TCS Nashik Case: 'धर्मांतरण' और यौन उत्पीड़न पर बवाल, बजरंग दल ने किया जोरदार Protest

 बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने नासिक में टाटा कंसलटेंसी (टीटीएस) के एक कार्यालय में कथित धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न के मामले पर शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन किया और इसमें शामिल लोगों को कड़ी सजा देने की मांग की। हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ता जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर इकट्ठा हुए और घटना की निंदा करते हुए नारेबाजी की। इससे पहले इस सप्ताह, पुलिस ने बहुराष्ट्रीय कंपनी (एमएनसी) टीसीएस की आठ महिला कर्मचारियों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था। इन कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उनके वरिष्ठ सहकर्मियों ने मानसिक और यौन उत्पीड़न किया, जबकि मानव संसाधन (एचआर) विभाग ने उनकी शिकायतों को नजरअंदाज कर दिया। जांचकर्ताओं के अनुसार, पुलिस ने टीसीएस के आठ कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें सात पुरुष और एक महिला ‘ऑपरेशंस मैनेजर’ शामिल हैं। बताया जा रहा है कि एक अन्य महिला कर्मचारी फरार है। प्रदर्शनकारियों ने कंपनी में कथित जबरन धर्मांतरण और उत्पीड़न रैकेट में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। टीसीएस ने कहा है कि वह लंबे समय से किसी भी प्रकार के उत्पीड़न और दबाव के संबंध में कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति अपनाए हुए है और नासिक कार्यालय की घटना में कथित रूप से शामिल कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने इस मामले को “गंभीर रूप से चिंताजनक और पीड़ादायक” बताया और कहा कि तथ्यों का पता लगाने और जिम्मेदार लोगों की पहचान के लिए कंपनी की मुख्य परिचालन अधिकारी अराथी सुब्रमण्यम के नेतृत्व में विस्तृत जांच जारी है। हिंदुत्व संगठनों ने बृहस्पतिवार को एक मोटरसाइकिल रैली भी निकाली, जिसमें सैकड़ों महिलाएं, लड़कियां और लड़के शामिल हुए। इस विरोध प्रदर्शन में देवयानी फरांदे और अन्य स्थानीय नेताओं ने भी भाग लिया।

PNSPNS
Apr 18, 2026 - 07:51
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TCS Nashik Case: 'धर्मांतरण' और यौन उत्पीड़न पर बवाल, बजरंग दल ने किया जोरदार Protest

 बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने नासिक में टाटा कंसलटेंसी (टीटीएस) के एक कार्यालय में कथित धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न के मामले पर शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन किया और इसमें शामिल लोगों को कड़ी सजा देने की मांग की। हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ता जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर इकट्ठा हुए और घटना की निंदा करते हुए नारेबाजी की। इससे पहले इस सप्ताह, पुलिस ने बहुराष्ट्रीय कंपनी (एमएनसी) टीसीएस की आठ महिला कर्मचारियों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था।

इन कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उनके वरिष्ठ सहकर्मियों ने मानसिक और यौन उत्पीड़न किया, जबकि मानव संसाधन (एचआर) विभाग ने उनकी शिकायतों को नजरअंदाज कर दिया। जांचकर्ताओं के अनुसार, पुलिस ने टीसीएस के आठ कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें सात पुरुष और एक महिला ‘ऑपरेशंस मैनेजर’ शामिल हैं।

बताया जा रहा है कि एक अन्य महिला कर्मचारी फरार है। प्रदर्शनकारियों ने कंपनी में कथित जबरन धर्मांतरण और उत्पीड़न रैकेट में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। टीसीएस ने कहा है कि वह लंबे समय से किसी भी प्रकार के उत्पीड़न और दबाव के संबंध में कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति अपनाए हुए है और नासिक कार्यालय की घटना में कथित रूप से शामिल कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है।

टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने इस मामले को “गंभीर रूप से चिंताजनक और पीड़ादायक” बताया और कहा कि तथ्यों का पता लगाने और जिम्मेदार लोगों की पहचान के लिए कंपनी की मुख्य परिचालन अधिकारी अराथी सुब्रमण्यम के नेतृत्व में विस्तृत जांच जारी है। हिंदुत्व संगठनों ने बृहस्पतिवार को एक मोटरसाइकिल रैली भी निकाली, जिसमें सैकड़ों महिलाएं, लड़कियां और लड़के शामिल हुए। इस विरोध प्रदर्शन में देवयानी फरांदे और अन्य स्थानीय नेताओं ने भी भाग लिया।

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