Vasundhara Raje Birthday: पहला चुनाव हारीं, फिर बनीं Rajasthan की पहली महिला CM, जानें सियासी सफर

राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे आज यानी की 08 मार्च को अपना 73वां जन्मदिन मना रही हैं। वह दो बार राजस्थान की सीएम रह चुकी हैं। वसुंधरा को अपने पहले चुनाव में हार मिली थी। लेकिन उन्होंने अपनी हार से सबक लिया और फिर पीछे मुड़कर कभी नहीं देखा। राजस्थान की मुख्यमंत्री बनने से पहले वसुंधरा केंद्र में विदेश राज्य मंत्री और एमएसएमई मंत्रालय का भी काम संभाल चुकी हैं। तो आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर वसुंधरा राजे के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...जन्म और परिवारमुंबई में 08 मार्च 1956 को वसुंधरा राजे का जन्म हुआ था। वहीं साल 1972 में धौलपुर के राजघराने से वसुंधरा राजे की शादी हेमंत सिंह से हुई। लेकिन शादी के सिर्फ एक साल बाद ही दोनों ने अलग होने का फैसला किया। वसुंधरा अपने बेटे दुष्यंत के जन्म के बाद ही अपने पति हेमंत सिंह से अलग हो गईं और अपने मायके ग्वालियर में रहने लगीं।राजनीतिक सफरराजस्थान में वसुंधरा राजे की लंबी सियासी यात्रा रही है। उनके राजनीतिक सफर की शुरूआत वसुंधरा राजे के मायके से हुई। वसुंधरा की मां विजया राजे भाजपा से जुड़ी थीं। ऐसे में उन्होंने अपनी मां की तरह ही भाजपा जनता पार्टी में शामिल होने का फैसला लिया।पहला चुनाव और हारसाल 1984 में वसुंधरा राजे ने सियासत में कदम रखा था। उन्होंने अपना पहला लोकसभा चुनाव भिंड से लड़ा, लेकिन इस दौरान उनको हार मिली। फिर साल 1985 में उन्होंने धौलपुर से चुनाव लड़ा और जीता भी। इसके बाद वह राजस्थान भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष बनीं। फिर उन्होंने राजस्थान की राजनीति में मजबूती से अपने पैर जमाने शुरूकर दिए।संभाले अहम मंत्रालयवसुंधरा राजे ने झालावाड़ लोकसभा क्षेत्र को अपनी राजनीतिक कर्मभूमि बनाया। यहां से वह 9वीं लोकसभा से लेकर 13वीं लोकसभा तक लगातार 5 बार सांसद चुनी गईं। राजे की लोकप्रियता को देखते हुए अटल बिहारी वाजपेयी ने उनको साल 1998-99 के बीच अपने मंत्रिमंडल में शामिल किया। वसुंधरा राजे को राज्यमंत्री का दर्जा मिला। बाद में उन्होंने MSME मंत्रालय का भी काम संभाला। साल 2000 में वह राजस्थान की राजनीति में सक्रिय हुईं। इस दौरान राज्य में कांग्रेस की सरकार थी।राजस्थान की पहली महिला सीएमराजे ने राजस्थान की कमान संभाली और पूरे प्रदेश का दौरा कर भाजपा कार्यकर्ताओं को मोबालाइज किया। यह वसुंधरा राजे की मेहनत का फल था कि साल 2003 के विधानसभा चुनाव में राजस्थान में भाजपा ने 110 सीटों पर जीत हासिल की। पार्टी की जीत पर भैरोसिंह को उपराष्ट्रपति और जसवंत सिंह को केंद्रीय मंत्री बनाया गया। इस तरह से वसुंधरा राजे राजस्थान की पहली महिला सीएम बनीं। फिर साल 2013 में दोबारा वसुंधरा राजे राजस्थान की मुख्यमंत्री बनीं।

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Mar 8, 2026 - 20:09
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Vasundhara Raje Birthday: पहला चुनाव हारीं, फिर बनीं Rajasthan की पहली महिला CM, जानें सियासी सफर
राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे आज यानी की 08 मार्च को अपना 73वां जन्मदिन मना रही हैं। वह दो बार राजस्थान की सीएम रह चुकी हैं। वसुंधरा को अपने पहले चुनाव में हार मिली थी। लेकिन उन्होंने अपनी हार से सबक लिया और फिर पीछे मुड़कर कभी नहीं देखा। राजस्थान की मुख्यमंत्री बनने से पहले वसुंधरा केंद्र में विदेश राज्य मंत्री और एमएसएमई मंत्रालय का भी काम संभाल चुकी हैं। तो आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर वसुंधरा राजे के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...

जन्म और परिवार

मुंबई में 08 मार्च 1956 को वसुंधरा राजे का जन्म हुआ था। वहीं साल 1972 में धौलपुर के राजघराने से वसुंधरा राजे की शादी हेमंत सिंह से हुई। लेकिन शादी के सिर्फ एक साल बाद ही दोनों ने अलग होने का फैसला किया। वसुंधरा अपने बेटे दुष्यंत के जन्म के बाद ही अपने पति हेमंत सिंह से अलग हो गईं और अपने मायके ग्वालियर में रहने लगीं।

राजनीतिक सफर

राजस्थान में वसुंधरा राजे की लंबी सियासी यात्रा रही है। उनके राजनीतिक सफर की शुरूआत वसुंधरा राजे के मायके से हुई। वसुंधरा की मां विजया राजे भाजपा से जुड़ी थीं। ऐसे में उन्होंने अपनी मां की तरह ही भाजपा जनता पार्टी में शामिल होने का फैसला लिया।

पहला चुनाव और हार

साल 1984 में वसुंधरा राजे ने सियासत में कदम रखा था। उन्होंने अपना पहला लोकसभा चुनाव भिंड से लड़ा, लेकिन इस दौरान उनको हार मिली। फिर साल 1985 में उन्होंने धौलपुर से चुनाव लड़ा और जीता भी। इसके बाद वह राजस्थान भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष बनीं। फिर उन्होंने राजस्थान की राजनीति में मजबूती से अपने पैर जमाने शुरूकर दिए।

संभाले अहम मंत्रालय

वसुंधरा राजे ने झालावाड़ लोकसभा क्षेत्र को अपनी राजनीतिक कर्मभूमि बनाया। यहां से वह 9वीं लोकसभा से लेकर 13वीं लोकसभा तक लगातार 5 बार सांसद चुनी गईं। राजे की लोकप्रियता को देखते हुए अटल बिहारी वाजपेयी ने उनको साल 1998-99 के बीच अपने मंत्रिमंडल में शामिल किया। वसुंधरा राजे को राज्यमंत्री का दर्जा मिला। बाद में उन्होंने MSME मंत्रालय का भी काम संभाला। साल 2000 में वह राजस्थान की राजनीति में सक्रिय हुईं। इस दौरान राज्य में कांग्रेस की सरकार थी।

राजस्थान की पहली महिला सीएम

राजे ने राजस्थान की कमान संभाली और पूरे प्रदेश का दौरा कर भाजपा कार्यकर्ताओं को मोबालाइज किया। यह वसुंधरा राजे की मेहनत का फल था कि साल 2003 के विधानसभा चुनाव में राजस्थान में भाजपा ने 110 सीटों पर जीत हासिल की। पार्टी की जीत पर भैरोसिंह को उपराष्ट्रपति और जसवंत सिंह को केंद्रीय मंत्री बनाया गया। इस तरह से वसुंधरा राजे राजस्थान की पहली महिला सीएम बनीं। फिर साल 2013 में दोबारा वसुंधरा राजे राजस्थान की मुख्यमंत्री बनीं।

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