Rajiv Gandhi Death Anniversary: सियासत में नहीं थी दिलचस्पी, जानें कैसे Pilot से PM बने Rajiv Gandhi

आज ही के दिन यानी की 21 मई को देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या कर दी गई थी। राजीव गांधी न सिर्फ भारत के सबसे युवा प्रधानमंत्री थे, बल्कि वह एक ऐसे दूरदर्शी नेता भी थे, जिन्होंने देश को 21वीं सदी के लिए तैयार करने की नींव भी रखी थी। राजीव गांधी ने देश के विकास, शिक्षा, विज्ञान और तकनीकी क्षेत्र में अहम योगदान दिया था। वह भारतीय राजनीति के एक प्रमुख और प्रभावशाली नेता थे। तो आइए जानते हैं उनकी डेथ एनिवर्सरी के मौके पर पूर्व पीएम राजीव गांधी के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...जन्म और परिवारमुंबई में 20 अगस्त 1944 को राजीव गांधी का जन्म हुआ था। इनके पिता का नाम फिरोज गांधी और मां का नाम इंदिरा गांधी था। राजीव गांधी की मां इंदिरा गांधी देश के पहली महिला प्रधानमंत्री थीं। वहीं आजाद भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू राजीव गांधी के नाना थे। राजीव गांधी ने पहले दून स्कूल से शिक्षा प्राप्त की। फिर उच्च शिक्षा के लिए कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी और इंपीरियल कॉलेज लंदन गए थे।इसे भी पढ़ें: Bhairo Singh Shekhawat Death Anniversary: 50 रुपए में लड़ा था पहला Election, जानें Bhairo Singh Shekhawat के 'बाबोसा' बनने का सफरपायलट थे राजीव गांधीबता दें कि राजीव गांधी एक पायलट थे और 05 मई 1967 को उन्होंने इंडियन एयरलाइंस को अप्रैंटिस के तौर पर ज्वाइन किया था। इसके साथ ही राजीव गांधी ने HS748 टाइप एयरक्राफ्ट के कैप्टन के रूप में काम किया था। वहीं साल 1980 में उनको बोइंग कमांडर का लाइसेंस मिल गया था।राजनीति में एंट्रीराजीव गांधी प्रोफेशन के तौर पर एक पायलट थे और उनको राजनीति में खास दिलचस्पी नहीं थी। इस कारण उनका राजनीति में आने का कोई इरादा नहीं था। लेकिन राजीव के भाई संजय गांधी की आकस्मिक मृत्यु के बाद इंदिरा गांधी और शंकराचार्य स्वामी श्री स्वरूपानंद राजीव गांधी से मिलने गए। इस मीटिंग में शंकराचार्य स्वामी ने राजीव को राजनीति में आने का सुझाव दिया था। जिसके बाद राजीव गांधी राजनीति में उतरे और उन्होंने अपना पहला चुनाव अमेठी से जीता था।देश के सबसे युवा PMराजीव गांधी देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री थे। बता दें कि वह सिर्फ 40 साल की उम्र में प्रधानमंत्री बने थे। इंदिरा गांधी की हत्या के फौरन बाद राजीव गांधी को देश के अगले प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई गई थी।वोटिंग का अधिकारराजीव गांधी ने प्रधानमंत्री रहते हुए देश के युवाओं की महत्ता को ध्यान में रखते हुए संविधान में संशोधन के तहत वोट डालने की उम्र 21 साल घटाकर 18 साल कर दिया था। इस तरह से देश में रातों-रात 5 करोड़ युवा मतदाता तैयार हो गए। जिसका असर आगे के चुनाव में देखने को मिला था।राजीव गांधी देश के एक ऐसे पीएम रहे, जोकि देश में कई नई शुरूआत और बदलाव के लिए जाने जाते हैं। राजीव गांधी ने देश में टेक्नोलॉजी को आगे बढ़ाने का भी काम किया था। अगर कहा जाए कि आज का बदला भारत जो आप महसूस करते हैं, उसकी नींव राजीव गांधी ने रखी थी।मृत्युवहीं 21 मई 1991 में तमिलनाडु के श्रीपेरंबुदूर में एक चुनावी रैली के दौरान राजीव गांधी की हत्या कर दी गई थी।

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May 22, 2026 - 11:24
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Rajiv Gandhi Death Anniversary: सियासत में नहीं थी दिलचस्पी, जानें कैसे Pilot से PM बने Rajiv Gandhi
आज ही के दिन यानी की 21 मई को देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या कर दी गई थी। राजीव गांधी न सिर्फ भारत के सबसे युवा प्रधानमंत्री थे, बल्कि वह एक ऐसे दूरदर्शी नेता भी थे, जिन्होंने देश को 21वीं सदी के लिए तैयार करने की नींव भी रखी थी। राजीव गांधी ने देश के विकास, शिक्षा, विज्ञान और तकनीकी क्षेत्र में अहम योगदान दिया था। वह भारतीय राजनीति के एक प्रमुख और प्रभावशाली नेता थे। तो आइए जानते हैं उनकी डेथ एनिवर्सरी के मौके पर पूर्व पीएम राजीव गांधी के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...

जन्म और परिवार

मुंबई में 20 अगस्त 1944 को राजीव गांधी का जन्म हुआ था। इनके पिता का नाम फिरोज गांधी और मां का नाम इंदिरा गांधी था। राजीव गांधी की मां इंदिरा गांधी देश के पहली महिला प्रधानमंत्री थीं। वहीं आजाद भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू राजीव गांधी के नाना थे। राजीव गांधी ने पहले दून स्कूल से शिक्षा प्राप्त की। फिर उच्च शिक्षा के लिए कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी और इंपीरियल कॉलेज लंदन गए थे।

इसे भी पढ़ें: Bhairo Singh Shekhawat Death Anniversary: 50 रुपए में लड़ा था पहला Election, जानें Bhairo Singh Shekhawat के 'बाबोसा' बनने का सफर

पायलट थे राजीव गांधी

बता दें कि राजीव गांधी एक पायलट थे और 05 मई 1967 को उन्होंने इंडियन एयरलाइंस को अप्रैंटिस के तौर पर ज्वाइन किया था। इसके साथ ही राजीव गांधी ने HS748 टाइप एयरक्राफ्ट के कैप्टन के रूप में काम किया था। वहीं साल 1980 में उनको बोइंग कमांडर का लाइसेंस मिल गया था।

राजनीति में एंट्री

राजीव गांधी प्रोफेशन के तौर पर एक पायलट थे और उनको राजनीति में खास दिलचस्पी नहीं थी। इस कारण उनका राजनीति में आने का कोई इरादा नहीं था। लेकिन राजीव के भाई संजय गांधी की आकस्मिक मृत्यु के बाद इंदिरा गांधी और शंकराचार्य स्वामी श्री स्वरूपानंद राजीव गांधी से मिलने गए। इस मीटिंग में शंकराचार्य स्वामी ने राजीव को राजनीति में आने का सुझाव दिया था। जिसके बाद राजीव गांधी राजनीति में उतरे और उन्होंने अपना पहला चुनाव अमेठी से जीता था।

देश के सबसे युवा PM

राजीव गांधी देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री थे। बता दें कि वह सिर्फ 40 साल की उम्र में प्रधानमंत्री बने थे। इंदिरा गांधी की हत्या के फौरन बाद राजीव गांधी को देश के अगले प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई गई थी।

वोटिंग का अधिकार

राजीव गांधी ने प्रधानमंत्री रहते हुए देश के युवाओं की महत्ता को ध्यान में रखते हुए संविधान में संशोधन के तहत वोट डालने की उम्र 21 साल घटाकर 18 साल कर दिया था। इस तरह से देश में रातों-रात 5 करोड़ युवा मतदाता तैयार हो गए। जिसका असर आगे के चुनाव में देखने को मिला था।

राजीव गांधी देश के एक ऐसे पीएम रहे, जोकि देश में कई नई शुरूआत और बदलाव के लिए जाने जाते हैं। राजीव गांधी ने देश में टेक्नोलॉजी को आगे बढ़ाने का भी काम किया था। अगर कहा जाए कि आज का बदला भारत जो आप महसूस करते हैं, उसकी नींव राजीव गांधी ने रखी थी।

मृत्यु

वहीं 21 मई 1991 में तमिलनाडु के श्रीपेरंबुदूर में एक चुनावी रैली के दौरान राजीव गांधी की हत्या कर दी गई थी।

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