पहलगाम आतंकी हमला बहुत दर्दनाक और अकल्पनीय: तेजस्वी यादव

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने मंगलवार को कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले को ‘‘बहुत दर्दनाक’’ बताते हुए कहा कि इस तरह पर्यटकों की जान लेना ‘अकल्पनीय’ है। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री ने यहां पत्रकारों से यह भी कहा कि आतंकवादियों ने उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र पर हमला किया और गोलीबारी 20 मिनट तक जारी रही। नेता प्रतिपक्ष यादव ने कहा, “हम इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करना चाहते। यह बहुत दुखद घटना है। इस तरह से पर्यटकों की हत्या अकल्पनीय है।” उन्होंने कहा, “मृतकों में से एक बिहार का रहने वाला था, लेकिन वह हैदराबाद में तैनात था। हम सभी शोक संतप्त परिवार के सदस्यों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं।” उन्होंने गुप्तचर ब्यूरो के अधिकारी मनीष रंजन का जिक्र किया, जिनके पिता बहुत पहले पश्चिम बंगाल चले गए थे। रंजन की पत्नी और बच्चे, जो उनके साथ जम्मू-कश्मीर के पर्यटन स्थल पर थे, इस हमले में बच गए। हमले में कम से कम 26 लोगों की मौत हो गई। यादव ने यह भी कहा, “पूरा देश सिर्फ न्याय चाहता है। दोषियों को सजा मिलनी चाहिए। पुलवामा आतंकी हमले को इतने साल बीत चुके हैं। कोई नहीं जानता कि जांच का क्या हुआ।” उल्लेखनीय है कि 14 फरवरी, 2019 को दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में हुए आत्मघाती हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 40 जवान शहीद हो गए थे। उन्होंने कहा, “पहलगाम को उच्च सुरक्षा वाला क्षेत्र कहा जाता है। फिर भी, आतंकवादी 20 मिनट तक उत्पात मचाते रहे। ऐसा कैसे हो सकता है? यह जांच का विषय है।

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Apr 24, 2025 - 03:30
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पहलगाम आतंकी हमला बहुत दर्दनाक और अकल्पनीय: तेजस्वी यादव

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने मंगलवार को कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले को ‘‘बहुत दर्दनाक’’ बताते हुए कहा कि इस तरह पर्यटकों की जान लेना ‘अकल्पनीय’ है। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री ने यहां पत्रकारों से यह भी कहा कि आतंकवादियों ने उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र पर हमला किया और गोलीबारी 20 मिनट तक जारी रही।

नेता प्रतिपक्ष यादव ने कहा, “हम इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करना चाहते। यह बहुत दुखद घटना है। इस तरह से पर्यटकों की हत्या अकल्पनीय है।” उन्होंने कहा, “मृतकों में से एक बिहार का रहने वाला था, लेकिन वह हैदराबाद में तैनात था। हम सभी शोक संतप्त परिवार के सदस्यों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं।”

उन्होंने गुप्तचर ब्यूरो के अधिकारी मनीष रंजन का जिक्र किया, जिनके पिता बहुत पहले पश्चिम बंगाल चले गए थे। रंजन की पत्नी और बच्चे, जो उनके साथ जम्मू-कश्मीर के पर्यटन स्थल पर थे, इस हमले में बच गए। हमले में कम से कम 26 लोगों की मौत हो गई।

यादव ने यह भी कहा, “पूरा देश सिर्फ न्याय चाहता है। दोषियों को सजा मिलनी चाहिए। पुलवामा आतंकी हमले को इतने साल बीत चुके हैं। कोई नहीं जानता कि जांच का क्या हुआ।”

उल्लेखनीय है कि 14 फरवरी, 2019 को दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में हुए आत्मघाती हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 40 जवान शहीद हो गए थे। उन्होंने कहा, “पहलगाम को उच्च सुरक्षा वाला क्षेत्र कहा जाता है। फिर भी, आतंकवादी 20 मिनट तक उत्पात मचाते रहे। ऐसा कैसे हो सकता है? यह जांच का विषय है।

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