देश की प्रमुख सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों में शामिल विप्रो ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार कंपनी के मुनाफे में पिछली तिमाही की तुलना में गिरावट दर्ज की गई है, जबकि कुल आय में मामूली बढ़ोतरी देखने को मिली है। इसके साथ ही कंपनी ने अपने निवेशकों के लिए प्रति शेयर 2 रुपये के अंतरिम लाभांश की भी घोषणा की है।
बता दें कि अप्रैल से जून 2026 की तिमाही में विप्रो का एकीकृत शुद्ध मुनाफा 3,352 करोड़ रुपये रहा। इससे पिछली तिमाही में कंपनी ने 3,502 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया था। यानी तिमाही आधार पर मुनाफे में लगभग 4.3 प्रतिशत की कमी आई है। बाजार के जानकारों ने भी मुनाफे में गिरावट का अनुमान लगाया था, हालांकि वास्तविक आंकड़े अनुमान से कुछ कमजोर रहे हैं।
वहीं कंपनी की परिचालन आय 24,236 करोड़ रुपये से बढ़कर 24,479 करोड़ रुपये हो गई। यानी आय में करीब एक प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि परिचालन लाभ में कमी देखने को मिली। मौजूद जानकारी के अनुसार परिचालन लाभ 4,181 करोड़ रुपये से घटकर 3,829 करोड़ रुपये रह गया। इसके साथ ही लाभ का अनुपात भी 17.2 प्रतिशत से घटकर 15.6 प्रतिशत पर आ गया है।
गौरतलब है कि कंपनी ने निवेशकों को प्रति शेयर 2 रुपये का अंतरिम लाभांश देने का फैसला किया है। इसके लिए 27 जुलाई 2026 को रिकॉर्ड तिथि तय की गई है, जबकि लाभांश का भुगतान 14 अगस्त 2026 तक कर दिया जाएगा। इससे कंपनी ने अपने निवेशकों के प्रति भरोसा बनाए रखने का संदेश देने की कोशिश की है।
कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक श्रीनी पल्लिया ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते उपयोग से कारोबार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। उनका कहना है कि यह तकनीक बाजार को सीमित करने के बजाय उसका विस्तार कर रही है। उन्होंने बताया कि कंपनी के पास नए कारोबार के लिए मजबूत प्रस्ताव मौजूद हैं और आने वाले समय में इनका लाभ मिलने की उम्मीद है।
मौजूद जानकारी के अनुसार पहली तिमाही के दौरान विप्रो ने 13 बड़े कारोबारी समझौते किए। कंपनी के प्रौद्योगिकी और संचार क्षेत्र में अच्छी प्रगति देखने को मिली है। वहीं बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा क्षेत्र में दूसरी तिमाही के दौरान सुधार की उम्मीद जताई गई है। हालांकि ऊर्जा और विनिर्माण क्षेत्र में मांग अभी भी अपेक्षाकृत कमजोर बनी हुई है।
कंपनी ने दूसरी तिमाही के लिए भी अनुमान जारी किया है। इसके अनुसार सूचना प्रौद्योगिकी सेवाओं से होने वाली आय में सीमित उतार-चढ़ाव रहने की संभावना है। प्रबंधन का मानना है कि अगले कुछ महीनों में कारोबार धीरे-धीरे बेहतर स्थिति की ओर बढ़ सकता है।
गौरतलब है कि तिमाही के अंत तक कंपनी में कर्मचारियों की कुल संख्या लगभग 2.43 लाख रही। वहीं कर्मचारियों के नौकरी छोड़ने की वार्षिक दर 13.9 प्रतिशत दर्ज की गई है। दूसरी ओर नतीजों से पहले शेयर बाजार में विप्रो के शेयर में तेजी देखने को मिली और कारोबार समाप्त होने तक कंपनी का शेयर लगभग 1.7 प्रतिशत बढ़कर 177.61 रुपये पर बंद हुआ था। ऐसे में अब निवेशकों की नजर दूसरी तिमाही के प्रदर्शन और कंपनी की भविष्य की कारोबारी रणनीति पर बनी हुई हैं।