RBI कर्मचारी नियामकीय संतुलन बनाए रखें, ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाएंः Governor Malhotra

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को केंद्रीय बैंक के कर्मचारियों से नए साल में नियामकीय संतुलन बनाए रखने और निगरानी व्यवस्था को और सख्त करने का आह्वान किया। मल्होत्रा ने कर्मचारियों को भेजे अपने वार्षिक संदेश में कहा कि ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण और वित्तीय समावेश आरबीआई के कामकाज के केंद्र में बने रहने चाहिए। उन्होंने कहा, हमें मौद्रिक नीति के ढांचे को मजबूत करने, निगरानी को तेज करने, नियमों को परिस्थितियों के अनुरूप ढालने, वित्तीय बाजारों को विस्तार देने और भुगतान एवं मुद्रा प्रबंधन में सुधार पर ध्यान देना होगा। आरबीआई गवर्नर ने कर्मचारियों से अपने ज्ञान को लगातार बढ़ाने, विश्लेषण क्षमता को मजबूत करने, प्रौद्योगिकी को अपनाने और प्रक्रियाओं में लगातार सुधार करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलते आर्थिक एवं वित्तीय परिदृश्य, प्रौद्योगिकी में बदलाव, वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम और बढ़ती जन-अपेक्षाओं के बीच रिजर्व बैंक की जिम्मेदारियां आने वाले समय में और बढ़ेंगी। मल्होत्रा ने कहा, रिजर्व बैंक को हमेशा अपने लोगों से असली ताकत मिली है और हमारा विश्वास है कि उनका काम भले ही प्रत्यक्ष रूप से दिखाई न दे, लेकिन देश के लिए इसका महत्व गहरा है। उन्होंने कहा कि तकनीकी दक्षता के साथ-साथ ईमानदारी, स्वतंत्रता, दक्षता, विनम्रता और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता जैसे संस्थागत मूल्यों को बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।

PNSPNS
Jan 1, 2026 - 18:48
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RBI कर्मचारी नियामकीय संतुलन बनाए रखें, ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाएंः Governor Malhotra

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को केंद्रीय बैंक के कर्मचारियों से नए साल में नियामकीय संतुलन बनाए रखने और निगरानी व्यवस्था को और सख्त करने का आह्वान किया।

मल्होत्रा ने कर्मचारियों को भेजे अपने वार्षिक संदेश में कहा कि ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण और वित्तीय समावेश आरबीआई के कामकाज के केंद्र में बने रहने चाहिए। उन्होंने कहा, हमें मौद्रिक नीति के ढांचे को मजबूत करने, निगरानी को तेज करने, नियमों को परिस्थितियों के अनुरूप ढालने, वित्तीय बाजारों को विस्तार देने और भुगतान एवं मुद्रा प्रबंधन में सुधार पर ध्यान देना होगा।

आरबीआई गवर्नर ने कर्मचारियों से अपने ज्ञान को लगातार बढ़ाने, विश्लेषण क्षमता को मजबूत करने, प्रौद्योगिकी को अपनाने और प्रक्रियाओं में लगातार सुधार करने पर भी जोर दिया।

उन्होंने कहा कि तेजी से बदलते आर्थिक एवं वित्तीय परिदृश्य, प्रौद्योगिकी में बदलाव, वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम और बढ़ती जन-अपेक्षाओं के बीच रिजर्व बैंक की जिम्मेदारियां आने वाले समय में और बढ़ेंगी।

मल्होत्रा ने कहा, रिजर्व बैंक को हमेशा अपने लोगों से असली ताकत मिली है और हमारा विश्वास है कि उनका काम भले ही प्रत्यक्ष रूप से दिखाई न दे, लेकिन देश के लिए इसका महत्व गहरा है।

उन्होंने कहा कि तकनीकी दक्षता के साथ-साथ ईमानदारी, स्वतंत्रता, दक्षता, विनम्रता और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता जैसे संस्थागत मूल्यों को बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।

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