RBI ने चेक के तेजी से निपटान की प्रणाली के दूसरे चरण को लागू किए जाने को टाला

भारतीय रिजर्व बैंक ने चेक के तेजी से निपटान प्रणाली के दूसरे चरण के कार्यान्वयन को फिलहाल स्थगित कर दिया। इसका मकसद बैंकों को इस व्यवस्था के मुताबिक अपने संचालन को व्यवस्थित करने के लिए अधिक समय उपलब्ध कराना है। ‘चेक ट्रंकेशन सिस्टम’ में चेक मिलने पर निरंतर समाशोधन और निपटान का दूसरा चरण बैंकों द्वारा तीन जनवरी से लागू किया जाना था। ‘चेक ट्रंकेशन सिस्टम’ (सीटीएस) चेक को भौतिक रूप से भेजने के बजाय उसकी इलेक्ट्रॉनिक तस्वीर और एमआईसीआर डेटा (बैंक विवरण) को भेजा जाता है। इससे निपटान तेज होता है। पहले चरण के कार्यान्वयन में कुछ शुरुआती दिक्कतें आई थीं। यह चरण चार अक्टूबर को शुरू हुआ था। दूसरे चरण में, बैंकों को ‘चेक ट्रंकेशन सिस्टम’ में प्राप्ति के तीन घंटे के भीतर चेक ‘क्लियर’ करना अनिवार्य है। भारतीय रिजर्व बैंक ने एक बयान में कहा, ‘‘बैंकों को अपने संचालन को व्यवस्थित करने के लिए अधिक समय देने को लेकर दूसरे चरण का कार्यान्वयन अगली सूचना तक स्थगित किया जा रहा है।’’ चेक प्रस्तुत करने का सत्र का समय भी सुबह नौ बजे से दोपहर तीन बजे तक और पुष्टि सत्र का समय सुबह नौ बजे से शाम सात बजे तक संशोधित किया गया है। आरबीआई ने अगस्त में ‘चेक ट्रंकेशन सिस्टम’ में निरंतर समाशोधन पर निपटान की शुरुआत की घोषणा करते हुए कहा था कि प्रस्तुती सत्र सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक होगा और पुष्टि सत्र सुबह 10 बजे शुरू होकर शाम सात बजे समाप्त होगा। पहले चरण के तहत, आहरित बैंक को अपने पास प्रस्तुत किए गए चेकों की पुष्टि (सकारात्मक/नकारात्मक रूप से) सत्र के अंत (शाम सात बजे) तक करनी होती थी, अन्यथा उन्हें स्वीकृत मानकर निपटान के लिए शामिल कर लिया जाता था। अब, चेक को स्कैन किया जाता है, प्रस्तुत किया जाता है और कुछ ही घंटों में और व्यावसायिक घंटों के दौरान निरंतर आधार पर पास कर दिया जाता है। इस बदलाव ने दो कार्यदिवसों तक के चेक क्लियरिंग चक्र को एक नई और तेज प्रक्रिया से बदल दिया है। इसमें चेक प्रस्तुत किए जाने के कुछ ही घंटों के भीतर चेक क्लियर हो जाएंगे। दूसरे चरण में, चेक की ‘आइटम’ समाप्ति अवधि को टी प्लस 3 क्लियरिंग घंटों में बदला जाना है।

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Dec 27, 2025 - 10:26
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RBI ने चेक के तेजी से निपटान की प्रणाली के दूसरे चरण को लागू किए जाने को टाला

भारतीय रिजर्व बैंक ने चेक के तेजी से निपटान प्रणाली के दूसरे चरण के कार्यान्वयन को फिलहाल स्थगित कर दिया। इसका मकसद बैंकों को इस व्यवस्था के मुताबिक अपने संचालन को व्यवस्थित करने के लिए अधिक समय उपलब्ध कराना है।

‘चेक ट्रंकेशन सिस्टम’ में चेक मिलने पर निरंतर समाशोधन और निपटान का दूसरा चरण बैंकों द्वारा तीन जनवरी से लागू किया जाना था। ‘चेक ट्रंकेशन सिस्टम’ (सीटीएस) चेक को भौतिक रूप से भेजने के बजाय उसकी इलेक्ट्रॉनिक तस्वीर और एमआईसीआर डेटा (बैंक विवरण) को भेजा जाता है। इससे निपटान तेज होता है।

पहले चरण के कार्यान्वयन में कुछ शुरुआती दिक्कतें आई थीं। यह चरण चार अक्टूबर को शुरू हुआ था। दूसरे चरण में, बैंकों को ‘चेक ट्रंकेशन सिस्टम’ में प्राप्ति के तीन घंटे के भीतर चेक ‘क्लियर’ करना अनिवार्य है।

भारतीय रिजर्व बैंक ने एक बयान में कहा, ‘‘बैंकों को अपने संचालन को व्यवस्थित करने के लिए अधिक समय देने को लेकर दूसरे चरण का कार्यान्वयन अगली सूचना तक स्थगित किया जा रहा है।’’

चेक प्रस्तुत करने का सत्र का समय भी सुबह नौ बजे से दोपहर तीन बजे तक और पुष्टि सत्र का समय सुबह नौ बजे से शाम सात बजे तक संशोधित किया गया है। आरबीआई ने अगस्त में ‘चेक ट्रंकेशन सिस्टम’ में निरंतर समाशोधन पर निपटान की शुरुआत की घोषणा करते हुए कहा था कि प्रस्तुती सत्र सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक होगा और पुष्टि सत्र सुबह 10 बजे शुरू होकर शाम सात बजे समाप्त होगा।

हले चरण के तहत, आहरित बैंक को अपने पास प्रस्तुत किए गए चेकों की पुष्टि (सकारात्मक/नकारात्मक रूप से) सत्र के अंत (शाम सात बजे) तक करनी होती थी, अन्यथा उन्हें स्वीकृत मानकर निपटान के लिए शामिल कर लिया जाता था। अब, चेक को स्कैन किया जाता है, प्रस्तुत किया जाता है और कुछ ही घंटों में और व्यावसायिक घंटों के दौरान निरंतर आधार पर पास कर दिया जाता है।

इस बदलाव ने दो कार्यदिवसों तक के चेक क्लियरिंग चक्र को एक नई और तेज प्रक्रिया से बदल दिया है। इसमें चेक प्रस्तुत किए जाने के कुछ ही घंटों के भीतर चेक क्लियर हो जाएंगे। दूसरे चरण में, चेक की ‘आइटम’ समाप्ति अवधि को टी प्लस 3 क्लियरिंग घंटों में बदला जाना है।

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