दिल्ली: नाबालिग से दुष्कर्म के लिए व्यक्ति को 20 साल की जेल
दिल्ली की एक अदालत ने तीन साल की बच्ची का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने के अपराध में एक व्यक्ति को 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अनु अग्रवाल ने इसे एक अनोखा मामला बताया, जिसमें 55 वर्षीय दोषी ने न सिर्फ बच्ची का यौन उत्पीड़न किया, बल्कि उसके साथ बर्बरता की। अदालत ने तीन मई को अपने आदेश में कहा, ‘‘मौजूदा मामला अपनी तरह का अनोखा मामला है। दोषी ने तीन साल सात महीने की एक लड़की को अगवा कर लिया। दोषी की पीड़िता के घर के पास टीवी मरम्मत की दुकान थी और वह पीड़िता को अपनी दुकान पर ले गया, जहां उसने लड़की के साथ बर्बरता की।’’ अदालत ने इस मामले में बहस सुनी, जिसमें व्यक्ति को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं 376 एबी (12 वर्ष से कम आयु की लड़की के साथ दुष्कर्म) और 363 (अपहरण) के अलावा यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम (पोक्सो) के प्रावधानों के तहत दोषी ठहराया गया। अदालत ने नाबालिग को 10.50 लाख रुपये का मुआवजा दिलाया।
दिल्ली की एक अदालत ने तीन साल की बच्ची का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने के अपराध में एक व्यक्ति को 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अनु अग्रवाल ने इसे एक अनोखा मामला बताया, जिसमें 55 वर्षीय दोषी ने न सिर्फ बच्ची का यौन उत्पीड़न किया, बल्कि उसके साथ बर्बरता की।
अदालत ने तीन मई को अपने आदेश में कहा, ‘‘मौजूदा मामला अपनी तरह का अनोखा मामला है। दोषी ने तीन साल सात महीने की एक लड़की को अगवा कर लिया। दोषी की पीड़िता के घर के पास टीवी मरम्मत की दुकान थी और वह पीड़िता को अपनी दुकान पर ले गया, जहां उसने लड़की के साथ बर्बरता की।’’
अदालत ने इस मामले में बहस सुनी, जिसमें व्यक्ति को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं 376 एबी (12 वर्ष से कम आयु की लड़की के साथ दुष्कर्म) और 363 (अपहरण) के अलावा यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम (पोक्सो) के प्रावधानों के तहत दोषी ठहराया गया। अदालत ने नाबालिग को 10.50 लाख रुपये का मुआवजा दिलाया।
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