बुधवार को पंजाब कांग्रेस नेतृत्व में बदलाव की अटकलों को खारिज करते हुए कहा गया कि पार्टी हाईकमान का अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को राज्य इकाई का प्रमुख बनाए रखने का फैसला अंतिम है। पत्रकारों से बात करते हुए बघेल ने कहा कि नेतृत्व से जुड़े फैसलों पर बार-बार पुनर्विचार नहीं किया जाता है। उन्होंने कहा कि जब हाईकमान ने कोई फैसला ले लिया है, तो उसे बदला नहीं जाता। क्या यह गुड़िया-गुड्डे का खेल है कि बार-बार फैसला बदला जाएगा?
यह बयान ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस ने 1 जुलाई को घोषणा की कि वारिंग पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष बने रहेंगे, जबकि अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर के सांसद चरणजीत सिंह चन्नी को चुनाव प्रचार समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। माना जा रहा है कि चन्नी राज्य इकाई का प्रमुख न बनाए जाने से नाराज़ हैं। सोमवार को मोहाली में कांग्रेस के कई सीनियर नेताओं ने उनकी मौजूदगी में बैठक की। इससे कुछ दिन पहले ही कई मौजूदा और पूर्व विधायकों ने इस पद के लिए उनकी उम्मीदवारी का समर्थन किया था।
बघेल ने कहा कि वह जल्द ही चन्नी और सीनियर नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा से मिलेंगे। उन्होंने कहा कि मैंने उनसे (चन्नी से) बात की है; बैठक होगी। रंधावा भी मुझसे मिलने आएंगे। बघेल सोमवार को पंजाब के पांच दिन के दौरे पर पहुंचे। कांग्रेस अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारी तेज कर रही है।
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