एक तरफ ईरान अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन कर रहा है तो दूसरी तरफ अमेरिका ने भी अपनी सुरक्षा व्यवस्था को और ज्यादा मजबूत किया है। ईरान का संदेश साफ है वो पीछे हटने को तैयार नहीं है। किसी भी सैन्य कार्यवाही का जवाब उसी अंदाज में दिया जाएगा। वहीं वाशिंगटन का कहना है कि वो अपने सैनिकों, अपने ठिकानों और अपने सहयोगी देशों की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा। इस बीच एक बड़ी खबर है। सोशल मीडिया पर अमेरिकी राष्ट्रपति का पोस्ट सामने आया है। बी2 बॉम्बर और फाइटर जेट्स की तस्वीरें पोस्ट की है। ईरान अपनी शक्ति प्रदर्शन कर रहा है। क्यों कर रहा है? यूएस अपना शक्ति प्रदर्शन कर रहा है। क्यों कर रहा है? आपके बीच में तो संधि हो रखी है। आपके बीच में एक एमओयू है। आपको तो बातचीत कर कर प्रॉब्लम सॉल्व करनी थी। क्योंकि बातचीत इसलिए नहीं हो रही क्योंकि दोनों के दोनों टेबल पर अपने आप को स्ट्रांग दिखाना चाहते हैं। पोजीशन ऑफ स्ट्रेंथ दिखाना चाहते हैं।
अमेरिका ईरान के बीच में तनाव बढ़ गया है और F35 की तस्वीर साझा की है। यह साफ तौर पर चेतावनी है। यह दिखाने की कोशिश है कि अमेरिकी सेना हर वक्त तैयार है। ये तस्वीरें एक बार फिर ईमान की साझा की है और ईरान यूएस के बीच में तनाव लगातार जारी है। ईरान के खिलाफ सऊदी बेस का इस्तेमाल कर रहा है अमेरिका। यह बड़ी जानकारी सामने आ रही है। सऊदी बेस से अमेरिकी टोही विमान ने उड़ान भरी है। एयर कंट्रोल एयरक्राफ्ट उड़ा है। सऊदी बेस से अमेरिकी टोही विमान ने उड़ान भरी है। अमेरिका की पहली कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य में एक कंटेनर पोत पर ईरान के हमले के जवाब में की गई। इसके बाद ईरान ने खाड़ी के अरब देशों पर हमले किए, जिससे क्षेत्र में हिंसा का नया दौर शुरू हो गया और युद्ध समाप्त करने के लिए तेहरान तथा वाशिंगटन के बीच चल रही वार्ता के विफल होने का खतरा बढ़ गया। अमेरिका ने इसके बाद भी हमले किए। जलडमरूमध्य के निकट स्थित केश्म द्वीप के गवर्नर ने ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी इरना को बताया कि सैन्य ठिकानों पर प्रक्षेपास्त्र दागे गए, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ।
बंदर अब्बास और उसके उत्तर में स्थित हाजीआबाद शहर में भी विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। अमेरिका के एक अधिकारी ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया कि कुछ हमलों में मिसाइल और वायु रक्षा प्रणालियों के साथ-साथ अर्द्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड की नौकाओं को निशाना बनाया गया। ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध समाप्त करने के उद्देश्य से हुए अंतरिम समझौते की 60 दिन की अवधि लगभग आधी पूरी हो चुकी है। वैश्विक तेल और प्राकृतिक गैस आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद वार्ता में बड़ी बाधा बन गए हैं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने एक बयान में कहा, ‘‘बड़े पैमाने पर संघर्ष की वापसी के विनाशकारी परिणाम होंगे।’’ अमेरिका का कहना है कि जलडमरूमध्य खुला है, लेकिन ईरान ने इसके बंद होने कादावा किया है। अमेरिकी सेना ने रविवार को कहा कि उसने ईरान में लगभग 140 ठिकानों को निशाना बनाया, जिनमें मिसाइल और ड्रोन प्रक्षेपण स्थल, गोला-बारूद भंडार, संचार उपकरण और अन्य सैन्य प्रतिष्ठान शामिल हैं। हाल के दिनों की तुलना में ये हमले अधिक व्यापक थे। अमेरिका ने पिछले एक सप्ताह में ओमान के तट से होकर गुजरने वाले जहाजों पर हमलों के जवाब में ईरान पर तीन चरणों में हवाई हमले किए हैं।