Pakistani Airstrikes In Afghanistan | अफगानिस्तान में पाकिस्तान के हवाई हमलों में कम से कम 13 लोगों की मौत

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमाई संघर्ष और तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। बुधवार को अफगानिस्तान ने दावा किया कि पाकिस्तानी सेना ने देश के भीतर नए सिरे से घातक हवाई हमले किए हैं। इन हमलों में कम से कम 13 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि 14 अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। तालिबान के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने इस सैन्य कार्रवाई की पुष्टि करते हुए विस्तृत जानकारी साझा की। मुजाहिद के मुताबिक, पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों और ड्रोनों ने अफगानिस्तान के तीन प्रमुख सीमावर्ती प्रांतों को निशाना बनाया- खोस्त (Khost), कुनार (Kunar), पक्तिका (Paktika)।इसे भी पढ़ें: Indian Economy के लिए बड़ी खुशखबरी, Experts के अनुमान फेल, 7.1 अरब डॉलर का Current Account Surplus उन्होंने बताया कि इन हमलों में 11 बच्चों, एक महिला और एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत हो गई। पाकिस्तान की ओर से इन हमलों की तत्काल कोई पुष्टि नहीं की गई या कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। फरवरी के अंत से पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच कई महीनों से घातक संघर्ष जारी है, जिसमें सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं। यह संघर्ष तब और बढ़ गया था जब अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के भीतर जवाबी सीमा-पार हमला किया था। यह हमला पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान के अंदर किए गए हवाई हमलों के प्रतिशोध में किया गया था। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान ऐसे चरमपंथियों को शरण देता है, जो पाकिस्तान के भीतर घातक हमले करते हैं। इनमें विशेष रूप से पाकिस्तान तालिबान शामिल है, जिसे तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) कहा जाता है। हालांकि, काबुल पाकिस्तान के इन आरोपों को खारिज करता रहा है।इसे भी पढ़ें: छत्रपति शिवाजी पर इजरायल का दुनिया हिलाने वाला ऐलान, इस्लामिक देशों की उड़ी नींद!क्या है टीटीपी और अफगान तालिबान का संबंध?तकनीकी रूप से टीटीपी (TTP) अफगान तालिबान से एक अलग और स्वतंत्र संगठन है, लेकिन वैचारिक रूप से दोनों एक-दूसरे के मजबूत सहयोगी माने जाते हैं।गौरतलब है कि साल 2021 में अमेरिकी और नाटो (NATO) सेनाओं की अव्यवस्थित और जल्दबाजी में हुई वापसी के बाद, अफगान तालिबान ने बंदूक के दम पर काबुल की सत्ता पर कब्जा कर लिया था। तब से अफगानिस्तान पर तालिबान का शासन है, लेकिन पड़ोसी पाकिस्तान के साथ उनके संबंध सुधरने के बजाय लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। बुधवार को हुए इन ताजा हमलों ने क्षेत्र में एक नए मानवीय और भू-राजनीतिक संकट को जन्म दे दिया है।  Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi 

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Jun 10, 2026 - 12:00
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Pakistani Airstrikes In Afghanistan | अफगानिस्तान में पाकिस्तान के हवाई हमलों में कम से कम 13 लोगों की मौत

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमाई संघर्ष और तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। बुधवार को अफगानिस्तान ने दावा किया कि पाकिस्तानी सेना ने देश के भीतर नए सिरे से घातक हवाई हमले किए हैं। इन हमलों में कम से कम 13 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि 14 अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। तालिबान के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने इस सैन्य कार्रवाई की पुष्टि करते हुए विस्तृत जानकारी साझा की। मुजाहिद के मुताबिक, पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों और ड्रोनों ने अफगानिस्तान के तीन प्रमुख सीमावर्ती प्रांतों को निशाना बनाया- खोस्त (Khost), कुनार (Kunar), पक्तिका (Paktika)।

इसे भी पढ़ें: Indian Economy के लिए बड़ी खुशखबरी, Experts के अनुमान फेल, 7.1 अरब डॉलर का Current Account Surplus

उन्होंने बताया कि इन हमलों में 11 बच्चों, एक महिला और एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत हो गई। पाकिस्तान की ओर से इन हमलों की तत्काल कोई पुष्टि नहीं की गई या कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। फरवरी के अंत से पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच कई महीनों से घातक संघर्ष जारी है, जिसमें सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं। यह संघर्ष तब और बढ़ गया था जब अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के भीतर जवाबी सीमा-पार हमला किया था। यह हमला पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान के अंदर किए गए हवाई हमलों के प्रतिशोध में किया गया था।

पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान ऐसे चरमपंथियों को शरण देता है, जो पाकिस्तान के भीतर घातक हमले करते हैं। इनमें विशेष रूप से पाकिस्तान तालिबान शामिल है, जिसे तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) कहा जाता है। हालांकि, काबुल पाकिस्तान के इन आरोपों को खारिज करता रहा है।

इसे भी पढ़ें: छत्रपति शिवाजी पर इजरायल का दुनिया हिलाने वाला ऐलान, इस्लामिक देशों की उड़ी नींद!

क्या है टीटीपी और अफगान तालिबान का संबंध?

तकनीकी रूप से टीटीपी (TTP) अफगान तालिबान से एक अलग और स्वतंत्र संगठन है, लेकिन वैचारिक रूप से दोनों एक-दूसरे के मजबूत सहयोगी माने जाते हैं।गौरतलब है कि साल 2021 में अमेरिकी और नाटो (NATO) सेनाओं की अव्यवस्थित और जल्दबाजी में हुई वापसी के बाद, अफगान तालिबान ने बंदूक के दम पर काबुल की सत्ता पर कब्जा कर लिया था। तब से अफगानिस्तान पर तालिबान का शासन है, लेकिन पड़ोसी पाकिस्तान के साथ उनके संबंध सुधरने के बजाय लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। बुधवार को हुए इन ताजा हमलों ने क्षेत्र में एक नए मानवीय और भू-राजनीतिक संकट को जन्म दे दिया है। 

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