Microsoft में फिर चली छंटनी की तलवार, Xbox और Sales विभाग से 4800 Employees निकाले गए

दुनिया की प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनियों में शामिल माइक्रोसॉफ्ट ने नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ एक बड़ा फैसला लेते हुए लगभग 4,800 कर्मचारियों की छंटनी कर दी है। यह संख्या कंपनी के कुल वैश्विक कर्मचारियों का करीब 2.1 प्रतिशत है। सबसे अधिक असर कंपनी के व्यावसायिक बिक्री विभाग और एक्सबॉक्स गेमिंग इकाई पर पड़ा है। बता दें कि पिछले कुछ समय से दुनिया की कई बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियां अपने कारोबार और खर्चों की समीक्षा करते हुए कर्मचारियों की संख्या में बदलाव कर रही हैं।मौजूद जानकारी के अनुसार, माइक्रोसॉफ्ट की मुख्य मानव संसाधन अधिकारी एमी कोलमैन ने कर्मचारियों को भेजे गए संदेश में कहा कि कंपनी तेजी से बदलते उद्योग के अनुसार अपनी प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कदम केवल लागत घटाने के लिए नहीं, बल्कि भविष्य की जरूरतों के अनुरूप निवेश और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि जिन पदों को समाप्त किया गया है, उनकी जगह कृत्रिम बुद्धिमत्ता से काम नहीं कराया जाएगा।गौरतलब है कि माइक्रोसॉफ्ट हर वर्ष जुलाई की शुरुआत में, जो उसका नया वित्तीय वर्ष माना जाता है, संगठनात्मक बदलाव करता रहा है। पिछले वर्ष भी कंपनी ने पहले मई में करीब 6,000 और फिर जुलाई में लगभग 9,000 कर्मचारियों की छंटनी की थी। उस समय कुल मिलाकर करीब चार प्रतिशत कर्मचारियों की संख्या घटाई गई थी। इस बार छंटनी से पहले कंपनी में 2 लाख 20 हजार से अधिक कर्मचारी कार्यरत थे।विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के महीनों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर भारी निवेश और शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव ने भी कंपनियों पर दबाव बढ़ाया है। मौजूद जानकारी के अनुसार, जून महीने में माइक्रोसॉफ्ट के शेयरों में करीब 19 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जो कई वर्षों में सबसे बड़ी मासिक गिरावट मानी जा रही है। निवेशकों के बीच यह चिंता भी बनी हुई है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर हो रहा भारी निवेश भविष्य में कितना लाभ देगा।कंपनी ने इस वर्ष छंटनी से पहले कुछ कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना भी शुरू की थी। इस योजना का लाभ लेने के लिए पात्र कर्मचारियों में से लगभग एक-तिहाई ने इसे स्वीकार किया, जिससे कंपनी को अपेक्षा से कम कर्मचारियों की छंटनी करनी पड़ी हैं।सबसे बड़ा असर माइक्रोसॉफ्ट की गेमिंग इकाई एक्सबॉक्स पर पड़ा है। मौजूद जानकारी के अनुसार, इस विभाग से करीब 1,600 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त की गई हैं। वहीं एक्सबॉक्स की मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशा शर्मा ने कर्मचारियों को बताया कि पूरे वित्तीय वर्ष के दौरान इस इकाई से करीब 3,200 और कर्मचारियों की संख्या कम की जाएगी। इस तरह गेमिंग विभाग के कुल कर्मचारियों में लगभग 20 प्रतिशत की कमी आएगी।आशा शर्मा ने अपने संदेश में स्वीकार किया कि फिलहाल एक्सबॉक्स का कारोबार अपेक्षित स्थिति में नहीं है और लाभ का स्तर अन्य समान कंपनियों की तुलना में काफी कम बना हुआ है। इसी कारण कंपनी अपनी कार्यप्रणाली में बड़े बदलाव कर रही है।बता दें कि इस पुनर्गठन के तहत कम्पल्शन गेम्स, डबल फाइन प्रोडक्शंस, निंजा थ्योरी और अनडेड लैब्स जैसे चार गेम स्टूडियो नए प्रबंधन के तहत स्वतंत्र रूप से काम करेंगे। वहीं आर्केन के फ्रांस स्थित स्टूडियो के भविष्य को लेकर भी आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।कंपनी प्रबंधन का कहना है कि आने वाले समय में संगठन के अन्य विभागों में भी इसी तरह के बदलाव किए जा सकते हैं। माइक्रोसॉफ्ट का मानना है कि बदलती तकनीक, ग्राहकों की नई जरूरतों और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को देखते हुए संगठन को अधिक प्रभावी और लचीला बनाना जरूरी हो गया है। यही वजह है कि कंपनी भविष्य की रणनीति के तहत लगातार अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव कर रही हैं।

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Jul 7, 2026 - 09:10
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Microsoft में फिर चली छंटनी की तलवार, Xbox और Sales विभाग से 4800 Employees निकाले गए
दुनिया की प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनियों में शामिल माइक्रोसॉफ्ट ने नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ एक बड़ा फैसला लेते हुए लगभग 4,800 कर्मचारियों की छंटनी कर दी है। यह संख्या कंपनी के कुल वैश्विक कर्मचारियों का करीब 2.1 प्रतिशत है। सबसे अधिक असर कंपनी के व्यावसायिक बिक्री विभाग और एक्सबॉक्स गेमिंग इकाई पर पड़ा है। बता दें कि पिछले कुछ समय से दुनिया की कई बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियां अपने कारोबार और खर्चों की समीक्षा करते हुए कर्मचारियों की संख्या में बदलाव कर रही हैं।

मौजूद जानकारी के अनुसार, माइक्रोसॉफ्ट की मुख्य मानव संसाधन अधिकारी एमी कोलमैन ने कर्मचारियों को भेजे गए संदेश में कहा कि कंपनी तेजी से बदलते उद्योग के अनुसार अपनी प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कदम केवल लागत घटाने के लिए नहीं, बल्कि भविष्य की जरूरतों के अनुरूप निवेश और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि जिन पदों को समाप्त किया गया है, उनकी जगह कृत्रिम बुद्धिमत्ता से काम नहीं कराया जाएगा।

गौरतलब है कि माइक्रोसॉफ्ट हर वर्ष जुलाई की शुरुआत में, जो उसका नया वित्तीय वर्ष माना जाता है, संगठनात्मक बदलाव करता रहा है। पिछले वर्ष भी कंपनी ने पहले मई में करीब 6,000 और फिर जुलाई में लगभग 9,000 कर्मचारियों की छंटनी की थी। उस समय कुल मिलाकर करीब चार प्रतिशत कर्मचारियों की संख्या घटाई गई थी। इस बार छंटनी से पहले कंपनी में 2 लाख 20 हजार से अधिक कर्मचारी कार्यरत थे।

विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के महीनों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर भारी निवेश और शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव ने भी कंपनियों पर दबाव बढ़ाया है। मौजूद जानकारी के अनुसार, जून महीने में माइक्रोसॉफ्ट के शेयरों में करीब 19 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जो कई वर्षों में सबसे बड़ी मासिक गिरावट मानी जा रही है। निवेशकों के बीच यह चिंता भी बनी हुई है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर हो रहा भारी निवेश भविष्य में कितना लाभ देगा।

कंपनी ने इस वर्ष छंटनी से पहले कुछ कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना भी शुरू की थी। इस योजना का लाभ लेने के लिए पात्र कर्मचारियों में से लगभग एक-तिहाई ने इसे स्वीकार किया, जिससे कंपनी को अपेक्षा से कम कर्मचारियों की छंटनी करनी पड़ी हैं।

सबसे बड़ा असर माइक्रोसॉफ्ट की गेमिंग इकाई एक्सबॉक्स पर पड़ा है। मौजूद जानकारी के अनुसार, इस विभाग से करीब 1,600 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त की गई हैं। वहीं एक्सबॉक्स की मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशा शर्मा ने कर्मचारियों को बताया कि पूरे वित्तीय वर्ष के दौरान इस इकाई से करीब 3,200 और कर्मचारियों की संख्या कम की जाएगी। इस तरह गेमिंग विभाग के कुल कर्मचारियों में लगभग 20 प्रतिशत की कमी आएगी।

आशा शर्मा ने अपने संदेश में स्वीकार किया कि फिलहाल एक्सबॉक्स का कारोबार अपेक्षित स्थिति में नहीं है और लाभ का स्तर अन्य समान कंपनियों की तुलना में काफी कम बना हुआ है। इसी कारण कंपनी अपनी कार्यप्रणाली में बड़े बदलाव कर रही है।

बता दें कि इस पुनर्गठन के तहत कम्पल्शन गेम्स, डबल फाइन प्रोडक्शंस, निंजा थ्योरी और अनडेड लैब्स जैसे चार गेम स्टूडियो नए प्रबंधन के तहत स्वतंत्र रूप से काम करेंगे। वहीं आर्केन के फ्रांस स्थित स्टूडियो के भविष्य को लेकर भी आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

कंपनी प्रबंधन का कहना है कि आने वाले समय में संगठन के अन्य विभागों में भी इसी तरह के बदलाव किए जा सकते हैं। माइक्रोसॉफ्ट का मानना है कि बदलती तकनीक, ग्राहकों की नई जरूरतों और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को देखते हुए संगठन को अधिक प्रभावी और लचीला बनाना जरूरी हो गया है। यही वजह है कि कंपनी भविष्य की रणनीति के तहत लगातार अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव कर रही हैं।

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