National Herald Case : नई FIR से सोनिया-राहुल गांधी की मुश्किलें बढ़ीं, आपराधिक साजिश के लगे आरोप

नेशनल हेराल्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। रविवार को दिल्ली पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग ने इन दोनों सीनियर नेताओं के खिलाफ एक नई प्राथमिकी दर्ज की है। इस एफआईआर में उन पर मामले में आपराधिक साजिश रचने का आरोप लगाया गया है।FIR में कौन-कौन शामिल?इस नई एफआईआर में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के अलावा चार और लोगों, सैम पित्रोदा, सुमन दुबे, सुनील भंडारी और एक अज्ञात व्यक्ति का नाम हैं। इसके अलावा, तीन कंपनियों एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL), यंग इंडियन और डोटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड को भी आरोपी बनाया गया है।क्या है मुख्य आरोप?एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि आपराधिक साजिश के तहत नेशनल हेराल्ड अखबार की पेरेंट कंपनी एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड पर धोखे से कब्जा किया गया। इसे भी पढ़ें: ट्रेड टेंशन के बीच विदेश मंत्री Jaishankar ने कहा, अर्थव्यवस्था पर राजनीति हावी, आत्मनिर्भरता भारत की जरूरतयंग इंडियन की भूमिकायंग इंडियन एक नॉट-फॉर-प्रॉफिट कंपनी थी, जिसमें गांधी परिवार की 76% हिस्सेदारी थी। एफआईआर के अनुसार, डोटेक्स मर्चेंडाइज (कोलकाता की एक कथित शेल कंपनी) ने यंग इंडियन को 1 करोड़ रुपये दिए। आरोप है कि इस लेनदेन का इस्तेमाल करते हुए यंग इंडियन ने कांग्रेस पार्टी को 50 लाख रुपये दिए और AJL पर कंट्रोल हासिल कर लिया। AJL के पास उस समय लगभग 2,000 करोड़ रुपये की संपत्ति थी।यह एफआईआर प्रवर्तन निदेशालय की एक शिकायत पर आधारित है, जिसने अपनी जांच रिपोर्ट दिल्ली पुलिस के साथ साझा की थी। इसे भी पढ़ें: Chaitanyananda Saraswati से जुड़े यौन उत्पीड़न मामले में तीन सह-आरोपियों को जमानत मिलीक्या है पूरा नेशनल हेराल्ड केस?यह मामला 2012 का है, जब बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कोर्ट में कांग्रेस नेताओं के खिलाफ धोखाधड़ी और भरोसा तोड़ने का आरोप लगाते हुए केस दायर किया था।नेशनल हेराल्ड अखबार की शुरुआत 1938 में जवाहरलाल नेहरू और अन्य स्वतंत्रता सेनानियों ने की थी। AJL, जो नेशनल हेराल्ड को प्रकाशित करती थी, 2008 में पैसे की तंगी के चलते बंद हो गई। कंपनी पर 90 करोड़ रुपये का कर्ज था। इस कर्ज़ को चुकाने में मदद के लिए, कांग्रेस पार्टी ने AJL को 90 करोड़ रुपये का लोन दिया।कांग्रेस के मुताबिक, जब AJL लोन नहीं चुका पाई, तो इसे इक्विटी शेयर में बदल दिया गया। चूंकि कोई राजनीतिक पार्टी इक्विटी शेयर नहीं रख सकती, इसलिए इन शेयरों को यंग इंडियन को दे दिया गया, जो 2010 में बनी थी। इस तरह, यंग इंडियन AJL की बहुमत शेयरधारक बन गई, जिसके डायरेक्टर सोनिया गांधी और राहुल गांधी थे। गांधी परिवार के पास कंपनी में 38-38% शेयर हैं।यह एफआईआर, दिल्ली कोर्ट द्वारा नेशनल हेराल्ड केस में अपना फैसला 16 दिसंबर तक टालने के एक दिन बाद आई है।

PNSPNS
Nov 30, 2025 - 13:38
 0
National Herald Case : नई FIR से सोनिया-राहुल गांधी की मुश्किलें बढ़ीं, आपराधिक साजिश के लगे आरोप
नेशनल हेराल्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। रविवार को दिल्ली पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग ने इन दोनों सीनियर नेताओं के खिलाफ एक नई प्राथमिकी दर्ज की है। इस एफआईआर में उन पर मामले में आपराधिक साजिश रचने का आरोप लगाया गया है।

FIR में कौन-कौन शामिल?

इस नई एफआईआर में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के अलावा चार और लोगों, सैम पित्रोदा, सुमन दुबे, सुनील भंडारी और एक अज्ञात व्यक्ति का नाम हैं। इसके अलावा, तीन कंपनियों एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL), यंग इंडियन और डोटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड को भी आरोपी बनाया गया है।

क्या है मुख्य आरोप?

एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि आपराधिक साजिश के तहत नेशनल हेराल्ड अखबार की पेरेंट कंपनी एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड पर धोखे से कब्जा किया गया।
 

इसे भी पढ़ें: ट्रेड टेंशन के बीच विदेश मंत्री Jaishankar ने कहा, अर्थव्यवस्था पर राजनीति हावी, आत्मनिर्भरता भारत की जरूरत


यंग इंडियन की भूमिका

यंग इंडियन एक नॉट-फॉर-प्रॉफिट कंपनी थी, जिसमें गांधी परिवार की 76% हिस्सेदारी थी। एफआईआर के अनुसार, डोटेक्स मर्चेंडाइज (कोलकाता की एक कथित शेल कंपनी) ने यंग इंडियन को 1 करोड़ रुपये दिए। आरोप है कि इस लेनदेन का इस्तेमाल करते हुए यंग इंडियन ने कांग्रेस पार्टी को 50 लाख रुपये दिए और AJL पर कंट्रोल हासिल कर लिया। AJL के पास उस समय लगभग 2,000 करोड़ रुपये की संपत्ति थी।

यह एफआईआर प्रवर्तन निदेशालय की एक शिकायत पर आधारित है, जिसने अपनी जांच रिपोर्ट दिल्ली पुलिस के साथ साझा की थी।
 

इसे भी पढ़ें: Chaitanyananda Saraswati से जुड़े यौन उत्पीड़न मामले में तीन सह-आरोपियों को जमानत मिली


क्या है पूरा नेशनल हेराल्ड केस?

यह मामला 2012 का है, जब बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कोर्ट में कांग्रेस नेताओं के खिलाफ धोखाधड़ी और भरोसा तोड़ने का आरोप लगाते हुए केस दायर किया था।

नेशनल हेराल्ड अखबार की शुरुआत 1938 में जवाहरलाल नेहरू और अन्य स्वतंत्रता सेनानियों ने की थी। AJL, जो नेशनल हेराल्ड को प्रकाशित करती थी, 2008 में पैसे की तंगी के चलते बंद हो गई। कंपनी पर 90 करोड़ रुपये का कर्ज था। इस कर्ज़ को चुकाने में मदद के लिए, कांग्रेस पार्टी ने AJL को 90 करोड़ रुपये का लोन दिया।

कांग्रेस के मुताबिक, जब AJL लोन नहीं चुका पाई, तो इसे इक्विटी शेयर में बदल दिया गया। चूंकि कोई राजनीतिक पार्टी इक्विटी शेयर नहीं रख सकती, इसलिए इन शेयरों को यंग इंडियन को दे दिया गया, जो 2010 में बनी थी। इस तरह, यंग इंडियन AJL की बहुमत शेयरधारक बन गई, जिसके डायरेक्टर सोनिया गांधी और राहुल गांधी थे। गांधी परिवार के पास कंपनी में 38-38% शेयर हैं।

यह एफआईआर, दिल्ली कोर्ट द्वारा नेशनल हेराल्ड केस में अपना फैसला 16 दिसंबर तक टालने के एक दिन बाद आई है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow