भारत की करीब 60 फीसदी आबादी प्रत्यक्ष या फिर अप्रत्यक्ष रूप से कृषि पर निर्भर है। वहीं इतने तकनीकी विकास के बाद भी अधिकतर किसान वर्षा आधारित खेती करते हैं। कई बार सूखा, तूफान, बेमौसम बारिश और अन्य प्राकृतिक आपदा के कारण फसल बर्बाद हो जाती है। फसल खराब होने पर इसका नुकसान किसानों को उठाना पड़ता है। ऐसे में केंद्र सरकार द्वारा किसानों की समस्या को मद्देनजर रखते हुए पीएम फसल बीमा योजना की शुरूआत की गई थी। जो प्राकृतिक आपदा की स्थिति होने पर किसानों को वित्तीय सहायता देती है।
ऐसे में कई राज्य सरकारें इस योजना को अपने राज्य में सफलता पूर्वक लागू करके किसानों को समय पर मुआवजा देकर नजीर पेश कर रही हैं। इस कड़ी में पुडुचेरी सरकार ने भी एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। दरअसल, पुडुचेरी सरकार के कृषि और किसान कल्याण विभाग द्वारा पीएम फसल बीमा योजना को राज्य में न सिर्फ सफलतापूर्वक लागू किया, बल्कि समय पर किसानों को मुआवजा देने के मामले में छोटे राज्यों की श्रेणी में टॉप रैंक भी हासिल किया है।
छोटे राज्यों की श्रेणी में टॉप रैंक
इसके लिए पुडुचेरी सरकार को केंद्र की ओर से पुरस्कार भी मिला है। पुडुचेरी कृषि और किसान कल्याण विभाग द्वारा साल 2016-2017 और 2022-2023 के दौरान किसानों के कल्याण के लिए शुरू की जाने वाली केंद्र सरकार की योजना पीएम फसल बीमा योजना को सफलतापूर्वक लागू किया है। राज्य में अब तक करीब 72,000 किसान रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। जिनमें करीब 25,000 किसान प्राकृतिक आपदाओं की वजह से प्रभावित हो चुके हैं। वहीं 25000 किसानों को फसल क्षति मुआवजे के रूप में 29 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।