Ram Lalla Shringar: Ayodhya Ram Mandir में Ram Lalla की पोशाक का रहस्य, क्यों Navgraha के अनुसार बदलते हैं वस्त्रों के रंग

अयोध्या के राम मंदिर में विराजमान रामलला के राजसी ठाठ हैं। हर रोज रामलला के वस्त्र बदले जाते हैं। रामलला हर रोज अलग-अलग रंग की पोशाकें पहन रहे हैं। वहीं रामलला की पोशाकें भक्तों को भी काफी आकर्षक लगती हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक रामलला की पोषाकों के रंगों का चयन ग्रहों के मुताबिक किया गया है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि रामलला का श्रृंगार रोज अलग रंग के कपड़ों से क्यों होता है और इसका क्या महत्व है।रामलला की पोषाकेंबता दें कि रामलला के अधिकतर वस्त्र बंगाल, राजस्थान, उड़ीसा, कश्मीर और आंध्र के सिल्क के बनते हैं। रामलला सोमवार को सफेद, मंगलवार को लाल, बुधवार का हरा, बृहस्पति वार को पीला, शुक्रवार को क्रीम, शनिवार को नीला और रविवार को गुलाबी रंग के कपड़े पहनते हैं। रोजाना नई धोती और दो पटका पहनते हैं। इसमें एक पटका छोटा और दूसरा बड़ा होता है। पटकों पर गुलाबी रंग की छपाई होती है। कुल मिलाकर यह पूरी तरह से भारतीय परंपरागत परिधान हैं।इसे भी पढ़ें: Simhachalam Temple में साल में सिर्फ 24 घंटे होते हैं असली दर्शन, Akshaya Tritiya पर हटती है चंदन की परतमहत्वआयोध्या में विराजमान रामलला अपने बाल रूप में हैं। इसलिए रामलला को नजर लगने का डर लगा रहता है। इस कारण रामलला को नवग्रह से बचाने के लिए उनकी पोशाक में नवरत्न जड़े गए हैं। भगवान श्रीराम के बाल स्वरूप को किसी की नजर न लगे, इस कारण उनको खास तरह की पोशाकें पहनाई जाती हैं।

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Aug 1, 2026 - 17:42
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Ram Lalla Shringar: Ayodhya Ram Mandir में Ram Lalla की पोशाक का रहस्य, क्यों Navgraha के अनुसार बदलते हैं वस्त्रों के रंग
अयोध्या के राम मंदिर में विराजमान रामलला के राजसी ठाठ हैं। हर रोज रामलला के वस्त्र बदले जाते हैं। रामलला हर रोज अलग-अलग रंग की पोशाकें पहन रहे हैं। वहीं रामलला की पोशाकें भक्तों को भी काफी आकर्षक लगती हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक रामलला की पोषाकों के रंगों का चयन ग्रहों के मुताबिक किया गया है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि रामलला का श्रृंगार रोज अलग रंग के कपड़ों से क्यों होता है और इसका क्या महत्व है।

रामलला की पोषाकें

बता दें कि रामलला के अधिकतर वस्त्र बंगाल, राजस्थान, उड़ीसा, कश्मीर और आंध्र के सिल्क के बनते हैं। रामलला सोमवार को सफेद, मंगलवार को लाल, बुधवार का हरा, बृहस्पति वार को पीला, शुक्रवार को क्रीम, शनिवार को नीला और रविवार को गुलाबी रंग के कपड़े पहनते हैं। रोजाना नई धोती और दो पटका पहनते हैं। इसमें एक पटका छोटा और दूसरा बड़ा होता है। पटकों पर गुलाबी रंग की छपाई होती है। कुल मिलाकर यह पूरी तरह से भारतीय परंपरागत परिधान हैं।

इसे भी पढ़ें: Simhachalam Temple में साल में सिर्फ 24 घंटे होते हैं असली दर्शन, Akshaya Tritiya पर हटती है चंदन की परत


महत्व

आयोध्या में विराजमान रामलला अपने बाल रूप में हैं। इसलिए रामलला को नजर लगने का डर लगा रहता है। इस कारण रामलला को नवग्रह से बचाने के लिए उनकी पोशाक में नवरत्न जड़े गए हैं। भगवान श्रीराम के बाल स्वरूप को किसी की नजर न लगे, इस कारण उनको खास तरह की पोशाकें पहनाई जाती हैं।

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