Redseer Report का बड़ा खुलासा, भारत की Generation X बदलेगी बाजार का चेहरा, 2030 तक करेगी $500 Billion का खर्च

भारत की ‘जेनरेशन एक्स’ आबादी वर्ष 2030 तक 500 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक के सामान और सेवाओं की खपत कर सकती है। सलाहकार फर्म रेडसीर स्ट्रेटजी कंसल्टेंट्स की एक रिपोर्ट में यह अनुमान जताया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, फिलहाल करीब 45-60 वर्ष आयु वर्ग वाली यह पीढ़ी प्रति व्यक्ति खपत में बढ़ोतरी के चलते प्रीमियम और टिकाऊ उत्पादों के लिए महत्वपूर्ण उपभोक्ता वर्ग बन रही है। रिपोर्ट कहती है कि निवारक स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च 17 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर से बढ़कर वित्त वर्ष 2029-30 तक 73 अरब डॉलर पहुंच सकता है। दरअसल, यह पीढ़ी बीमारी के बाद इलाज के बजाय लंबी उम्र और बेहतर जीवन गुणवत्ता पर केंद्रित स्वास्थ्य उपायों को प्राथमिकता दे रही है। इसी तरह, पोषक-तत्व आधारित स्वास्थ्य उत्पादों पर खर्च भी 25 प्रतिशत की वार्षिक दर से बढ़कर 2030 तक 20 अरब डॉलर हो जाने का अनुमान है। रेडसीर में साझेदार मृगांक गुटगुटिया ने कहा कि जेन एक्स आर्थिक रूप से स्थिर, डिजिटल रूप से आत्मविश्वासी और अपनी प्राथमिकताओं को लेकर स्पष्ट है। यह पीढ़ी अब बेहतर स्वास्थ्य, गुणवत्तापूर्ण यात्रा अनुभव, बेहतर घर और टिकाऊ उत्पादों पर सोच-समझकर खर्च करती है। रिपोर्ट के मुताबिक, सौंदर्य एवं व्यक्तिगत देखभाल खंड में इस पीढ़ी की खपत 2030 तक बढ़कर आठ अरब डॉलर तक पहुंच सकती है। यात्रा के मामले में यह तबका आरामदायक और प्रीमियम अनुभव को प्राथमिकता दे रहा है। लक्जरी विला और बुटीक आवास जैसे विकल्पों की मांग में सालाना 25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। जेन एक्स पीढ़ी अब भी शिक्षा को भविष्य-केंद्रित खर्च मानती है। शहरी परिवार प्रति बच्चे पर सालाना 10-20 लाख रुपये तक खर्च कर रहे हैं और कैंब्रिज, इंटरनेशनलबोर्ड से पढ़ाई और विदेशी शिक्षा कार्यक्रमों की ओर रुझान बढ़ रहा है।

PNSPNS
Feb 27, 2026 - 22:04
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Redseer Report का बड़ा खुलासा, भारत की Generation X बदलेगी बाजार का चेहरा, 2030 तक करेगी $500 Billion का खर्च

भारत की ‘जेनरेशन एक्स’ आबादी वर्ष 2030 तक 500 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक के सामान और सेवाओं की खपत कर सकती है। सलाहकार फर्म रेडसीर स्ट्रेटजी कंसल्टेंट्स की एक रिपोर्ट में यह अनुमान जताया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, फिलहाल करीब 45-60 वर्ष आयु वर्ग वाली यह पीढ़ी प्रति व्यक्ति खपत में बढ़ोतरी के चलते प्रीमियम और टिकाऊ उत्पादों के लिए महत्वपूर्ण उपभोक्ता वर्ग बन रही है।

रिपोर्ट कहती है कि निवारक स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च 17 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर से बढ़कर वित्त वर्ष 2029-30 तक 73 अरब डॉलर पहुंच सकता है। दरअसल, यह पीढ़ी बीमारी के बाद इलाज के बजाय लंबी उम्र और बेहतर जीवन गुणवत्ता पर केंद्रित स्वास्थ्य उपायों को प्राथमिकता दे रही है। इसी तरह, पोषक-तत्व आधारित स्वास्थ्य उत्पादों पर खर्च भी 25 प्रतिशत की वार्षिक दर से बढ़कर 2030 तक 20 अरब डॉलर हो जाने का अनुमान है।

रेडसीर में साझेदार मृगांक गुटगुटिया ने कहा कि जेन एक्स आर्थिक रूप से स्थिर, डिजिटल रूप से आत्मविश्वासी और अपनी प्राथमिकताओं को लेकर स्पष्ट है। यह पीढ़ी अब बेहतर स्वास्थ्य, गुणवत्तापूर्ण यात्रा अनुभव, बेहतर घर और टिकाऊ उत्पादों पर सोच-समझकर खर्च करती है। रिपोर्ट के मुताबिक, सौंदर्य एवं व्यक्तिगत देखभाल खंड में इस पीढ़ी की खपत 2030 तक बढ़कर आठ अरब डॉलर तक पहुंच सकती है। यात्रा के मामले में यह तबका आरामदायक और प्रीमियम अनुभव को प्राथमिकता दे रहा है। लक्जरी विला और बुटीक आवास जैसे विकल्पों की मांग में सालाना 25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

जेन एक्स पीढ़ी अब भी शिक्षा को भविष्य-केंद्रित खर्च मानती है। शहरी परिवार प्रति बच्चे पर सालाना 10-20 लाख रुपये तक खर्च कर रहे हैं और कैंब्रिज, इंटरनेशनलबोर्ड से पढ़ाई और विदेशी शिक्षा कार्यक्रमों की ओर रुझान बढ़ रहा है।

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