उत्तरकाशी आपदा: हर सुबह अपनों को ढूंढने की जद्दोजहद; बदल गई ग्रामीणों की दिनचर्या, चारों ओर पसरा है मलबा
सीमांत गांव धराली में 5 अगस्त को आई त्रासदी के एक सप्ताह बाद भी दर्द और उम्मीद की दास्तान यहां के हर पत्थर और मलबे में गूंज रही है।
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