इजरायली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने Donald Trump को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया और इसे "पूरी तरह से योग्य" बताया। 20 जनवरी को व्हाइट हाउस में शपथ ग्रहण के बाद से यह तीसरी मुलाकात थी। इस दौरान उन्होंने यह बात कही। ट्रंप को पत्र सौंपते हुए, जिसे नेतन्याहू ने नोबेल पुरस्कार समिति को भेजा था, इजरायल के प्रधानमंत्री ने कहा, "आपको यह मिलना चाहिए।"ट्रंप और नेतन्याहू ने ईरान के परमाणु प्रतिष्ठानों पर हाल में किए गए संयुक्त हमलों को पूर्ण रूप से सफल करार देते हुए सोमवार को जीत का जश्न मनाया। दोनों नेताओं ने ईरान के खिलाफ कार्रवाई को चिह्नित करने तथा गाजा में 21 महीने से जारी युद्ध रोकने के लिए 60 दिन के संघर्षविराम प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के प्रयासों पर चर्चा करने के लिए ‘व्हाइट हाउस’ (अमेरिका के राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) में अपने शीर्ष सहयोगियों के साथ रात्रि भोज किया। नेतन्याहू ने नोबेल समिति को सौंपे जाने वाला नामांकन पत्र ट्रंप को देते हुए कहा, ‘‘हम जब बात कर रहे हैं, तो वह (ट्रंप) एक के बाद एक देश और क्षेत्र में शांति स्थापित कर रहे हैं।’’ यह कदम ऐसे समय में उठाया गया जब इजराइली नेता नेतन्याहू, ट्रंप और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपतियों पर ईरान के परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने का वर्षों से दबाव डालते रहे हैं।इसे भी पढ़ें: Manipur Violence | मणिपुर में शांति लौटने के सकारात्मक संकेत, मेइती-कुकी वार्ता को प्रोत्साहित किया जा रहा, आरएसएस कराएगी सुलह? ट्रंप ने अमेरिकी सेना को तीन प्रमुख ईरानी परमाणु स्थलों पर बम गिराने और ‘टॉमहॉक’ मिसाइल की बौछार करने का आदेश दिया था। नेतन्याहू की ‘व्हाइट हाउस’ की इस साल तीसरी यात्रा है। दोनों नेताओं ने आशा व्यक्त की कि ‘‘ईरान में उनकी सफलता’’ पश्चिम एशिया में एक नए युग की शुरुआत करेगी। ट्रंप ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि पश्चिम एशिया में चीजें बहुत हद तक सुलझ जाएंगी।’’इसे भी पढ़ें: ऑपरेशन सिंदूर को लेकर डिप्टी आर्मी चीफ के बयान से जुड़े सवाल को चीन ने टाला, कहा- पाकिस्तान हमारा करीबी दोस्त उन्होंने कहा कि ईरान उसके परमारणु कार्यक्रम को लेकर वार्ता फिर से शुरू करना चाहता है लेकिन ईरान ने इसकी पुष्टि नहीं की है। ट्रंप के साथ मौजूद पश्चिम एशिया मामलों के लिए अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ ने कहा कि ईरान के साथ बैठक संभवतः एक सप्ताह में होगी। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने सोमवार को प्रकाशित एक साक्षात्कार में कहा था कि अमेरिकी हवाई हमलों से उनके देश की परमाणु सुविधाओं को इतना अधिक नुकसान पहुंचा है कि ईरानी अधिकारी विनाश की समीक्षा अभी तक कर रहे हैं।#WATCH | Israeli Prime Minister Benjamin Netanyahu nominates US President Donald Trump for the Nobel Peace PrizePM Netanyahu says, "I want to present to you, Mr President, the letter I sent to the Nobel Prize Committee. It's nominating you for the Peace Prize, which is well… pic.twitter.com/D9QdLfw1fQ— ANI (@ANI) July 7, 2025

PNSPNS
Jul 9, 2025 - 04:30
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इजरायली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने Donald Trump को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया और इसे "पूरी तरह से योग्य" बताया। 20 जनवरी को व्हाइट हाउस में शपथ ग्रहण के बाद से यह तीसरी मुलाकात थी। इस दौरान उन्होंने यह बात कही। ट्रंप को पत्र सौंपते हुए, जिसे नेतन्याहू ने नोबेल पुरस्कार समिति को भेजा था, इजरायल के प्रधानमंत्री ने कहा, "आपको यह मिलना चाहिए।"

ट्रंप और नेतन्याहू ने ईरान के परमाणु प्रतिष्ठानों पर हाल में किए गए संयुक्त हमलों को पूर्ण रूप से सफल करार देते हुए सोमवार को जीत का जश्न मनाया। दोनों नेताओं ने ईरान के खिलाफ कार्रवाई को चिह्नित करने तथा गाजा में 21 महीने से जारी युद्ध रोकने के लिए 60 दिन के संघर्षविराम प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के प्रयासों पर चर्चा करने के लिए ‘व्हाइट हाउस’ (अमेरिका के राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) में अपने शीर्ष सहयोगियों के साथ रात्रि भोज किया।

नेतन्याहू ने नोबेल समिति को सौंपे जाने वाला नामांकन पत्र ट्रंप को देते हुए कहा, ‘‘हम जब बात कर रहे हैं, तो वह (ट्रंप) एक के बाद एक देश और क्षेत्र में शांति स्थापित कर रहे हैं।’’ यह कदम ऐसे समय में उठाया गया जब इजराइली नेता नेतन्याहू, ट्रंप और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपतियों पर ईरान के परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने का वर्षों से दबाव डालते रहे हैं।

इसे भी पढ़ें: Manipur Violence | मणिपुर में शांति लौटने के सकारात्मक संकेत, मेइती-कुकी वार्ता को प्रोत्साहित किया जा रहा, आरएसएस कराएगी सुलह?

ट्रंप ने अमेरिकी सेना को तीन प्रमुख ईरानी परमाणु स्थलों पर बम गिराने और ‘टॉमहॉक’ मिसाइल की बौछार करने का आदेश दिया था। नेतन्याहू की ‘व्हाइट हाउस’ की इस साल तीसरी यात्रा है। दोनों नेताओं ने आशा व्यक्त की कि ‘‘ईरान में उनकी सफलता’’ पश्चिम एशिया में एक नए युग की शुरुआत करेगी। ट्रंप ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि पश्चिम एशिया में चीजें बहुत हद तक सुलझ जाएंगी।’’

इसे भी पढ़ें: ऑपरेशन सिंदूर को लेकर डिप्टी आर्मी चीफ के बयान से जुड़े सवाल को चीन ने टाला, कहा- पाकिस्तान हमारा करीबी दोस्त

उन्होंने कहा कि ईरान उसके परमारणु कार्यक्रम को लेकर वार्ता फिर से शुरू करना चाहता है लेकिन ईरान ने इसकी पुष्टि नहीं की है। ट्रंप के साथ मौजूद पश्चिम एशिया मामलों के लिए अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ ने कहा कि ईरान के साथ बैठक संभवतः एक सप्ताह में होगी। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने सोमवार को प्रकाशित एक साक्षात्कार में कहा था कि अमेरिकी हवाई हमलों से उनके देश की परमाणु सुविधाओं को इतना अधिक नुकसान पहुंचा है कि ईरानी अधिकारी विनाश की समीक्षा अभी तक कर रहे हैं।

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