PIB fact check: पेट्रोल 10 और डीजल 12.50 रुपये महंगा होगा? सोशल मीडिया पर मचे हड़कंप के बीच सरकार ने बताया पूरा सच
सोशल मीडिया पर एक वायरल मैसेज सर्कुलेट हो रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि पेट्रोल की कीमतों में 10 रुपये और डीजल की कीमतों में 12.50 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। वायरल वीडियो का खंडन करते हुए, सरकार की फैक्ट चेक एजेंसी पीआईबी फैक्ट चेक ने कहा है कि यह दावा फर्जी है। पीआईबी फैक्ट चेक ने स्पष्ट किया है कि पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (एमओपीएनजी) द्वारा ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे एक आदेश में दावा किया गया है कि इसे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में क्रमशः ₹10 और ₹12.50 की वृद्धि की गई है। पीआईबी फैक्ट चेक ने एक्स पर लिखा, यह आदेश फर्जी है।इसे भी पढ़ें: पश्चिम एशिया संकट की मार! Petrol- Diesel पर ₹18 तक पहुँचा तेल कंपनियों का घाटा, सब्सिडी का बोझ बढ़ने के आसारकैसे शुरू हुई अफवाह?दरअसल, सोशल मीडिया पर एक कथित सरकारी आदेश का स्क्रीनशॉट काफी तेजी से वायरल हो रहा था। इस फर्जी स्क्रीनशॉट में दावा किया गया था कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी होने वाली है। चूंकि ईंधन के दाम सीधे तौर पर आम आदमी की जेब से जुड़े होते हैं, इसलिए इस मैसेज ने देखते ही देखते लोगों के बीच भ्रम और चिंता पैदा कर दी।इसे भी पढ़ें: तो क्या भविष्य में पूरी तरह खत्म हो जाएंगी Petrol-Diesel Car? जानिए नितिन गडकरी ने क्यों कही ये बातसरकार की अपील: बिना पुष्टि किए खबरों पर भरोसा न करेंइस वायरल दावे का खंडन करते हुए सरकार और प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने जनता को सतर्क रहने की सलाह दी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी खबर या वायरल मैसेज पर यकीन करने से पहले उसकी पुष्टि आधिकारिक स्रोतों से जरूर कर लें। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बदलाव से जुड़ा कोई भी फैसला हमेशा संबंधित मंत्रालय या अधिकृत सरकारी चैनलों के माध्यम से ही जारी किया जाता है। पीआईबी ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर फैलने वाली ऐसी झूठी खबरें समाज में बेवजह घबराहट और अफरातफरी का माहौल बनाती हैं। ऐसे में यह हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह समझदारी दिखाए और किसी भी संदिग्ध या भ्रामक जानकारी को बिना उसकी सच्चाई जाने आगे शेयर (Forward) न करे।
सोशल मीडिया पर एक वायरल मैसेज सर्कुलेट हो रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि पेट्रोल की कीमतों में 10 रुपये और डीजल की कीमतों में 12.50 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। वायरल वीडियो का खंडन करते हुए, सरकार की फैक्ट चेक एजेंसी पीआईबी फैक्ट चेक ने कहा है कि यह दावा फर्जी है। पीआईबी फैक्ट चेक ने स्पष्ट किया है कि पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (एमओपीएनजी) द्वारा ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे एक आदेश में दावा किया गया है कि इसे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में क्रमशः ₹10 और ₹12.50 की वृद्धि की गई है। पीआईबी फैक्ट चेक ने एक्स पर लिखा, यह आदेश फर्जी है।
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कैसे शुरू हुई अफवाह?
दरअसल, सोशल मीडिया पर एक कथित सरकारी आदेश का स्क्रीनशॉट काफी तेजी से वायरल हो रहा था। इस फर्जी स्क्रीनशॉट में दावा किया गया था कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी होने वाली है। चूंकि ईंधन के दाम सीधे तौर पर आम आदमी की जेब से जुड़े होते हैं, इसलिए इस मैसेज ने देखते ही देखते लोगों के बीच भ्रम और चिंता पैदा कर दी।
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सरकार की अपील: बिना पुष्टि किए खबरों पर भरोसा न करें
इस वायरल दावे का खंडन करते हुए सरकार और प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने जनता को सतर्क रहने की सलाह दी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी खबर या वायरल मैसेज पर यकीन करने से पहले उसकी पुष्टि आधिकारिक स्रोतों से जरूर कर लें। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बदलाव से जुड़ा कोई भी फैसला हमेशा संबंधित मंत्रालय या अधिकृत सरकारी चैनलों के माध्यम से ही जारी किया जाता है। पीआईबी ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर फैलने वाली ऐसी झूठी खबरें समाज में बेवजह घबराहट और अफरातफरी का माहौल बनाती हैं। ऐसे में यह हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह समझदारी दिखाए और किसी भी संदिग्ध या भ्रामक जानकारी को बिना उसकी सच्चाई जाने आगे शेयर (Forward) न करे।
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