'भारत कभी किसी विदेशी ताकत के आदेश नहीं मानता', पीएम मोदी पर दबाव बनाना बेकार, ट्रंप को पुतिन का कड़ा जवाब

रूस के साथ सहयोग कम करने के लिए भारत पर लगातार दबाव बनाने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बेहद कड़ा संदेश दिया है। पुतिन ने शुक्रवार को साफ शब्दों में कहा कि नई दिल्ली कभी भी किसी विदेशी ताकत के 'आदेश' नहीं मानेगी और एक स्वतंत्र व संप्रभु देश के तौर पर ही काम करती रहेगी। सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम (SPIEF) में बोलते हुए पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की जमकर तारीफ की। उन्होंने ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों का ज़िक्र करते हुए कहा कि ऐसी पाबंदियां अंत में 'उल्टा असर' (boomerang effect) ही करेंगी। भारत हमेशा "राष्ट्रीय हित, कीमत और टेक्नोलॉजी के फायदे" के आधार पर अपने वैश्विक पार्टनर चुनता रहेगा।इसे भी पढ़ें: संकरी गलियां और नियमों की अनदेखी बनती रही काल! दिल्ली में पिछले 6 सालों में आग से जुड़ी घटनाओं में 543 लोगों की जान गयी  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफसेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम (SPIEF) में बोलते हुए, पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ भी की और कहा कि प्रतिबंध - ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए प्रतिबंधों का ज़िक्र करते हुए - अंत में 'उल्टा असर' ही करेंगे। उन्होंने कहा कि भारत "राष्ट्रीय हित, कीमत और टेक्नोलॉजी के फायदे" के आधार पर अपने पार्टनर चुनना जारी रखेगा।रूसी विदेश मंत्रालय के अनुसार, पुतिन ने कहा, "अमेरिका कुछ मुद्दों पर भारत पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है, जिसमें रूस के साथ सहयोग के कुछ पहलू भी शामिल हैं। लेकिन अब तक यह सभी को साफ हो जाना चाहिए: 1.5 अरब लोगों के देश का नेतृत्व करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दबाव बनाना बेकार की कोशिश है।" इसे भी पढ़ें: Delhi Hotel Fire Update | दिल्ली में अवैध निर्माण पर चला एमसीडी का हथौड़ा! 82 संपत्तियां ध्वस्त, 43 सील, हौज रानी अग्निकांड के बाद प्रशासन सख्तपुतिन की ये कड़ी बातें ट्रंप द्वारा रूस से तेल खरीदने के लिए भारत पर लगाए गए प्रतिबंधों के जवाब में आई हैं। ट्रंप ने भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया था और आरोप लगाया था कि रूस से तेल खरीदने से यूक्रेन में युद्ध को बढ़ावा मिल रहा है - एक ऐसा आरोप जिसे नई दिल्ली ने बार-बार नकारा है। गौरतलब है कि पश्चिमी देश खुद रूस से गैस और तेल खरीद रहे हैं, जिसका ज़िक्र भारत लगातार करता रहा है।ट्रंप के टैरिफ की बात करें तो, भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते के तहत इस साल की शुरुआत में 25 प्रतिशत का शुल्क हटा लिया गया था। पुतिन ने कहा कि भारत रूस का एक भरोसेमंद पार्टनर बना हुआ है, और मॉस्को को अलग-थलग करने की पश्चिमी देशों की कोशिशें पूरी तरह नाकाम रही हैं। उन्होंने भारत और रूस के बीच सैन्य सहयोग के बारे में भी बात की और कहा कि यह सोवियत काल से चला आ रहा है, साथ ही कहा कि भविष्य में ये संबंध और बढ़ेंगे।स्पुतनिक इंडिया के अनुसार, रूसी राष्ट्रपति ने कहा, "भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग बाहरी दबाव के बिना जारी रहेगा और पूरी तरह से आपसी प्रतिबद्धताओं और राष्ट्रीय हितों से निर्देशित होगा। भारत के साथ रूस का रक्षा सहयोग किसी तीसरे देश के राजनीतिक दबाव से प्रभावित नहीं होगा।"गौरतलब है कि सैन्य सहयोग बढ़ाने की कोशिश के तौर पर, पुतिन पहले ही कह चुके हैं कि रूस पांचवीं पीढ़ी के सुखोई Su-57 प्रोग्राम पर भारत के साथ काम करने के लिए तैयार है। उनके अनुसार, Su-57 दुनिया के सबसे बेहतरीन लड़ाकू विमानों में से एक है और रूस भारत को Su-57 की टेक्नोलॉजी और सोर्स कोड देने के लिए तैयार है। Stay updated with International News in Hindi on Prabhasakshi ???? President #Putin: The US is trying to pressure India on certain issues, including some aspects of cooperation with Russia. But it should be clear to everyone by now: pressuring Prime Minister @narendramodi, who leads a country of 1.5 billion people, is ????a futile exercise. pic.twitter.com/v2MlhpV34Z— MFA Russia ???????? (@mfa_russia) June 5, 2026 ???????????????????? India acts as a sovereign nation, sanctions would boomerang Under the leadership of PM Modi: PutinDefence cooperation between India and Russia will continue without external pressure and remain guided strictly by mutual commitments and national interests, President Putin… pic.twitter.com/HTX2FnPFwI— Sputnik India (@Sputnik_India) June 5, 2026

PNSPNS
Jun 6, 2026 - 10:51
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'भारत कभी किसी विदेशी ताकत के आदेश नहीं मानता', पीएम मोदी पर दबाव बनाना बेकार, ट्रंप को पुतिन का कड़ा जवाब
रूस के साथ सहयोग कम करने के लिए भारत पर लगातार दबाव बनाने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बेहद कड़ा संदेश दिया है। पुतिन ने शुक्रवार को साफ शब्दों में कहा कि नई दिल्ली कभी भी किसी विदेशी ताकत के 'आदेश' नहीं मानेगी और एक स्वतंत्र व संप्रभु देश के तौर पर ही काम करती रहेगी। सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम (SPIEF) में बोलते हुए पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की जमकर तारीफ की। उन्होंने ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों का ज़िक्र करते हुए कहा कि ऐसी पाबंदियां अंत में 'उल्टा असर' (boomerang effect) ही करेंगी। भारत हमेशा "राष्ट्रीय हित, कीमत और टेक्नोलॉजी के फायदे" के आधार पर अपने वैश्विक पार्टनर चुनता रहेगा।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ

सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम (SPIEF) में बोलते हुए, पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ भी की और कहा कि प्रतिबंध - ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए प्रतिबंधों का ज़िक्र करते हुए - अंत में 'उल्टा असर' ही करेंगे। उन्होंने कहा कि भारत "राष्ट्रीय हित, कीमत और टेक्नोलॉजी के फायदे" के आधार पर अपने पार्टनर चुनना जारी रखेगा।

रूसी विदेश मंत्रालय के अनुसार, पुतिन ने कहा, "अमेरिका कुछ मुद्दों पर भारत पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है, जिसमें रूस के साथ सहयोग के कुछ पहलू भी शामिल हैं। लेकिन अब तक यह सभी को साफ हो जाना चाहिए: 1.5 अरब लोगों के देश का नेतृत्व करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दबाव बनाना बेकार की कोशिश है।"
 

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पुतिन की ये कड़ी बातें ट्रंप द्वारा रूस से तेल खरीदने के लिए भारत पर लगाए गए प्रतिबंधों के जवाब में आई हैं। ट्रंप ने भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया था और आरोप लगाया था कि रूस से तेल खरीदने से यूक्रेन में युद्ध को बढ़ावा मिल रहा है - एक ऐसा आरोप जिसे नई दिल्ली ने बार-बार नकारा है। गौरतलब है कि पश्चिमी देश खुद रूस से गैस और तेल खरीद रहे हैं, जिसका ज़िक्र भारत लगातार करता रहा है।

ट्रंप के टैरिफ की बात करें तो, भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते के तहत इस साल की शुरुआत में 25 प्रतिशत का शुल्क हटा लिया गया था। पुतिन ने कहा कि भारत रूस का एक भरोसेमंद पार्टनर बना हुआ है, और मॉस्को को अलग-थलग करने की पश्चिमी देशों की कोशिशें पूरी तरह नाकाम रही हैं। उन्होंने भारत और रूस के बीच सैन्य सहयोग के बारे में भी बात की और कहा कि यह सोवियत काल से चला आ रहा है, साथ ही कहा कि भविष्य में ये संबंध और बढ़ेंगे।

स्पुतनिक इंडिया के अनुसार, रूसी राष्ट्रपति ने कहा, "भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग बाहरी दबाव के बिना जारी रहेगा और पूरी तरह से आपसी प्रतिबद्धताओं और राष्ट्रीय हितों से निर्देशित होगा। भारत के साथ रूस का रक्षा सहयोग किसी तीसरे देश के राजनीतिक दबाव से प्रभावित नहीं होगा।"

गौरतलब है कि सैन्य सहयोग बढ़ाने की कोशिश के तौर पर, पुतिन पहले ही कह चुके हैं कि रूस पांचवीं पीढ़ी के सुखोई Su-57 प्रोग्राम पर भारत के साथ काम करने के लिए तैयार है। उनके अनुसार, Su-57 दुनिया के सबसे बेहतरीन लड़ाकू विमानों में से एक है और रूस भारत को Su-57 की टेक्नोलॉजी और सोर्स कोड देने के लिए तैयार है।
 
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