Singh Sankranti 2026: सूर्य का स्वराशि प्रवेश, महापुण्य काल में Surya Puja से चमकेगी किस्मत

हिंदू धर्म में सूर्य को ग्रहों का राजा कहा गया है। वहीं सूर्य का राशि परिवर्तन भी विशेष महत्व रखता है। आज यानी की 17 अगस्त को सूर्य देव कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। जब सूर्य देव किसी राशि में प्रवेश करते हैं, तो उसको राशि की संक्रांति कहा जाता है। इस दिन सूर्य देव की पूजा-आराधना और उनकी कृपा प्राप्त करने का विशेष मौका होता है। तो आइए जानते हैं आज की तिथि, मुहूर्त, पूजन विधि और मंत्र आदि के बारे में...तिथि और मुहूर्तआज 17 अगस्त की सुबह 08:03 मिनट पर कर्क राशि से निकलकर सूर्य देव सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। सिंह संक्रांति का पुण्य काल मुहूर्त सुबह 05:51 मिनट से सुबह 08:04 मिनट तक रहेगा। वहीं इस दिन महापुण्य काल का समय 05:52 मिनट से लेकर सुबह 08:04 बजे तक रहेगा।पूजन विधियह दिन सूर्य देव की विशेष कृपा प्राप्ति का होता है। इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और फिर सूर्योदय के समय सूर्य देव को अर्घ्य करें। इस दिन स्नान-ध्यान करने, सूर्य देव को अर्घ्य देने और दान करने से शारीरिक कष्टों का नाश होता है। जल में रोली, कुमकुम और अक्षत मिलाकर सूर्य देव को अर्घ्य दें।मंत्र जाप'ॐ सूर्याय नमः''घृणि सूर्याय नमः'इन मंत्रों के जाप के अलावा आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ करना चाहिए। ऐसा करने से सूर्य की स्थिति कुंडली में मजबूत होगी और सेहत लाभ, सम्मान और सुख-समृद्धि के रास्ते खुलते हैं।

PNSPNS
Aug 19, 2026 - 04:30
 0
Singh Sankranti 2026: सूर्य का स्वराशि प्रवेश, महापुण्य काल में Surya Puja से चमकेगी किस्मत
हिंदू धर्म में सूर्य को ग्रहों का राजा कहा गया है। वहीं सूर्य का राशि परिवर्तन भी विशेष महत्व रखता है। आज यानी की 17 अगस्त को सूर्य देव कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। जब सूर्य देव किसी राशि में प्रवेश करते हैं, तो उसको राशि की संक्रांति कहा जाता है। इस दिन सूर्य देव की पूजा-आराधना और उनकी कृपा प्राप्त करने का विशेष मौका होता है। तो आइए जानते हैं आज की तिथि, मुहूर्त, पूजन विधि और मंत्र आदि के बारे में...

तिथि और मुहूर्त

आज 17 अगस्त की सुबह 08:03 मिनट पर कर्क राशि से निकलकर सूर्य देव सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। सिंह संक्रांति का पुण्य काल मुहूर्त सुबह 05:51 मिनट से सुबह 08:04 मिनट तक रहेगा। वहीं इस दिन महापुण्य काल का समय 05:52 मिनट से लेकर सुबह 08:04 बजे तक रहेगा।

पूजन विधि

यह दिन सूर्य देव की विशेष कृपा प्राप्ति का होता है। इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और फिर सूर्योदय के समय सूर्य देव को अर्घ्य करें। इस दिन स्नान-ध्यान करने, सूर्य देव को अर्घ्य देने और दान करने से शारीरिक कष्टों का नाश होता है। जल में रोली, कुमकुम और अक्षत मिलाकर सूर्य देव को अर्घ्य दें।

मंत्र जाप

'ॐ सूर्याय नमः'

'घृणि सूर्याय नमः'

इन मंत्रों के जाप के अलावा आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ करना चाहिए। ऐसा करने से सूर्य की स्थिति कुंडली में मजबूत होगी और सेहत लाभ, सम्मान और सुख-समृद्धि के रास्ते खुलते हैं।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow