खाने के तेल की कीमत में आएगी कमी, सरकार लेगी ऐसा फैसला, जनता को मिलेगी राहत

केंद्र सरकार जल्द ही ऐसा फैसला लेने वाली है जिससे आम जनता को राहत मिलेगी। केंद्र सरकार ने क्रूड पाम ऑयल, सोयाबीन ऑयल, सनफ्लावर ऑयल की कीमत में राहत देने के लिए फैसला किया है। सरकार अब तेल पर बेसिक कस्टम ड्यूटी को 20 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी करने वाली है।  सरकार ने देश में खाने के तेल की कीमत में कमी लाने के लिए ये फैसला किया है। वहीं लोकल प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भी ये कदम उठाया गया है। जानकारी के मुताबिक केंद्र सरकार 31 मई से इस फैसले को लागू करेगी। इससे रिटेल महंगाई भी कम हो सकती है। ये भारतीय वेजिटेबल ऑयल रीफाइनिंग इंडस्ट्री को भी बढ़ावा देगा। इम्पोर्ट ड्यूटी हुई कम वित्त मंत्रालय ने इस संबंध में शुक्रवार को नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस नोटिफिकेशन में कहा गया कि तीनों तीनों पर लगने वाली इम्पोर्ट ड्यूटी को अब 27.5 फीसदी से घटाकर 16.5 फीसदी किया जाएगा। इसमें सरचार्ज और सेस भी शामिल है। रिफाइंड तेल पर बेसिक कस्टम ड्यूटी में किसी तरह का संशोधन नहीं हुआ है। ये पहले भी 32.5 फीसदी पर थी और अब भी वैसी ही है। वहीं इफेक्टिव ड्यूटी 35.75 फीसदी हो गई है। तेल आयात करता है भारतबता दें कि केंद्र सरकार ने इस कदम को ऐसे समय में उठाया है जब दुनिया में खाना बनाने वाले तेल के सबसे बड़े इम्पोर्टर भारत ने 2023-24 में 1.32 लाख करोड़ रुपये की लागत के साथ 159.6 लाख टन खाने के तेल का आयात किया है। भारत में खाने के तेल का आयात 50 फीसदी विदेशों से होता है। भारत जिस तेल का आयात करता है, उसमें पाम ऑयल मलेशिया और इंडोनेशिया से आयात होता है। वहीं सोयाबीन का तेल ब्राजील और अर्जेंटीना से आयात होता है।

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Jun 1, 2025 - 03:31
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खाने के तेल की कीमत में आएगी कमी, सरकार लेगी ऐसा फैसला, जनता को मिलेगी राहत
केंद्र सरकार जल्द ही ऐसा फैसला लेने वाली है जिससे आम जनता को राहत मिलेगी। केंद्र सरकार ने क्रूड पाम ऑयल, सोयाबीन ऑयल, सनफ्लावर ऑयल की कीमत में राहत देने के लिए फैसला किया है। सरकार अब तेल पर बेसिक कस्टम ड्यूटी को 20 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी करने वाली है। 
 
सरकार ने देश में खाने के तेल की कीमत में कमी लाने के लिए ये फैसला किया है। वहीं लोकल प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भी ये कदम उठाया गया है। जानकारी के मुताबिक केंद्र सरकार 31 मई से इस फैसले को लागू करेगी। इससे रिटेल महंगाई भी कम हो सकती है। ये भारतीय वेजिटेबल ऑयल रीफाइनिंग इंडस्ट्री को भी बढ़ावा देगा।
 
इम्पोर्ट ड्यूटी हुई कम 
वित्त मंत्रालय ने इस संबंध में शुक्रवार को नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस नोटिफिकेशन में कहा गया कि तीनों तीनों पर लगने वाली इम्पोर्ट ड्यूटी को अब 27.5 फीसदी से घटाकर 16.5 फीसदी किया जाएगा। इसमें सरचार्ज और सेस भी शामिल है। रिफाइंड तेल पर बेसिक कस्टम ड्यूटी में किसी तरह का संशोधन नहीं हुआ है। ये पहले भी 32.5 फीसदी पर थी और अब भी वैसी ही है। वहीं इफेक्टिव ड्यूटी 35.75 फीसदी हो गई है।
 
तेल आयात करता है भारत
बता दें कि केंद्र सरकार ने इस कदम को ऐसे समय में उठाया है जब दुनिया में खाना बनाने वाले तेल के सबसे बड़े इम्पोर्टर भारत ने 2023-24 में 1.32 लाख करोड़ रुपये की लागत के साथ 159.6 लाख टन खाने के तेल का आयात किया है। भारत में खाने के तेल का आयात 50 फीसदी विदेशों से होता है। भारत जिस तेल का आयात करता है, उसमें पाम ऑयल मलेशिया और इंडोनेशिया से आयात होता है। वहीं सोयाबीन का तेल ब्राजील और अर्जेंटीना से आयात होता है।

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