आपसे नहीं डरते हैं...भारत के दोस्त ने भी निकाल दी ट्रंप की हेकड़ी

अमेरिका टैरिफ के जरिए अन्य देशों पर आर्थिक दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। लेकिन उसकी ये रणनीति अब कमोजर पड़ती दिखाई दे रही है। पहले भारत ने इस दबाव का मजबूती से सामना किया और अपने हितों की रक्षा की। अब भारत के बाद दक्षिण अफ्रीका ने भी कुछ ऐसा कदम उठाया है। दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति रामाफोसा ने अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता पर एक कड़ा बयान दिया है। उन्होंने अमेरिका को बताया कि अफ्रीका को धमकाया नहीं जा सकता है। रामाफोसा ने कहा है कि हमारी कोशिश है कि हम अमेरिका को ज्यादा से ज्यादा चीजें निर्यात करते रहें। साथ ही हमारी कंपनियां अमेरिका में निवेश कर सकें और अमेरिका की कंपनियां भी हमारे देश में आकर पैसा लगाएं। इसे भी पढ़ें: Israel का 6 मुस्लिम देशों पर बड़ा हमला, मोदी ने पलटा पूरा गेमउन्होंने कहा कि हमारे पास बातचीत में ताकत है। ये ताकत हमारे देश में मौजूद प्राकृतिक संसाधनों और खास खनिजों से आती है। जिनकी अमेरिका को बहुत जरूरत है। हमारे पास ये खास खनिज है और उन्हें प्रोसेस करने की क्षमता भी है। इसके अलावा हमारे पास ऊर्जा की भी बहुत अच्छी सुविधा है। जो बहुत से देशों के पास नहीं है। यही चीजें हम बातचीत में अपनी तरफ से रखते हैं। हमने बातचीत के लिए एक साफ रणनीति अपनाई है। हम सीधे सम्मान के साथ बात करते हैं। हम अमेरिका से डरते नहीं हैं और ना ही कभी घुटनों पर बैठे हैं। हमने साफ कह दिया कि हमें धमकाया नहीं जा सकता। इसे भी पढ़ें: ये सब हमसे खरीदो, अमेरिका ने रख दी नई शर्त, सुनकर और भड़क जाएगा भारतरामाफोसा ने कहा कि हम एक आजाद देश हैं और अपनी शर्तों पर बातचीत करेंगे। ताकी दक्षिण अफ्रीका के लिए सबसे अच्छा समझौता कर सके। रामाफोसा का ये बयान ट्रंप के लिए बड़ा झटका है। रामाफोसा ने अमेरिका को अपना संदेश दे दिया है। दक्षिण अफ्रीका अमेरिका से नहीं डरता और न ही दक्षिण अफ्रीका को धमकाया जा सकता है। आपको बता दें कि ट्रंप लगातार दूसरे देशों पर टैरिफ के जरिए दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन ट्रंप की ये नीति कहीं भी काम नहीं आ रही है। ट्रंप ने भी भारत पर 50 प्रतिशत का टैरिफ लगाया। अमेरिका के इस बड़े रवैये का सामना भारत ने डटकर किया और भारत ने अपना रुख स्पष्ट रखा। 

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Sep 16, 2025 - 04:29
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आपसे नहीं डरते हैं...भारत के दोस्त ने भी निकाल दी ट्रंप की हेकड़ी

अमेरिका टैरिफ के जरिए अन्य देशों पर आर्थिक दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। लेकिन उसकी ये रणनीति अब कमोजर पड़ती दिखाई दे रही है। पहले भारत ने इस दबाव का मजबूती से सामना किया और अपने हितों की रक्षा की। अब भारत के बाद दक्षिण अफ्रीका ने भी कुछ ऐसा कदम उठाया है। दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति रामाफोसा ने अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता पर एक कड़ा बयान दिया है। उन्होंने अमेरिका को बताया कि अफ्रीका को धमकाया नहीं जा सकता है। रामाफोसा ने कहा है कि हमारी कोशिश है कि हम अमेरिका को ज्यादा से ज्यादा चीजें निर्यात करते रहें। साथ ही हमारी कंपनियां अमेरिका में निवेश कर सकें और अमेरिका की कंपनियां भी हमारे देश में आकर पैसा लगाएं। 

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उन्होंने कहा कि हमारे पास बातचीत में ताकत है। ये ताकत हमारे देश में मौजूद प्राकृतिक संसाधनों और खास खनिजों से आती है। जिनकी अमेरिका को बहुत जरूरत है। हमारे पास ये खास खनिज है और उन्हें प्रोसेस करने की क्षमता भी है। इसके अलावा हमारे पास ऊर्जा की भी बहुत अच्छी सुविधा है। जो बहुत से देशों के पास नहीं है। यही चीजें हम बातचीत में अपनी तरफ से रखते हैं। हमने बातचीत के लिए एक साफ रणनीति अपनाई है। हम सीधे सम्मान के साथ बात करते हैं। हम अमेरिका से डरते नहीं हैं और ना ही कभी घुटनों पर बैठे हैं। हमने साफ कह दिया कि हमें धमकाया नहीं जा सकता। 

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रामाफोसा ने कहा कि हम एक आजाद देश हैं और अपनी शर्तों पर बातचीत करेंगे। ताकी दक्षिण अफ्रीका के लिए सबसे अच्छा समझौता कर सके। रामाफोसा का ये बयान ट्रंप के लिए बड़ा झटका है। रामाफोसा ने अमेरिका को अपना संदेश दे दिया है। दक्षिण अफ्रीका अमेरिका से नहीं डरता और न ही दक्षिण अफ्रीका को धमकाया जा सकता है। आपको बता दें कि ट्रंप लगातार दूसरे देशों पर टैरिफ के जरिए दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन ट्रंप की ये नीति कहीं भी काम नहीं आ रही है। ट्रंप ने भी भारत पर 50 प्रतिशत का टैरिफ लगाया। अमेरिका के इस बड़े रवैये का सामना भारत ने डटकर किया और भारत ने अपना रुख स्पष्ट रखा। 

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