कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि सरकार महिला आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक को पास कराना चाहती है, ताकि इस बार के विधानसभा चुनावों में इसका श्रेय और फायदा लिया जा सके। उन्होंने कहा कि लोकसभा और विधानसभाओं की सीट संख्या में 50 प्रतिशत के अनुपात में वृद्धि की बात सामने आई है, परिसीमन के इस प्रस्ताव के गंभीर परिणाम होंगे, परिसीमन पर गहन विचार-विमर्श की जरूरत है।
खरगे ने कहा कि मोदी सरकार 16 अप्रैल से संसद सत्र बुला रही है, जिसका एकमात्र उद्देश्य राजनीतिक लाभ प्राप्त करना है, जो आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) का उल्लंघन है, और वह संवैधानिक संशोधन विधेयक को अत्यंत शीघ्रता से पारित करने के लिए उत्सुक है। कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रस्तावित संशोधन इस प्रकार के हैं कि वे देश की चुनावी प्रणाली पर गहरा प्रभाव डाल सकते हैं।
खरगे ने जोर देकर कहा कि इसलिए, इस बैठक के बाद, हम विपक्ष के अपने सहयोगियों के साथ भी इन मुद्दों पर चर्चा करके एक सामूहिक रणनीति तैयार करेंगे। हम एकजुट होकर आगे बढ़ेंगे। खरगे की अध्यक्षता में हुई बैठक में पूर्व पार्टी प्रमुख राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, के सी वेणुगोपाल, जयराम रमेश और सचिन पायलट, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी सहित अन्य लोग शामिल हुए।