ममता सरकार ने खोला खजाना, West Bengal के पुजारियों-मुअज्जिनों का भत्ता 4 गुना बढ़ा, DA पर भी Big News

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान से ठीक पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य के कर्मचारियों और धार्मिक गुरुओं के लिए बड़ी घोषणाएं की हैं। राज्य सरकार ने लंबे समय से लंबित महंगाई भत्ते के बकाये को चुकाने और पुजारियों व मुअज्जिनों के मासिक भत्ते में वृद्धि करने का फैसला लिया है। ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए इसे अपनी सरकार द्वारा वादा निभाने वाला कदम बताया है।कर्मचारियों को मिलेगा 2009 से लंबित डीए बकायाराज्य सरकार ने घोषणा की है कि 'ROPA-2009' के तहत जो महंगाई भत्ता बकाया था, उसका भुगतान मार्च 2026 से चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा। इस फैसले का सीधा फायदा राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों, पेंशनरों, स्कूलों और कॉलेजों के शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को मिलेगा। साथ ही पंचायत, नगर पालिका और अन्य स्थानीय निकायों के स्टाफ को भी इस दायरे में शामिल किया गया है। वित्त विभाग ने इसके लिए जरूरी दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए हैं। इसे भी पढ़ें: बहुजन राजनीति के नायक Kanshi Ram को मिले 'भारत रत्न', Rahul Gandhi ने PM Modi को Letter लिख क्यों की यह मांग?पुजारियों और मुअज्जिनों के मानदेय में भारी इजाफामुख्यमंत्री ने राज्य के आध्यात्मिक और सामाजिक ढांचे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पुजारियों और मुअज्जिनों के लिए भी बड़ा ऐलान किया है। अब तक उन्हें मिलने वाले 500 रुपये के मासिक मानदेय को बढ़ाकर सीधा 2,000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। ममता बनर्जी ने बताया कि मानदेय में 1,500 रुपये की यह वृद्धि तत्काल प्रभाव से लागू होगी। साथ ही, जिन नए पुजारियों और मुअज्जिनों ने आवेदन किया था, उन्हें भी सरकार ने मंजूरी दे दी है। इसे भी पढ़ें: NSA हटने के बाद जेल से छूटे Sonam Wangchuk, सीधे Hospital पहुंचे, पत्नी ने बताई सेहत की Updateचुनावी माहौलममता बनर्जी ने लिखा कि उन्हें ऐसे वातावरण को बढ़ावा देने पर गर्व है जहां हर समुदाय और परंपरा का सम्मान किया जाता है। हालांकि, चुनाव की तारीखों के ऐलान से ठीक पहले किए गए इन ऐलानों को विपक्षी दल 'चुनावी दांव' करार दे रहे हैं। सरकार का कहना है कि यह कदम उन वादों को पूरा करने की दिशा में है जो कर्मचारियों और विभिन्न समुदायों से किए गए थे। इस फैसले से राज्य के करीब 20 लाख कर्मचारियों और पेंशनरों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

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Mar 16, 2026 - 09:18
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ममता सरकार ने खोला खजाना, West Bengal के पुजारियों-मुअज्जिनों का भत्ता 4 गुना बढ़ा, DA पर भी Big News
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान से ठीक पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य के कर्मचारियों और धार्मिक गुरुओं के लिए बड़ी घोषणाएं की हैं। राज्य सरकार ने लंबे समय से लंबित महंगाई भत्ते के बकाये को चुकाने और पुजारियों व मुअज्जिनों के मासिक भत्ते में वृद्धि करने का फैसला लिया है। ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए इसे अपनी सरकार द्वारा वादा निभाने वाला कदम बताया है।

कर्मचारियों को मिलेगा 2009 से लंबित डीए बकाया

राज्य सरकार ने घोषणा की है कि 'ROPA-2009' के तहत जो महंगाई भत्ता बकाया था, उसका भुगतान मार्च 2026 से चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा। इस फैसले का सीधा फायदा राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों, पेंशनरों, स्कूलों और कॉलेजों के शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को मिलेगा। साथ ही पंचायत, नगर पालिका और अन्य स्थानीय निकायों के स्टाफ को भी इस दायरे में शामिल किया गया है। वित्त विभाग ने इसके लिए जरूरी दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए हैं।
 

इसे भी पढ़ें: बहुजन राजनीति के नायक Kanshi Ram को मिले 'भारत रत्न', Rahul Gandhi ने PM Modi को Letter लिख क्यों की यह मांग?


पुजारियों और मुअज्जिनों के मानदेय में भारी इजाफा

मुख्यमंत्री ने राज्य के आध्यात्मिक और सामाजिक ढांचे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पुजारियों और मुअज्जिनों के लिए भी बड़ा ऐलान किया है। अब तक उन्हें मिलने वाले 500 रुपये के मासिक मानदेय को बढ़ाकर सीधा 2,000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। ममता बनर्जी ने बताया कि मानदेय में 1,500 रुपये की यह वृद्धि तत्काल प्रभाव से लागू होगी। साथ ही, जिन नए पुजारियों और मुअज्जिनों ने आवेदन किया था, उन्हें भी सरकार ने मंजूरी दे दी है।
 

इसे भी पढ़ें: NSA हटने के बाद जेल से छूटे Sonam Wangchuk, सीधे Hospital पहुंचे, पत्नी ने बताई सेहत की Update


चुनावी माहौल

ममता बनर्जी ने लिखा कि उन्हें ऐसे वातावरण को बढ़ावा देने पर गर्व है जहां हर समुदाय और परंपरा का सम्मान किया जाता है। हालांकि, चुनाव की तारीखों के ऐलान से ठीक पहले किए गए इन ऐलानों को विपक्षी दल 'चुनावी दांव' करार दे रहे हैं। सरकार का कहना है कि यह कदम उन वादों को पूरा करने की दिशा में है जो कर्मचारियों और विभिन्न समुदायों से किए गए थे। इस फैसले से राज्य के करीब 20 लाख कर्मचारियों और पेंशनरों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

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