Nepal politics crisis: बालेन शाह का खेल खत्म, नेपाल में तख्तापलट?

क्या नेपाल में एक बार फिर से सत्ता परिवर्तन होगा? क्या नेपाल में लोगों का प्रदर्शन यह कह रहा है कि हाल ही में बने बालेन शाह की सरकार मुश्किलों में है। मार्च 2026 में ही बालेन शाह की सरकार बनी लेकिन एक महीना भी पूरी तरह से नहीं बीता कि उनके खिलाफ देश भर में जन आक्रोश देखने को मिल रहा है। विरोध प्रदर्शन के दौर शुरू हो चुके हैं और विरोध के कई कारण हैं। छात्र संघ भी नाराज हैं। छात्र नाराज है। जिस जेन जेड आंदोलन के बाद बालेन शाह सत्ता में आए अब वही जेन जेड एक बार फिर आंदोलन के मूड में है। इसकी कई वजह हैं। विरोध के मुख्य कारणों में छात्र संघों का भंग कर देना एक बड़ा फैसला है। हाल ही में बालशाह ने एक और बड़ा फैसला लिया कि भारत से ₹100 से ज्यादा का सामान जो भी खरीद कर नेपाल के लोग ले जाएंगे तो उन्हें कड़े कस्टम नियमों का पालन करना होगा और साथ ही कस्टम ड्यूटी भी देनी होगी। इसे भी पढ़ें: Kathmandu में 'जहरीली' हुई हवा, AQI 247 के साथ दुनिया का दूसरा सबसे Polluted शहर बनागृह मंत्री पर करप्शन के भी आरोप लगे हैं। नेपाल में सरकार के खिलाफ गुस्से में हैं लोग। कई वजह हैं। सीमा पार व्यापार पर सख्ती को लेकर सरकार को नाराजगी झेलनी पड़ रही है। बालेन शाह की सरकार ने यह फैसला लिया है कि भारत से 100 नेपाली रुपए से अधिक की कोई वस्तु अगर कोई व्यक्ति ले जाता है तो उसे कड़े टैक्स नियमों का पालन करना होगा। सीमावर्ती क्षेत्रों में भारी रोष है। छात्र संघों को भंग कर दिया उन्होंने। सरकार द्वारा छात्र संगठनों को खारिज करने के फैसले से छात्र और युवा सड़कों पर उतर आए हैं। वहीं गृह मंत्री पर भी उन्होंने कई गंभीर आरोप लगाए। गृह मंत्री सुदन गुरंग पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगे हैं। अवैध संपत्ति के गंभीर आरोप लगे हैं। जिससे सरकार की ईमानदारी पर सवाल उठ रहे हैं। यह छात्रों की ओर से नेपाल के नागरिकों की ओर से विरोध किया जा रहा है इस मसले पर। इसे भी पढ़ें: Kathmandu में 'जहरीली' हुई हवा, AQI 247 के साथ दुनिया का दूसरा सबसे Polluted शहर बनाआखिर नेपाल के लोग सड़कों पर क्यों उतर आए हैंउस सरकार के खिलाफ जो 1 महीने पहले ही लगभग बनी है। एक बड़े आंदोलन के बाद बालन शाह सत्ता में आए हैं। नेपाल की जनता ने उन्हें सत्ता सौंपी है। लेकिन उन्हीं बालन शाह के फैसलों से अब नेपाल की जनता नाराज दिख रही है। खासकर जेंस जिस आंदोलन की वजह से उनकी सरकार बनी वही आंदोलन एक बार फिर से उभरता हुआ दिख रहा है नेपाल की सड़कों पर। नेपाल में राजधानी से लेकर दूसरे शहरों में सड़क के अंदर प्रदर्शन हो रहा है तो सदन के अंदर भी प्रदर्शन हो रहा है। सड़क से लेकर सदन तक मौजूदा सरकार का विरोध हो रहा है। कौन-कौन से बड़े फैसले हैं जिसकी वजह से सरकार को विरोध का सामना करना पड़ रहा है।

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Apr 26, 2026 - 16:05
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Nepal politics crisis: बालेन शाह का खेल खत्म, नेपाल में तख्तापलट?
क्या नेपाल में एक बार फिर से सत्ता परिवर्तन होगा? क्या नेपाल में लोगों का प्रदर्शन यह कह रहा है कि हाल ही में बने बालेन शाह की सरकार मुश्किलों में है। मार्च 2026 में ही बालेन शाह की सरकार बनी लेकिन एक महीना भी पूरी तरह से नहीं बीता कि उनके खिलाफ देश भर में जन आक्रोश देखने को मिल रहा है। विरोध प्रदर्शन के दौर शुरू हो चुके हैं और विरोध के कई कारण हैं। छात्र संघ भी नाराज हैं। छात्र नाराज है। जिस जेन जेड आंदोलन के बाद बालेन शाह सत्ता में आए अब वही जेन जेड एक बार फिर आंदोलन के मूड में है। इसकी कई वजह हैं। विरोध के मुख्य कारणों में छात्र संघों का भंग कर देना एक बड़ा फैसला है। हाल ही में बालशाह ने एक और बड़ा फैसला लिया कि भारत से ₹100 से ज्यादा का सामान जो भी खरीद कर नेपाल के लोग ले जाएंगे तो उन्हें कड़े कस्टम नियमों का पालन करना होगा और साथ ही कस्टम ड्यूटी भी देनी होगी। 

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गृह मंत्री पर करप्शन के भी आरोप लगे हैं। नेपाल में सरकार के खिलाफ गुस्से में हैं लोग। कई वजह हैं। सीमा पार व्यापार पर सख्ती को लेकर सरकार को नाराजगी झेलनी पड़ रही है। बालेन शाह की सरकार ने यह फैसला लिया है कि भारत से 100 नेपाली रुपए से अधिक की कोई वस्तु अगर कोई व्यक्ति ले जाता है तो उसे कड़े टैक्स नियमों का पालन करना होगा। सीमावर्ती क्षेत्रों में भारी रोष है। छात्र संघों को भंग कर दिया उन्होंने। सरकार द्वारा छात्र संगठनों को खारिज करने के फैसले से छात्र और युवा सड़कों पर उतर आए हैं। वहीं गृह मंत्री पर भी उन्होंने कई गंभीर आरोप लगाए। गृह मंत्री सुदन गुरंग पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगे हैं। अवैध संपत्ति के गंभीर आरोप लगे हैं। जिससे सरकार की ईमानदारी पर सवाल उठ रहे हैं। यह छात्रों की ओर से नेपाल के नागरिकों की ओर से विरोध किया जा रहा है इस मसले पर। 

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आखिर नेपाल के लोग सड़कों पर क्यों उतर आए हैं

उस सरकार के खिलाफ जो 1 महीने पहले ही लगभग बनी है। एक बड़े आंदोलन के बाद बालन शाह सत्ता में आए हैं। नेपाल की जनता ने उन्हें सत्ता सौंपी है। लेकिन उन्हीं बालन शाह के फैसलों से अब नेपाल की जनता नाराज दिख रही है। खासकर जेंस जिस आंदोलन की वजह से उनकी सरकार बनी वही आंदोलन एक बार फिर से उभरता हुआ दिख रहा है नेपाल की सड़कों पर। नेपाल में राजधानी से लेकर दूसरे शहरों में सड़क के अंदर प्रदर्शन हो रहा है तो सदन के अंदर भी प्रदर्शन हो रहा है। सड़क से लेकर सदन तक मौजूदा सरकार का विरोध हो रहा है। कौन-कौन से बड़े फैसले हैं जिसकी वजह से सरकार को विरोध का सामना करना पड़ रहा है।

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