Opposition की बड़ी चूक! स्पीकर Om Birla को हटाने वाले नोटिस में ही मिलीं खामियां, हो सकता था खारिज

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने की मांग करने वाले विपक्षी सांसदों द्वारा प्रस्तुत नोटिस में खामियां पाई गई हैं। लोकसभा सचिवालय सूत्रों ने इस बात की जानकारी दी है। सूत्रों ने बताया कि नोटिस में कुछ घटनाक्रमों का उल्लेख करते हुए चार जगहों पर वर्ष 2026 के बजाय 2025 लिखा गया था और इस आधार पर नोटिस को खारिज भी किया जा सकता था। हालांकि, अध्यक्ष ने सचिवालय को नोटिस में मौजूद खामियों को दूर करने और आगे की कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। ओम बिरला ने नियमों के अनुसार त्वरित कार्रवाई का आदेश दिया है।  इसे भी पढ़ें: Parliament Budget Session | लोकसभा में बड़ा संवैधानिक संकट! स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, 9 मार्च को होगी चर्चाबजट सत्र के दूसरे चरण के प्रारंभ होने के बाद नोटिस को सूचीबद्ध किया जाएगा। संशोधित नोटिस प्राप्त होने के बाद, निर्धारित नियमों के अनुसार इसकी तुरंत जांच की जाएगी। विपक्ष ने बिरला को पद से हटाने के लिए प्रस्ताव लाने संबंधी नोटिस मंगलवार को लोकसभा महासचिव को सौंपा और बिरला पर पक्षपातपूर्ण तरीके से सदन संचालित करने, कांग्रेस सदस्यों पर झूठे इल्जाम लगाने तथा अपने पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया।  इसे भी पढ़ें: Sansad Diary: Budget पर तीखी बहस, Speaker Om Birla के खिलाफ विपक्ष का बड़ा दांवलोकसभा सचिवालय के सूत्रों ने बुधवार को बताया कि विपक्षी सांसदों द्वारा मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने के लिए दिए गए नोटिस में कमियां पाई गईं। घटनाओं का उल्लेख करते हुए चार बार फरवरी, 2025 लिखा गया हैजिसके आधार पर नियमानुसार नोटिस को ख़ारिज किया जा सकता था। उन्होंने बताया कि लोकसभा अध्यक्ष ने सचिवालय को निर्देश दिया कि दोषपूर्ण नोटिस में सुधार करवा के इस पर कार्यवाही की जाए। बिरला ने नियमों के अनुसार त्वरित कार्यवाही के आदेश दिए।’’ सूत्रों का यह भी कहना है कि नोटिस बजट सत्र के द्वितीय चरण की शुरुआत होने पर विचार के लिए सूचीबद्ध किया जा सकता है। 

PNSPNS
Feb 11, 2026 - 15:06
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Opposition की बड़ी चूक! स्पीकर Om Birla को हटाने वाले नोटिस में ही मिलीं खामियां, हो सकता था खारिज
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने की मांग करने वाले विपक्षी सांसदों द्वारा प्रस्तुत नोटिस में खामियां पाई गई हैं। लोकसभा सचिवालय सूत्रों ने इस बात की जानकारी दी है। सूत्रों ने बताया कि नोटिस में कुछ घटनाक्रमों का उल्लेख करते हुए चार जगहों पर वर्ष 2026 के बजाय 2025 लिखा गया था और इस आधार पर नोटिस को खारिज भी किया जा सकता था। हालांकि, अध्यक्ष ने सचिवालय को नोटिस में मौजूद खामियों को दूर करने और आगे की कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। ओम बिरला ने नियमों के अनुसार त्वरित कार्रवाई का आदेश दिया है। 
 

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बजट सत्र के दूसरे चरण के प्रारंभ होने के बाद नोटिस को सूचीबद्ध किया जाएगा। संशोधित नोटिस प्राप्त होने के बाद, निर्धारित नियमों के अनुसार इसकी तुरंत जांच की जाएगी। विपक्ष ने बिरला को पद से हटाने के लिए प्रस्ताव लाने संबंधी नोटिस मंगलवार को लोकसभा महासचिव को सौंपा और बिरला पर पक्षपातपूर्ण तरीके से सदन संचालित करने, कांग्रेस सदस्यों पर झूठे इल्जाम लगाने तथा अपने पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। 
 

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लोकसभा सचिवालय के सूत्रों ने बुधवार को बताया कि विपक्षी सांसदों द्वारा मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने के लिए दिए गए नोटिस में कमियां पाई गईं। घटनाओं का उल्लेख करते हुए चार बार फरवरी, 2025 लिखा गया हैजिसके आधार पर नियमानुसार नोटिस को ख़ारिज किया जा सकता था। उन्होंने बताया कि लोकसभा अध्यक्ष ने सचिवालय को निर्देश दिया कि दोषपूर्ण नोटिस में सुधार करवा के इस पर कार्यवाही की जाए। बिरला ने नियमों के अनुसार त्वरित कार्यवाही के आदेश दिए।’’ सूत्रों का यह भी कहना है कि नोटिस बजट सत्र के द्वितीय चरण की शुरुआत होने पर विचार के लिए सूचीबद्ध किया जा सकता है। 

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