पश्चिम बंगाल में हाल ही में हुई एक घटना ने राज्य की राजनीति को फिर से गरमा दिया है। पूर्वी मेदिनी पूर्व के नंदीग्राम भगवान राम की मूर्ति तोड़े जाने के बाद जो बवाल शुरू हुआ है वो अब सिर्फ कानून व्यवस्था का मामला नहीं रह गया है बल्कि सीधा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। बता दें इस घटना के तुरंत बाद विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। सड़कों पर जाम लग गया है। कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा है और बढ़ती पुलिस तैनाती के ने हालात की गंभीरता को साफ दिखा दिया है और यही वह बिंदु था जहां से एक स्थानीय घटना ने स्टेट वाइड पॉलिटिकल बहस का रूप ले लिया है। बता दें कि इस विरोध का नेतृत्व विपक्ष के नेता सुेंद्र अधिकारी ने संभाला। उन्होंने मौके पर पहुंचकर इस घटना को सुनियोजित साजिद बताया और सीधे तौर पर जिहादियों पर आरोप लगा दिया। इसके साथ ही उन्होंने राज्य की ममता बनर्जी सरकार पर भी तीखा हमला बोल दिया। यह कहते हुए कि प्रशासन ऐसी घटनाओं पर कारवाई करने में विफल रहता है और यहीं से यह मुद्दा और गहरा जाता है।
रामनवमी से पहले प्रतिमा से तोड़फोड़
पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम में राम नवमी से पहले भगवान राम की प्रतिमा के साथ तोड़फोड़ का मामला सामने आया है। बंगाल में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने घटना का खुलासा करते हुए ममता सरकार पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाया और कहा कि ऐसी घटनाएं त्योहारों से पहले माहौल बिगाड़ने के लिए की जाती हैं। उधर, कोलकाता में टीएमसी की बैठक में अभिषेक बनर्जी ने 2026 चुनाव में ममता बनर्जी को 60 हजार बोटों से जिताने का लक्ष्य दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं को लापरवाही से बचने की चेतावनी दी। बता दें कि ममता 2021 के भवानीपुर उपचुनाव में 58,832 वोटों से जीती थीं।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप लग रहे
दोनों के बीच चुनावी माहौल इस पूरे घटनाक्रम को संवेदनशील बना रहा है और आखिर में यह सवाल महत्वपूर्ण हो जाता है कि क्या यह सिर्फ प्रशासनिक चूक है या फिर वास्तव में कोई बड़ी राजनीतिक रणनीति इसके पीछे काम कर रही है। इसका स्पष्ट जवाब तो जांच और समय के साथ ही सामने आ पाएगा। लेकिन फिलहाल इस सब में इतना तो तय है कि इस घटना ने बंगाल की राजनीति में नैरेटिव की लड़ाई को और भी तेज कर दिया है। क्योंकि चुनावी राजनीति में अक्सर मुद्दों से ज्यादा उनकी व्याख्या और प्रस्तुति मायने रखती है और बंगाल में इस समय वही लड़ाई अपने चरम पर दिखाई दे रही है।
सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट आज जारी होगी, सुरक्षा बढ़ाई गईं
पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट जारी करेगा। यह सूची पहले बूथों पर प्रदर्शित होगी और बाद में ऑनलाइन डाली जाएगी। 60 लाख अंडर एडजुडिकेशन' मामलों में से 27 लाख का निपटारा कर नाम जोड़े गए हैं। सूची जारी होने से पहले संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। मतदान 23 और 29 अप्रैल को होगा।
हाथ में मछली लेकर वोट मांग रहे भाजपा के प्रत्याशी
विधाननगर से भाजपा प्रत्याशी शरखत मुखोपाध्याय हाथ में मछली लेकर बोट मांग रहे हैं। वे कहते हैं भाजपा सरकार बनने पर मांस-मछली पर कोई रोक नहीं लगेगी। ममता ने आरोप लगाया था कि भाजपा जीत गई तो बंगाल में मांस-मछली पर प्रतिबंध लगा देगी। नया गठबंधनः असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी पश्चिम बंगाल में हुमायूं कबीर की यूजेयूपी के साथ गठबंधन में उतरेगी। गठबंधन 182 सीटों पर लड़ेगा, जिनमें से 8 सीटों पर एआईएमआईएम उम्मीदवार उतारेगी।