Mansukh Mandaviya ने बीएमएस को कामगारों के हितों से जुड़े मुद्दों के निपटान का भरोसा दिलाया

भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने मंगलवार को कहा कि श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने श्रमिकों से जुड़े लंबे समय से लंबित मुद्दों पर विचार करने और जल्द सकारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया है। इनमें कर्मचारियों की न्यूनतम पेंशन को बढ़ाने, कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) और कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) की सीमा में वृद्धि जैसे प्रमुख मुद्दे शामिल हैं। श्रमिक संगठन बीएमएस ने एक बयान में कहा कि महासचिव रवींद्र हिमते के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने श्रम मंत्री से मुलाकात कर अखिल भारतीय स्तर पर असर डालने वाले श्रमिक मुद्दों पर ज्ञापन सौंपा। संगठन ने न्यूनतम पेंशन राशि को मौजूदा 1,000 रुपये से बढ़ाने, ईपीएफ-ईएसआई के लिए निर्धारित सीमा में बढ़ोतरी, बोनस गणना सीमा और ग्रेच्युटी पात्रता अवधि को 15 दिन से बढ़ाकर 30 दिन करने की मांग रखी। बीएमएस ने निजी, सार्वजनिक और सरकारी क्षेत्रों में अनुबंध पर कार्यरत श्रमिकों की स्थिति पर भी चिंता जताई। संगठन ने आईओसीएल, निजी दूरसंचार कंपनियों, राज्य बिजली बोर्ड, ईएसआईसी, एयर इंडिया एक्सप्रेस और कुडनकुलम परमाणु संयंत्र से जुड़े मामलों का भी उल्लेख किया। बयान के मुताबिक, प्रतिनिधिमंडल ने अनुबंधित श्रम (विनियमन एवं उन्मूलन) अधिनियम, 1970 के तहत समान कार्य के लिए समान वेतन के प्रावधान को सख्ती से लागू करने और नियमों का उल्लंघन करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इसके अलावा, निजी परिवहन से जुड़े चालकों के लिए एक अखिल भारतीय कल्याण बोर्ड के गठन का भी मांडविया से आग्रह किया गया। बीएमएस ने कहा कि श्रम मंत्री ने सभी मुद्दों को ध्यान से सुना और गंभीरता से विचार कर शीघ्र समाधान का भरोसा दिया।

PNSPNS
Jan 8, 2026 - 15:40
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Mansukh Mandaviya ने बीएमएस को कामगारों के हितों से जुड़े मुद्दों के निपटान का भरोसा दिलाया

भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने मंगलवार को कहा कि श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने श्रमिकों से जुड़े लंबे समय से लंबित मुद्दों पर विचार करने और जल्द सकारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया है। इनमें कर्मचारियों की न्यूनतम पेंशन को बढ़ाने, कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) और कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) की सीमा में वृद्धि जैसे प्रमुख मुद्दे शामिल हैं।

श्रमिक संगठन बीएमएस ने एक बयान में कहा कि महासचिव रवींद्र हिमते के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने श्रम मंत्री से मुलाकात कर अखिल भारतीय स्तर पर असर डालने वाले श्रमिक मुद्दों पर ज्ञापन सौंपा।

संगठन ने न्यूनतम पेंशन राशि को मौजूदा 1,000 रुपये से बढ़ाने, ईपीएफ-ईएसआई के लिए निर्धारित सीमा में बढ़ोतरी, बोनस गणना सीमा और ग्रेच्युटी पात्रता अवधि को 15 दिन से बढ़ाकर 30 दिन करने की मांग रखी। बीएमएस ने निजी, सार्वजनिक और सरकारी क्षेत्रों में अनुबंध पर कार्यरत श्रमिकों की स्थिति पर भी चिंता जताई।

संगठन ने आईओसीएल, निजी दूरसंचार कंपनियों, राज्य बिजली बोर्ड, ईएसआईसी, एयर इंडिया एक्सप्रेस और कुडनकुलम परमाणु संयंत्र से जुड़े मामलों का भी उल्लेख किया। बयान के मुताबिक, प्रतिनिधिमंडल ने अनुबंधित श्रम (विनियमन एवं उन्मूलन) अधिनियम, 1970 के तहत समान कार्य के लिए समान वेतन के प्रावधान को सख्ती से लागू करने और नियमों का उल्लंघन करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

इसके अलावा, निजी परिवहन से जुड़े चालकों के लिए एक अखिल भारतीय कल्याण बोर्ड के गठन का भी मांडविया से आग्रह किया गया। बीएमएस ने कहा कि श्रम मंत्री ने सभी मुद्दों को ध्यान से सुना और गंभीरता से विचार कर शीघ्र समाधान का भरोसा दिया।

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