Chai Par Sameeksha: West Bengal, Tamilnadu Elections में क्या हैं जमीनी हालात, बदलाव होगा या नहीं?

प्रभासाक्षी न्यूज़ नेटवर्क के खास साप्ताहिक कार्यक्रम चाय पर समीक्षा में इस सप्ताह तमिलनाडु विधानसभा चुनाव और पश्चिम बंगाल चुनाव से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गयी। प्रभासाक्षी संपादक नीरज कुमार दुबे ने सवालों के जवाब दिये। पश्चिम बंगाल को लेकर प्रभासाक्षी के संपादक नीरज कुमार दुबे ने साफ तौर पर कहा कि इस बार राज्य में भाजपा के लिए एक अलग माहौल बन रहा है। भाजपा इस बार राज्य में सीधे तौर पर ममता बनर्जी को चुनौती देती हुई नजर आ रही है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी का जिस तरीके से बयान आ रहा है, उससे साफ तौर पर जाहिर होता है कि वह एक अतिरिक्त दबाव में हैं। नीरज दुबे ने कहा कि हमने देखा है कि हाल फिलहाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुनावी प्रचार के दौरान जो भीड़ जुट रही है। उससे भाजपा पूरी तरीके से गदगद है। भाजपा ने वहां अपनी पूरी ताकत लगा रखी है। भाजपा इस बार बयानों पर नहीं बल्कि लोगों के बीच जाकर उन्हें वोट देने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। यह अपने आप में भाजपा के लिए बदली हुई रणनीति है। भाजपा अपनी पिछली गलतियों से सीख कर इस बार बंगाल का चुनाव में लड़ती हुई दिखाई दे रही है। इसके अलावा नीरज दुबे ने कहा साफ तौर पर कहा कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की सरकार पिछले 15 वर्षों से हैं। ऐसे में उसके खिलाफ कुछ माहौल भी बने हैं। भाजपा उसका भी फायदा उठाने की कोशिश में है।इसे भी पढ़ें: बंगाल में आक्रामक हुआ चुनाव प्रचार, जारी हुआ भाजपा संकल्प पत्रनीरज दुबे ने कहा कि इस बार भाजपा इस चुनाव को मोदी बना ममता बनर्जी नहीं होने देना चाहती। यही कारण है कि भाजपा का राष्ट्रीय नेता ममता बनर्जी का नाम तक नहीं रहता है और ममता बनर्जी जो भी सवाल करती है या जो भी आरोप लगाती हैं, वहां के स्थानीय नेता ही वही की भाषा में उसका जवाब भी देता है। सिर्फ और सिर्फ राष्ट्रीय नेतृत्व बंगाल में बीजेपी का विजन क्या होगा, उसको लेकर बात करता है। बंगाल में किस तरीके से चीजों को आगे बढ़ाया जाएगा उसकी बात की जाती है और लोगों को यह भरोसा दिला जाता है कि आपको डरना नहीं है। आपके घर से बाहर आना है और वोट डालने जाना है। तमिलनाडु चुनाव को लेकर नीरज दुबे ने कहा कि वहां डीएमके और एआईएडीएम के काफी बड़ी और स्थानीय पार्टी है। कांग्रेस डीएमके के साथ गठबंधन में है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी एआईएडीएम के साथ गठबंधन में है। ऐसे में उन्हें दो क्षेत्रीय दलों का साख दांव पर लगा हुआ है। एमके स्टालिन के नेतृत्व वाले डीएम के दो टर्म से सस्ता सस्ता में है। ऐसे में उसके खिलाफ कुछ नकारात्मक चीज जरूर हुई होगी। एआईएडीएमके को उसी से फायदे की उम्मीद है। एआईएडीएमके के में कोई भी प्रभावशाली नेता दिखाई नहीं देता है। इसलिए पार्टी कितनी मजबूत है, इस पर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि बीजेपी जो चुनाव लड़ रही है, वह काफी कम सीटों पलट रही है। ऐसे में भाजपा के लिए वहां अपने दम पर करने का कुछ भी नहीं है।

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Apr 14, 2026 - 09:33
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Chai Par Sameeksha: West Bengal, Tamilnadu Elections में क्या हैं जमीनी हालात, बदलाव होगा या नहीं?
प्रभासाक्षी न्यूज़ नेटवर्क के खास साप्ताहिक कार्यक्रम चाय पर समीक्षा में इस सप्ताह तमिलनाडु विधानसभा चुनाव और पश्चिम बंगाल चुनाव से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गयी। प्रभासाक्षी संपादक नीरज कुमार दुबे ने सवालों के जवाब दिये। पश्चिम बंगाल को लेकर प्रभासाक्षी के संपादक नीरज कुमार दुबे ने साफ तौर पर कहा कि इस बार राज्य में भाजपा के लिए एक अलग माहौल बन रहा है। भाजपा इस बार राज्य में सीधे तौर पर ममता बनर्जी को चुनौती देती हुई नजर आ रही है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी का जिस तरीके से बयान आ रहा है, उससे साफ तौर पर जाहिर होता है कि वह एक अतिरिक्त दबाव में हैं। 

नीरज दुबे ने कहा कि हमने देखा है कि हाल फिलहाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुनावी प्रचार के दौरान जो भीड़ जुट रही है। उससे भाजपा पूरी तरीके से गदगद है। भाजपा ने वहां अपनी पूरी ताकत लगा रखी है। भाजपा इस बार बयानों पर नहीं बल्कि लोगों के बीच जाकर उन्हें वोट देने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। यह अपने आप में भाजपा के लिए बदली हुई रणनीति है। भाजपा अपनी पिछली गलतियों से सीख कर इस बार बंगाल का चुनाव में लड़ती हुई दिखाई दे रही है। इसके अलावा नीरज दुबे ने कहा साफ तौर पर कहा कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की सरकार पिछले 15 वर्षों से हैं। ऐसे में उसके खिलाफ कुछ माहौल भी बने हैं। भाजपा उसका भी फायदा उठाने की कोशिश में है।

इसे भी पढ़ें: बंगाल में आक्रामक हुआ चुनाव प्रचार, जारी हुआ भाजपा संकल्प पत्र

नीरज दुबे ने कहा कि इस बार भाजपा इस चुनाव को मोदी बना ममता बनर्जी नहीं होने देना चाहती। यही कारण है कि भाजपा का राष्ट्रीय नेता ममता बनर्जी का नाम तक नहीं रहता है और ममता बनर्जी जो भी सवाल करती है या जो भी आरोप लगाती हैं, वहां के स्थानीय नेता ही वही की भाषा में उसका जवाब भी देता है। सिर्फ और सिर्फ राष्ट्रीय नेतृत्व बंगाल में बीजेपी का विजन क्या होगा, उसको लेकर बात करता है। बंगाल में किस तरीके से चीजों को आगे बढ़ाया जाएगा उसकी बात की जाती है और लोगों को यह भरोसा दिला जाता है कि आपको डरना नहीं है। आपके घर से बाहर आना है और वोट डालने जाना है। 

तमिलनाडु चुनाव को लेकर नीरज दुबे ने कहा कि वहां डीएमके और एआईएडीएम के काफी बड़ी और स्थानीय पार्टी है। कांग्रेस डीएमके के साथ गठबंधन में है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी एआईएडीएम के साथ गठबंधन में है। ऐसे में उन्हें दो क्षेत्रीय दलों का साख दांव पर लगा हुआ है। एमके स्टालिन के नेतृत्व वाले डीएम के दो टर्म से सस्ता सस्ता में है। ऐसे में उसके खिलाफ कुछ नकारात्मक चीज जरूर हुई होगी। एआईएडीएमके को उसी से फायदे की उम्मीद है। एआईएडीएमके के में कोई भी प्रभावशाली नेता दिखाई नहीं देता है। इसलिए पार्टी कितनी मजबूत है, इस पर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि बीजेपी जो चुनाव लड़ रही है, वह काफी कम सीटों पलट रही है। ऐसे में भाजपा के लिए वहां अपने दम पर करने का कुछ भी नहीं है।

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