ईरान का ऐसा खौफ, होटल में छिपे अमेरिकी सैनिक, हमले के बाद कई ठिकाने बर्बाद

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कभी शायद ही सोचा हो कि उनके सैनिकों पर ईरान के हमले इतने पहने हो जाएंगे कि सैनिकों को होटलों में पनाह लेनी पड़ेगी। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट यही कह रही है। पूरे मिडिल ईस्ट और वेस्ट एशिया जो इलाका है वहां पर अमेरिका के छोटे-बड़े मिलाके और ठिकाने एयरबेस नेवल बेस सब मिला के 13 बड़े-बड़े ऐसे बेस हैं जो अमेरिका के लिए स्ट्रेटेजिक रूप से बहुत अहम माने जाते हैं। ईरान ने इन पर इतना जबरदस्त हमले हमला किया चाहे वो ड्रोन से हो, चाहे बैलेस्टिक मिसाइल से हो, चाहे वो हाइपरसोनिक मिसाइल से हो कि अब वहां रहने लायक नहीं बचा है।  या तो वह पूरी तरह तबाह हो चुके हैं वो बेसेस। या तो अगर वो बचे भी हैं तो उनमें जान का खतरा लेके कोई रहना नहीं चाहता। अब यही वजह है कि अमेरिकी सैनिकों को इधर-उधर शिफ्ट किया जा रहा है। अलग-अलग जगहों पे भेजा जा रहा है। लेकिन उन बेसिस पे नहीं रहना चाह रहा क्योंकि वो बेस लगातार ईरान जाने किस तरह से मॉनिटर कर रहा है। वो सेटेलाइट इमेजरी उसको मिल रही है या जो भी चीजें हैं लेकिन वो लगातार इन पे नजर बनाए हुए हैं। और जैसे ही वहां कोई एक्टिविटी हो रही है ईरान तुरंत हमले कर रहा है।इसे भी पढ़ें: मिडिल मैन बनकर फंस गया पाकिस्तान? दूतावास के पास धमाके, राजदूत के घर के पास भी हुआ ब्लास्टकतर में वहां पे सबसे बड़ा रडार था जो उस पूरे एरिया पे निगरानी रखता था वो रडार तबाह कर दिया। ईरान ने  पूरे मिडिल ईस्ट में जो अमेरिका के मिलिट्री बेससेस हैं वहां पर हमले हुए हैं। अमेरिका कई ठिकानों पे जो खासकर मिलिट्री ठिकाने हैं वहां हमले हो रहे हैं। इसमें दो ठिकाने सबसे अहम है। एक क़तर का अलदैद एयरवेज क़तर में ही जो है अमेरिका की जो सेंट्रल कमांड है सेंट कॉम उसका हेड क्वार्टर है और दूसरा है बहरीन में अमेरिकी नेवी की फिफ्थ फ्लीट जो एक मतलब वो नेवल हेड क्वार्टर है उनका। उस पूरी एरिया में जितनी भी नेवल एक्टिविटी होती है अमेरिका की जो अब्राहम लिंकन और जेरा फोल्ड सब वहीं से ऑपरेट हो रहे हैं। सब वहीं से कंट्रोल हो रहे हैं। उसके अलावा जो लैंड फोर्सेस हैं जो भी तमाम डिसीजन लिए जाते हैं वो सेंट्रल कमांड से लिए जाते हैं। ये दो तो सबसे अहम बेस हैं। इसके अलावा सऊदी का प्रिंस सुल्तान एयरबेस है। जावेद अली पोर्ट फैसिलिटी है। इसे भी पढ़ें: Middle East में जंग का नया मोर्चा? Iran में स्कूल पर हमला, Saudi के Riyadh पर 6 मिसाइलें नेवल फैसिलिटी से लेकर एयरबसेस जो ये दो मतलब मेन चीजें होती हैं किसी भी मिलिट्री में। दोनों को निशाना बनाया ईरान ने और इस तरीके से निशाना बनाया। ईरान ने अमेरिका के बेसिस को निशाना बनाया है। उनका जो वहां पर मिलिट्री सिस्टम था उनको भी निशाना बनाया गया। तो अब जो खबरें आ रही हैं कि सैनिक कई अमेरिकी सैनिक छितर-बितर हो गए हैं और अलग-अलग होटलों में और दफ्तरों में पनाह लिए हुए हैं।

PNSPNS
Mar 28, 2026 - 12:34
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ईरान का ऐसा खौफ, होटल में छिपे अमेरिकी सैनिक, हमले के बाद कई ठिकाने बर्बाद
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कभी शायद ही सोचा हो कि उनके सैनिकों पर ईरान के हमले इतने पहने हो जाएंगे कि सैनिकों को होटलों में पनाह लेनी पड़ेगी। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट यही कह रही है। पूरे मिडिल ईस्ट और वेस्ट एशिया जो इलाका है वहां पर अमेरिका के छोटे-बड़े मिलाके और ठिकाने एयरबेस नेवल बेस सब मिला के 13 बड़े-बड़े ऐसे बेस हैं जो अमेरिका के लिए स्ट्रेटेजिक रूप से बहुत अहम माने जाते हैं। ईरान ने इन पर इतना जबरदस्त हमले हमला किया चाहे वो ड्रोन से हो, चाहे बैलेस्टिक मिसाइल से हो, चाहे वो हाइपरसोनिक मिसाइल से हो कि अब वहां रहने लायक नहीं बचा है।  या तो वह पूरी तरह तबाह हो चुके हैं वो बेसेस। या तो अगर वो बचे भी हैं तो उनमें जान का खतरा लेके कोई रहना नहीं चाहता। अब यही वजह है कि अमेरिकी सैनिकों को इधर-उधर शिफ्ट किया जा रहा है। अलग-अलग जगहों पे भेजा जा रहा है। लेकिन उन बेसिस पे नहीं रहना चाह रहा क्योंकि वो बेस लगातार ईरान जाने किस तरह से मॉनिटर कर रहा है। वो सेटेलाइट इमेजरी उसको मिल रही है या जो भी चीजें हैं लेकिन वो लगातार इन पे नजर बनाए हुए हैं। और जैसे ही वहां कोई एक्टिविटी हो रही है ईरान तुरंत हमले कर रहा है।

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कतर में वहां पे सबसे बड़ा रडार था जो उस पूरे एरिया पे निगरानी रखता था वो रडार तबाह कर दिया। ईरान ने  पूरे मिडिल ईस्ट में जो अमेरिका के मिलिट्री बेससेस हैं वहां पर हमले हुए हैं। अमेरिका कई ठिकानों पे जो खासकर मिलिट्री ठिकाने हैं वहां हमले हो रहे हैं। इसमें दो ठिकाने सबसे अहम है। एक क़तर का अलदैद एयरवेज क़तर में ही जो है अमेरिका की जो सेंट्रल कमांड है सेंट कॉम उसका हेड क्वार्टर है और दूसरा है बहरीन में अमेरिकी नेवी की फिफ्थ फ्लीट जो एक मतलब वो नेवल हेड क्वार्टर है उनका। उस पूरी एरिया में जितनी भी नेवल एक्टिविटी होती है अमेरिका की जो अब्राहम लिंकन और जेरा फोल्ड सब वहीं से ऑपरेट हो रहे हैं। सब वहीं से कंट्रोल हो रहे हैं। उसके अलावा जो लैंड फोर्सेस हैं जो भी तमाम डिसीजन लिए जाते हैं वो सेंट्रल कमांड से लिए जाते हैं। ये दो तो सबसे अहम बेस हैं। इसके अलावा सऊदी का प्रिंस सुल्तान एयरबेस है। जावेद अली पोर्ट फैसिलिटी है। 

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 नेवल फैसिलिटी से लेकर एयरबसेस जो ये दो मतलब मेन चीजें होती हैं किसी भी मिलिट्री में। दोनों को निशाना बनाया ईरान ने और इस तरीके से निशाना बनाया। ईरान ने अमेरिका के बेसिस को निशाना बनाया है। उनका जो वहां पर मिलिट्री सिस्टम था उनको भी निशाना बनाया गया। तो अब जो खबरें आ रही हैं कि सैनिक कई अमेरिकी सैनिक छितर-बितर हो गए हैं और अलग-अलग होटलों में और दफ्तरों में पनाह लिए हुए हैं।

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