थाईलैंड में मौत की सज़ा के इन्तज़ार में जीवित रहने की दास्तान
थाईलैंड की एक महिला को नशीले पदार्थों की तस्करी के जुर्म में दोषी पाए जाने के बाद मृत्युदंड की सज़ा सुनाई गई थी. उसने आठ साल तक मृत्युदंड की प्रतीक्षा करते हुए, अपना हौसला बनाए रखा. उसका भाग्य बदला, मृत्युदंड की सज़ा आजीवन कारावस में बदली और फिर उसे क़ैद से रिहाई भी देखने को मिली. इस दौरान उसे सलाख़ों के पीछे रहकर ही, कपड़ों की सिलाई सीखकर, जीवन का अर्थ खोजने व रिहाई के बाद रोज़गार पाने में मदद मिली.
थाईलैंड की एक महिला को नशीले पदार्थों की तस्करी के जुर्म में दोषी पाए जाने के बाद मृत्युदंड की सज़ा सुनाई गई थी. उसने आठ साल तक मृत्युदंड की प्रतीक्षा करते हुए, अपना हौसला बनाए रखा. उसका भाग्य बदला, मृत्युदंड की सज़ा आजीवन कारावस में बदली और फिर उसे क़ैद से रिहाई भी देखने को मिली. इस दौरान उसे सलाख़ों के पीछे रहकर ही, कपड़ों की सिलाई सीखकर, जीवन का अर्थ खोजने व रिहाई के बाद रोज़गार पाने में मदद मिली.