिमेनोपॉज कहा जाता है। इस दौरान महिलाओं के शरीर में कई हार्मोनल बदलाव होते हैं और इसका असर न केवल पीरियड्स, बल्कि शारीरिक और मानसिक सेहत पर भी पड़ता है। खासतौर पर महिलाओं में 40 की उम्र के आस-पास शुरु हो सकता है। इस दौरान शरीर में एट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोनल इंबैलेंस हो जाते हैं और पीरियड्स धीरे-धीरे अनियमित होने लगता है। पेरिमेनोपॉज के दौरान महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव दिखाई देने लगते हैं। इस समय हॉट फ्लैशेज, रात को अधिक पसीना आना, मूड में उतार-चढ़ाव, चिड़चिड़ापन, नींद न आना, वजन बढ़ना, लगातार थकान महसूस होना और ध्यान केंद्रित करने में परेशानी जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। ऐसे में महिलाओं के लिए यह बहुत जरूरी हो जाता है कि वे अपनी सेहत और खासकर खानपान पर विशेष ध्यान दें। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि पेरिमेनोपॉज में पीना चाहिए जिससे हार्मोन्स बैलेंस हो और शरीर डिटॉक्स करता है। पेरिमेनोपॉज में हार्मोन्स को मैनेज कर सकती हैं ये देसी ड्रिंक - लेमन बाम नर्वस सिस्टम को आराम देता है। इसमें एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। इसकी मदद से अनिद्रा और बेचैनी को कम करके अच्छी नींद आती है। - ये पीरियड के दर्द में भी आराम देता है और डाइजेशन से जुड़ी दिक्कतों जैसे गैस, कब्ज और अपच में आराम पहुंचाता है। - पुदीने की पत्तियां हॉट फ्लैशेज की समस्या को कम करने में मददगार होती हैं और पाचन तंत्र को मजबूत बनाती हैं। पुदीने में पाया जाने वाला यूजेनॉल तत्व पाचन एंजाइम्स के स्राव को बढ़ाने में सहायक होता है, जिससे खाना आसानी से पचता है और पेट से जुड़ी परेशानियां कम होती हैं। - सौंफ में फाइटोएस्ट्रोजन होते हैं और ये हार्मोन्स को संतुलित रखने में मदद करता है। पेरिमेनोपॉज में अपच, गैस, कब्ज और पाचन से जुड़ी अन्य दिक्कतें काफी आम हैं। सौंफ इन दिक्कतों में आराम पहुंचाती है और यह शरीर को अंदर से ठंडक भी देती है। - सूखी अदरक का पाउडर पीरियड्स से जुड़ी दिक्कतों में रामबाण की तरफ काम करता है। ऐसा करने से जोड़ों की अकड़न भी दूर होती और मेटाबॉलिज्म में भी सुधार होता है। - माका रूट का पाउडर शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन के स्तर को संतुलित करने में सहायक माना जाता है। इसके नियमित उपयोग से हार्मोनल असंतुलन से जुड़ी समस्याओं को कम करने में मदद मिल सकती है। कैसे तैयार करें हार्मोनल बैलेंसिंग ड्रिंक? - सबसे पहले आप 1 टीस्पून सौंफ के बीज लेने हैं। - 1 चुटकी सौंठ पाउडर लेना है। - पुदीने की 2-3 पत्तियां लेनी है। लेमन बाम की 1 टीस्पून सूखी हुई पत्तियां लें। - माका रूट का 1 टीस्पून पाउडर लें। - इसे आपको पानी में उबालना है। - इसे छानकर सुबह के समय पिएं।

PNSPNS
Jan 13, 2026 - 10:31
 0
महिलाओं के लिए रामबाण है यह Detox Drink, पेरिमेनोपॉज में Hormones रहेंगे कंट्रोल में

महिलाओं के जीवन में एक ऐसा भी समय आता है, जब शरीर धीरे-धीरे मेनोपॉज की तरफ बढ़ने लगता है। इस बदलाव के इस समय को पेरिमेनोपॉज कहा जाता है। इस दौरान महिलाओं के शरीर में कई हार्मोनल बदलाव होते हैं और इसका असर न केवल पीरियड्स, बल्कि शारीरिक और मानसिक सेहत पर भी पड़ता है। खासतौर पर महिलाओं में 40 की उम्र के आस-पास शुरु हो सकता है। इस दौरान शरीर में एट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोनल इंबैलेंस हो जाते हैं और पीरियड्स धीरे-धीरे अनियमित होने लगता है। पेरिमेनोपॉज के दौरान महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव दिखाई देने लगते हैं। इस समय हॉट फ्लैशेज, रात को अधिक पसीना आना, मूड में उतार-चढ़ाव, चिड़चिड़ापन, नींद न आना, वजन बढ़ना, लगातार थकान महसूस होना और ध्यान केंद्रित करने में परेशानी जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। ऐसे में महिलाओं के लिए यह बहुत जरूरी हो जाता है कि वे अपनी सेहत और खासकर खानपान पर विशेष ध्यान दें। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि पेरिमेनोपॉज में पीना चाहिए जिससे हार्मोन्स बैलेंस हो और शरीर डिटॉक्स करता है।

पेरिमेनोपॉज में हार्मोन्स को मैनेज कर सकती हैं ये देसी ड्रिंक

- लेमन बाम नर्वस सिस्टम को आराम देता है। इसमें एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। इसकी मदद से अनिद्रा और बेचैनी को कम करके अच्छी नींद आती है।

- ये पीरियड के दर्द में भी आराम देता है और डाइजेशन से जुड़ी दिक्कतों जैसे गैस, कब्ज और अपच में आराम पहुंचाता है।

- पुदीने की पत्तियां हॉट फ्लैशेज की समस्या को कम करने में मददगार होती हैं और पाचन तंत्र को मजबूत बनाती हैं। पुदीने में पाया जाने वाला यूजेनॉल तत्व पाचन एंजाइम्स के स्राव को बढ़ाने में सहायक होता है, जिससे खाना आसानी से पचता है और पेट से जुड़ी परेशानियां कम होती हैं।

- सौंफ में फाइटोएस्ट्रोजन होते हैं और ये हार्मोन्स को संतुलित रखने में मदद करता है। पेरिमेनोपॉज में अपच, गैस, कब्ज और पाचन से जुड़ी अन्य दिक्कतें काफी आम हैं। सौंफ इन दिक्कतों में आराम पहुंचाती है और यह शरीर को अंदर से ठंडक भी देती है।

- सूखी अदरक का पाउडर पीरियड्स से जुड़ी दिक्कतों में रामबाण की तरफ काम करता है। ऐसा करने से जोड़ों की अकड़न भी दूर होती और मेटाबॉलिज्म में भी सुधार होता है।

- माका रूट का पाउडर शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन के स्तर को संतुलित करने में सहायक माना जाता है। इसके नियमित उपयोग से हार्मोनल असंतुलन से जुड़ी समस्याओं को कम करने में मदद मिल सकती है।

कैसे तैयार करें हार्मोनल बैलेंसिंग ड्रिंक?

- सबसे पहले आप 1 टीस्पून सौंफ के बीज लेने हैं।

- 1 चुटकी सौंठ पाउडर लेना है।

- पुदीने की 2-3 पत्तियां लेनी है। लेमन बाम की 1 टीस्पून सूखी हुई पत्तियां लें।

- माका रूट का 1 टीस्पून पाउडर लें।

- इसे आपको पानी में उबालना है।

- इसे छानकर सुबह के समय पिएं

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow