Sikkim में देवदूत बनी Indian Army, Operation Himsetu में 1400 से ज्यादा लोगों को बचाया गया

भारतीय सेना की त्रिशक्ति कोर ने हिमसेतु अभियान के तहत फंसे हुए नागरिकों को निकालने का काम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। प्रतिकूल मौसम के बावजूद, 48 घंटों के भीतर 1,321 पर्यटकों और 84 स्थानीय लोगों को बचाया गया। सेना ने बताया कि यह अभियान समन्वित और सुचारू रूप से चलाया गया और इसमें कोई घटना दर्ज नहीं की गई।इसे भी पढ़ें: Lebanon पर भीषण हमलों के बीच आया इजराइली राजदूत का बड़ा बयान, बोले- ''पाकिस्तान का इस्तेमाल कर रहा है अमेरिका' नागरिक प्रशासन और सीमा सड़क संगठन के साथ घनिष्ठ समन्वय में निकासी अभियान चलाया गया। प्रभावित क्षेत्र में एक अस्थायी पैदल पुल बनाकर संपर्क बहाल किया गया, जिससे फंसे हुए लोगों की सुरक्षित आवाजाही संभव हो सकी।पूर्वी कमान के तत्वावधान में त्रिशक्ति कोर के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान ने त्वरित प्रतिक्रिया और प्रभावी आपदा प्रबंधन क्षमताओं का प्रदर्शन किया। डीसी अनंत जैन के अनुसार, इससे पहले 25 मार्च को उत्तरी सिक्किम में भारी बारिश के कारण हुए कई भूस्खलनों में लगभग 150-200 पर्यटक चुंगथांग में फंस गए थे। जैन ने बताया कि भूस्खलन गंगटोक से लाचेन और चुंगथांग से लाचेन को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों पर हुए, जिससे लाचेन जा रहे पर्यटक चुंगथांग में फंस गए।

PNSPNS
Apr 10, 2026 - 09:40
 0
Sikkim में देवदूत बनी Indian Army, Operation Himsetu में 1400 से ज्यादा लोगों को बचाया गया
भारतीय सेना की त्रिशक्ति कोर ने हिमसेतु अभियान के तहत फंसे हुए नागरिकों को निकालने का काम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। प्रतिकूल मौसम के बावजूद, 48 घंटों के भीतर 1,321 पर्यटकों और 84 स्थानीय लोगों को बचाया गया। सेना ने बताया कि यह अभियान समन्वित और सुचारू रूप से चलाया गया और इसमें कोई घटना दर्ज नहीं की गई।

इसे भी पढ़ें: Lebanon पर भीषण हमलों के बीच आया इजराइली राजदूत का बड़ा बयान, बोले- ''पाकिस्तान का इस्तेमाल कर रहा है अमेरिका'

नागरिक प्रशासन और सीमा सड़क संगठन के साथ घनिष्ठ समन्वय में निकासी अभियान चलाया गया। प्रभावित क्षेत्र में एक अस्थायी पैदल पुल बनाकर संपर्क बहाल किया गया, जिससे फंसे हुए लोगों की सुरक्षित आवाजाही संभव हो सकी।
पूर्वी कमान के तत्वावधान में त्रिशक्ति कोर के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान ने त्वरित प्रतिक्रिया और प्रभावी आपदा प्रबंधन क्षमताओं का प्रदर्शन किया। डीसी अनंत जैन के अनुसार, इससे पहले 25 मार्च को उत्तरी सिक्किम में भारी बारिश के कारण हुए कई भूस्खलनों में लगभग 150-200 पर्यटक चुंगथांग में फंस गए थे। जैन ने बताया कि भूस्खलन गंगटोक से लाचेन और चुंगथांग से लाचेन को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों पर हुए, जिससे लाचेन जा रहे पर्यटक चुंगथांग में फंस गए।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow