इंटरव्यू: त्रासदी से जूझ रहा अफ़ग़ानिस्तान, 'अपने देश लौट रहे लोगों के लिए तैयार नहीं है'
हर दिन, और कभी-कभी हर कुछ एक घंटे बाद, अफ़ग़ानिस्तान-ईरान की सीमा पर पहुँचने वाली बसों से हताश, थके हुए अफ़ग़ान परिवार अपने सामान के साथ उतरते हैं. इनमें से बहुत से लोग जिस देश में वापिस लौट रहे हैं, वे उसके बारे में बहुत कम जानते हैं. उन्हें, लम्बा समय ईरान में बिताने के बाद, जबरन देश से बाहर कर दिया गया है. ईरान और इसराइल के बीच हाल के दिनों में युद्ध के हालात से वापिस लौटने वाले अफ़ग़ान शरणार्थियों की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है, जबकि धन कटौती के कारण मानवीय सहायता प्रयास चुनौतीपूर्ण हो गए हैं.
हर दिन, और कभी-कभी हर कुछ एक घंटे बाद, अफ़ग़ानिस्तान-ईरान की सीमा पर पहुँचने वाली बसों से हताश, थके हुए अफ़ग़ान परिवार अपने सामान के साथ उतरते हैं. इनमें से बहुत से लोग जिस देश में वापिस लौट रहे हैं, वे उसके बारे में बहुत कम जानते हैं. उन्हें, लम्बा समय ईरान में बिताने के बाद, जबरन देश से बाहर कर दिया गया है. ईरान और इसराइल के बीच हाल के दिनों में युद्ध के हालात से वापिस लौटने वाले अफ़ग़ान शरणार्थियों की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है, जबकि धन कटौती के कारण मानवीय सहायता प्रयास चुनौतीपूर्ण हो गए हैं.