केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने सोमवार को सतलुज फिल्म को लेकर अभिनेता-गायक दिलजीत दोसांझ पर तीखा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि फिल्म में दिखाई गई बातें गलत हैं और इसके दावे 100 प्रतिशत गुमराह करने वाले हैं। बिट्टू ने कहा कि दिलजीत दोसांझ के लिए मेरे मन में अब कोई सम्मान नहीं बचा है। लगता है कि वह किसी खालिस्तानी प्रभाव में आ गए थे, तभी उन्होंने यह फिल्म करने का फैसला किया।
केंद्रीय मंत्री ने फ़िल्म की रिलीज़ पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि इसे जल्दबाज़ी में रिलीज़ किया गया। उन्होंने कहा कि उन्होंने फ़िल्म को जल्दबाज़ी में रिलीज़ किया। मुझे नहीं लगता कि मैं अब उनका सम्मान कर सकता हूँ। फ़िल्म में दिखाए गए तथ्य 100 प्रतिशत गुमराह करने वाले हैं। बिट्टू ने दावा किया कि फ़िल्म में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या को 'ऑपरेशन ब्लू स्टार' से जोड़ा गया है और आरोप लगाया कि इसमें उस दौरान हुई हिंसा का अधूरा ब्यौरा पेश किया गया है।
उन्होंने कहा कि फ़िल्म में पुलिस और आतंकवादियों की तो बात की गई है, लेकिन बेगुनाह लोगों की मौत का ज़िक्र नहीं किया गया। बिट्टू ने पूछा कि फ़िल्म में आप सिर्फ़ पुलिस और आतंकवादियों की बात करते हैं, लेकिन उन बेगुनाह लोगों के बारे में बात क्यों नहीं करते जिनकी मौत हुई? उन्होंने मंगलवार को होने वाली अरदास से पहले श्री अकाल तख्त साहिब से भी अपील की कि वे उन सभी बेगुनाह लोगों के लिए प्रार्थना करें जिनकी जान चली गई। उन्होंने कहा कि मैं श्री अकाल तख्त साहिब से अपील करता हूं, जो कल अरदास करने जा रहा है, कि वह सभी बेगुनाह लोगों के लिए भी अरदास करे।
हालांकि, बिट्टू ने कहा कि उन्हें फिल्म में दिखाए गए तरीके से आपत्ति है, न कि खुद दोसांझ से। उन्होंने कहा कि हमें दिलजीत दोसांझ से कोई दिक्कत नहीं है। हम इस पर कोई राजनीति नहीं चाहते। उन्होंने यह भी कहा कि वह जसवंत सिंह खालरा के परिवार से मिलेंगे। केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि खालरा की तकलीफ़ का इस्तेमाल किया गया है और कहा कि वह खालरा की पत्नी की ओर से एक आयोग बनाने की मांग का समर्थन करते हैं।
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