अभिनेता से राजनेता बने और तमिलगा वेट्री कज़गम (टीवीके) के प्रमुख विजय शनिवार (9 मई) को तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करने वाले हैं। जानकारी के अनुसार, शपथ ग्रहण समारोह सुबह 11 बजे होगा। विजय ने शुक्रवार को राज्यपाल आर.वी. अर्लेकर से तीसरी बार मुलाकात की और 121 विधायकों के समर्थन पत्र के साथ सरकार बनाने का दावा पेश किया। तमिलनाडु में द्रमुक के नेतृत्व वाले गठबंधन में शामिल दोनों वामपंथी दलों -- मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने कहा कि यह (समर्थन देने का) निर्णय भाजपा को राज्य में ‘‘पिछले दरवाजे से प्रवेश’’ करने से रोकने के लिए लिया गया है।
हालांकि, राज्य के अधिकारों के मामले में वे (वाम दल) द्रमुक के साथ बने रहेंगे। वाम दलों ने घोषणा की कि वे टीवीके मंत्रिमंडल का हिस्सा नहीं बनेंगे। भाकपा और माकपा, दोनों के दो-दो विधायक हैं। उन्होंने दिनभर की चर्चा के बाद अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी को अपना समर्थन देने की घोषणा की। तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा में विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) की 108 सीटें हैं, लेकिन यह बहुमत के आंकड़े से 10 कम है। टीवीके ने द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के सहयोगी दलों माकपा, भाकपा और विदुथलाई चिरुथैगल काची (वीसीके) से संपर्क किया था तथा 23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के बाद सरकार बनाने के लिए उनका समर्थन मांगा था।
भाकपा, माकपा और वीसीके, प्रत्येक के दो-दो विधायक हैं। एक ओर जहां भाकपा ने शुरुआत में तमिलनाडु के राज्यपाल को टीवीके को समर्थन देने के अपने फैसले की सूचना दी, वहीं माकपा ने भी कुछ ही समय बाद अपने सहयोगी दल का अनुसरण किया, जिससे विजय की पार्टी साधारण बहुमत के काफी करीब पहुंच गई। वाम दलों ने राज्यपाल को संबोधित पत्र में टीवीके को अपना समर्थन देने की जानकारी दी। पांच विधायकों वाली कांग्रेस ने पहले ही टीवीके को समर्थन दे दिया है।
विधानसभा चुनावों में टीवीके 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार, पार्टी संस्थापक विजय को अपनी जीती हुई दो सीटों में से एक को छोड़ना होगा। विजय को चेन्नई के पेरम्बूर और तिरुचिरापल्ली पूर्व सीटों में से एक को छोड़ना पड़ेगा। उनके ऐसा करने की स्थिति में टीवीके और उसका समर्थन कर रहे विधायकों की कुल संख्या अब 116 हो गई है। ऐसे में, विजय को अपनी पहली सरकार बनाने के लिए अब दो और विधायकों के समर्थन की आवश्यकता है और दो विधायकों वाली वीसीके इस संबंध में शनिवार को अपना रुख सार्वजनिक करने वाली है। इस बात की प्रबल संभावना है कि वह वामपंथी दलों का अनुसरण कर सकती है